{"_id":"69a332452939d5ca7208955f","slug":"the-innocent-child-was-cremated-in-the-village-amethi-news-c-96-1-ame1002-159973-2026-02-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: गांव में किया गया मासूम का अंतिम संस्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: गांव में किया गया मासूम का अंतिम संस्कार
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 28 Feb 2026 11:51 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
तिलोई। मोहनगंज के बारकोड गांव निवासी पांच वर्षीय राघव का अंतिम संस्कार शनिवार को गांव में ही श्मशान घाट पर हुआ। मासूम को मुखाग्नि देते समय पिता दिवाकर पांडेय का विलाप सुनकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आईं। हर चेहरा गम में डूबा नजर आया।
परिजनों ने बताया कि राघव चार दिन पहले मां के साथ शिवरतनगंज क्षेत्र के पूरे मोती मजरे कुकहा रामपुर स्थित नाना सदाशिव के घर गया था। शुक्रवार दोपहर वह बच्चों संग घर के पास खेल रहा था। खेलते समय गेंद पास में पानी से भरे गहरे गड्ढे में चली गई। गेंद निकालने के प्रयास में वह गड्ढे में उतर गया। गहराई का अंदाजा न लग पाने से वह पानी में डूब गया। कुछ देर तक नजर न आने पर बच्चों ने शोर मचाया।
आसपास के लोग दौड़कर पहुंचे और खोजबीन शुरू की। प्रारंभिक तलाश आसपास की जगहों पर की गई, बाद में गड्ढे की ओर ध्यान गया। पानी में उतरकर खोजने पर राघव मिला। उसे बाहर निकाला गया, मगर तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। मासूम की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां की हालत देख हर कोई व्यथित हो उठा।
नाना सदाशिव ने बताया कि किसी को अंदेशा नहीं था कि खेल-खेल में ऐसा हादसा हो जाएगा। राघव दो भाइयों में बड़ा था। छोटा भाई करीब तीन वर्ष का है। घर का माहौल देख वह भी कभी रो पड़ता, कभी चुप हो जाता। परिजन एक-दूसरे को संभालते रहे। ग्रामीणों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।
Trending Videos
परिजनों ने बताया कि राघव चार दिन पहले मां के साथ शिवरतनगंज क्षेत्र के पूरे मोती मजरे कुकहा रामपुर स्थित नाना सदाशिव के घर गया था। शुक्रवार दोपहर वह बच्चों संग घर के पास खेल रहा था। खेलते समय गेंद पास में पानी से भरे गहरे गड्ढे में चली गई। गेंद निकालने के प्रयास में वह गड्ढे में उतर गया। गहराई का अंदाजा न लग पाने से वह पानी में डूब गया। कुछ देर तक नजर न आने पर बच्चों ने शोर मचाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
आसपास के लोग दौड़कर पहुंचे और खोजबीन शुरू की। प्रारंभिक तलाश आसपास की जगहों पर की गई, बाद में गड्ढे की ओर ध्यान गया। पानी में उतरकर खोजने पर राघव मिला। उसे बाहर निकाला गया, मगर तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। मासूम की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां की हालत देख हर कोई व्यथित हो उठा।
नाना सदाशिव ने बताया कि किसी को अंदेशा नहीं था कि खेल-खेल में ऐसा हादसा हो जाएगा। राघव दो भाइयों में बड़ा था। छोटा भाई करीब तीन वर्ष का है। घर का माहौल देख वह भी कभी रो पड़ता, कभी चुप हो जाता। परिजन एक-दूसरे को संभालते रहे। ग्रामीणों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।
