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Amethi News: कोर्ट ने निरस्त कर दी पुलिस की फाइनल रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 23 Mar 2026 12:48 AM IST
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अमेठी सिटी। किशोरी के अपहरण से जुड़े नौ माह पुराने प्रकरण में पुलिस की फाइनल रिपोर्ट अदालत ने निरस्त कर दी। प्रोटेस्ट अर्जी पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुल्तानपुर नवनीत सिंह ने जांच में लापरवाही पाई। अदालत ने भाले सुल्तान शहीद स्मारक थाना पुलिस को अग्रिम जांच के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई 20 मई तय हुई है।
प्रकरण में वादिनी ने आरोप लगाया कि पटियाला से किशोरी की तलाशी को गलत तरीके से जगदीशपुर दर्शाया गया। वादिनी के अनुसार 21 जून को दर्ज रिपोर्ट में बताया गया था कि 20 जून की सुबह उनकी 15 वर्षीय पुत्री कक्षा 10 में प्रवेश की बात कहकर घर से निकली थी। रास्ते में ग्राहक सेवा केंद्र से तीन हजार रुपये निकाले गए। इसके बाद किशोरी लापता हो गई। जांच के दौरान अढ़नपुर निवासी दिलीप कुमार का नाम सामने आया।
आरोप है कि किशोरी के साथ घूमने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की गईं। सूचना मिलने पर पुलिस टीम पटियाला पहुंची। वादिनी के रिश्तेदारों की मौजूदगी में किशोरी को आरोपी के रिश्तेदार के घर से पकड़ा गया। वादिनी का कहना है कि विवेचक ने तलाशी स्थल बदलकर गलत विवरण दर्ज किया। साथ ही किशोरी का बयान आरोपी के पक्ष में दर्ज कराया गया।
पीड़िता को अभिभावक के सुपुर्द न कर नारी निकेतन भेजा गया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपियों को क्लीनचिट देते हुए अदालत में फाइनल रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस पर वादिनी ने आपत्ति जताते हुए प्रोटेस्ट अर्जी दाखिल की और विवेचना में कई कमियां बताईं। अदालत ने प्रस्तुत तथ्यों का परीक्षण करने के बाद पुलिस की रिपोर्ट को संतोषजनक नहीं माना। फाइनल रिपोर्ट निरस्त करते हुए पुनः जांच के आदेश दिए गए। संबंधित थाना पुलिस अब सभी बिंदुओं की दोबारा जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
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प्रकरण में वादिनी ने आरोप लगाया कि पटियाला से किशोरी की तलाशी को गलत तरीके से जगदीशपुर दर्शाया गया। वादिनी के अनुसार 21 जून को दर्ज रिपोर्ट में बताया गया था कि 20 जून की सुबह उनकी 15 वर्षीय पुत्री कक्षा 10 में प्रवेश की बात कहकर घर से निकली थी। रास्ते में ग्राहक सेवा केंद्र से तीन हजार रुपये निकाले गए। इसके बाद किशोरी लापता हो गई। जांच के दौरान अढ़नपुर निवासी दिलीप कुमार का नाम सामने आया।
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आरोप है कि किशोरी के साथ घूमने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की गईं। सूचना मिलने पर पुलिस टीम पटियाला पहुंची। वादिनी के रिश्तेदारों की मौजूदगी में किशोरी को आरोपी के रिश्तेदार के घर से पकड़ा गया। वादिनी का कहना है कि विवेचक ने तलाशी स्थल बदलकर गलत विवरण दर्ज किया। साथ ही किशोरी का बयान आरोपी के पक्ष में दर्ज कराया गया।
पीड़िता को अभिभावक के सुपुर्द न कर नारी निकेतन भेजा गया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपियों को क्लीनचिट देते हुए अदालत में फाइनल रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस पर वादिनी ने आपत्ति जताते हुए प्रोटेस्ट अर्जी दाखिल की और विवेचना में कई कमियां बताईं। अदालत ने प्रस्तुत तथ्यों का परीक्षण करने के बाद पुलिस की रिपोर्ट को संतोषजनक नहीं माना। फाइनल रिपोर्ट निरस्त करते हुए पुनः जांच के आदेश दिए गए। संबंधित थाना पुलिस अब सभी बिंदुओं की दोबारा जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।