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Amethi News: मां कात्यायनी से मांगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 25 Mar 2026 12:27 AM IST
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संग्रामपुर के कालिकनधाम में दर्शन के लिए लाइन में लगे श्रद्धालु। संवाद
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सिंहपुर/संग्रामपुर। नवरात्र के छठे दिन मंगलवार को मां कात्यायनी की आराधना की गई। सुबह मंदिरों के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं की कतार लगनी शुरू हो गई। दिनभर जय माता दी के जयकारों से देवी धाम गूंजते रहे। भक्तों ने मां के चरणों में माथा टेककर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
गौरीगंज के राघीपुर स्थित दुर्गन भवानी धाम, संग्रामपुर के सिद्धपीठ मां कालिकन धाम, शाहगढ़ के शमशेरियन भवानी मंदिर, मुसाफिरखाना के हिंगलाज मंदिर और अमेठी के देवीपाटन धाम में विशेष सजावट आकर्षण का केंद्र रही। फूल-मालाओं और रंग-बिरंगी रोशनी से सजे मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतार दिनभर लगी रही। महिलाओं ने चुनरी और साज सज्जा सामग्री अर्पित कर मां का आशीर्वाद लिया।
कई मंदिरों में अखंड पाठ और जागरण का आयोजन हुआ। पुजारी रामचंद्र त्रिवेदी ने बताया कि मां कात्यायनी शक्ति और साहस की प्रतीक हैं। सच्चे मन से आराधना करने पर जीवन के कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। घरों में भी श्रद्धालुओं ने दीप जलाकर परिवार के साथ पूजा-अर्चना की। पंडित कपिल देव मिश्र शास्त्री ने बताया कि नवरात्र में कलश स्थापना के साथ रखा गया नारियल मां की कृपा का प्रतीक माना जाता है। नौ दिन तक विधिविधान से पूजन के बाद इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करना शुभ रहता है।
व्रत के साथ सेहत का रखें ध्यान
नवरात्र में व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को सेहत पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। गौरीगंज सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजीव सौरभ ने बताया कि शरीर में पानी की कमी न होने दें। लंबे समय तक खाली पेट रहने से कमजोरी और डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है। ताजा और हल्का भोजन लेना बेहतर रहता है। अधिक तली-भुनी चीजों से दूरी बनाएं। गर्भवती महिलाएं, मधुमेह और हृदय रोगी अतिरिक्त सतर्कता बरतें और दवाएं नियमित लेते रहें।
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कई मंदिरों में अखंड पाठ और जागरण का आयोजन हुआ। पुजारी रामचंद्र त्रिवेदी ने बताया कि मां कात्यायनी शक्ति और साहस की प्रतीक हैं। सच्चे मन से आराधना करने पर जीवन के कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। घरों में भी श्रद्धालुओं ने दीप जलाकर परिवार के साथ पूजा-अर्चना की। पंडित कपिल देव मिश्र शास्त्री ने बताया कि नवरात्र में कलश स्थापना के साथ रखा गया नारियल मां की कृपा का प्रतीक माना जाता है। नौ दिन तक विधिविधान से पूजन के बाद इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करना शुभ रहता है।
व्रत के साथ सेहत का रखें ध्यान
नवरात्र में व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को सेहत पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। गौरीगंज सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजीव सौरभ ने बताया कि शरीर में पानी की कमी न होने दें। लंबे समय तक खाली पेट रहने से कमजोरी और डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है। ताजा और हल्का भोजन लेना बेहतर रहता है। अधिक तली-भुनी चीजों से दूरी बनाएं। गर्भवती महिलाएं, मधुमेह और हृदय रोगी अतिरिक्त सतर्कता बरतें और दवाएं नियमित लेते रहें।