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Amethi News: हादसे में तीन दोस्तों की मौत से सिसक उठे गांव, एक साथ उठीं तीन अर्थियां तो हर आंख हुई नम

अमर उजाला नेटवर्क, अमेठी Published by: Bhupendra Singh Updated Fri, 15 May 2026 06:59 PM IST
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सार

अमेठी में हादसे में तीन दोस्तों की मौत से गांव सिसक उठे। एक साथ तीन अर्थियां उठीं तो हर आंख नम दिखी। मां, बहन और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। आगे पढ़ें पूरी खबर...

Three Friends Die in Accident in Amethi Three Funeral Pyres Were Lit Simultaneously Every Eye Was Moist
मुंशीगंज के पूरब दुआरा गांव में रोते-बिलखते करन के परिजन। - फोटो : स्थानीय निवासी।
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विस्तार

यूपी के अमेठी में टांडा-बांदा हाईवे पर हुए सड़क हादसे ने दो गांवों की खुशियां पलभर में छीन लीं। वरीक्षा कार्यक्रम में शामिल होने निकले तीन दोस्त घर वापस नहीं लौट सके। हादसे में रिश्ते में चाचा-भतीजा अंकित और अर्जुन के साथ उनके दोस्त करन की मौत के बाद शुक्रवार को दोनों गांवों में मातम पसरा रहा। एक साथ उठीं तीन अर्थियों ने हर किसी की आंखें नम कर दीं।

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सुल्तानपुर के अंकारीपुर घसीटू का पुरवा गांव में सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटने लगी थी। अंकित और अर्जुन के शव गांव पहुंचते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। मां और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। परिवार के लोग बार-बार यही कहते रहे कि कुछ घंटे पहले हंसते-बोलते घर से निकले दोनों युवक अब कभी वापस नहीं लौटेंगे। गांव के बुजुर्ग और महिलाएं परिजनों को ढांढस बंधाने में जुटे रहे, लेकिन पूरे गांव में गमगीन माहौल बना रहा।

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उधर, पूरब दुआरा गांव में करन की मौत के बाद सन्नाटा पसरा रहा। घर के बाहर जुटी महिलाओं की सिसकियां माहौल को और भारी कर रही थीं। पोस्टमार्टम के बाद करन का शव पूरब दुआरा गांव और अंकित व अर्जुन का शव अंकारीपुर घसीटू का पुरवा गांव पहुंचा। देर शाम तीनों का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।

बेटों को पुकारती रहीं मांएं, गूंजती रहीं सिसकियां

करन की मां किस्मता बिलखते हुए बार-बार यही कहती रहीं कहा था अभी आ रहा हूं, कहां चला गया बेटा।” मां की पुकार सुन वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। ग्रामीण महिलाएं उन्हें संभालने का प्रयास करती रहीं, लेकिन बेटे का चेहरा देखते ही वह बेसुध हो जाती थीं। 

बहन पल्लवी और भाई आदित्य भी गहरे सदमे में दिखे। पिता रमई बेटे की मौत से गमगीन रहे। अंकित की मां चंद्रावती रोते हुए कहती रहीं कि उन्होंने बेटे को रात में बाहर जाने से मना किया था, लेकिन वह दोस्तों के साथ चला गया। वह बार-बार यही कहती रहीं कि “जल्दी लौट आऊंगा” कहकर गया था। बहनों कमलेश, पूनम, मीरा, गौरी और गरिमा का रो-रोकर बुरा हाल रहा।

अर्जुन की मां सरोज बार-बार बेसुध हो जा रही थीं। होश में आते ही बेटे का नाम लेकर पुकारने लगतीं। भाई मनीष और बहन काजल भी गहरे सदमे में रहे। पिता नंदलाल और नाना त्रिवेणी पूरे समय गमगीन बैठे रहे।

साथ जीने वाले दोस्त, साथ ही छोड़ गए दुनिया

ग्रामीणों के मुताबिक, तीनों दोस्त हमेशा साथ रहते थे। गांव में किसी भी कार्यक्रम, कामकाज या घूमने-फिरने में तीनों एक साथ दिखाई देते थे। किसी ने नहीं सोचा था कि एक हादसा तीन घरों के चिराग बुझा देगा।

ट्रिपलिंग और लापरवाही बन रही हादसों की वजह

सेवानिवृत्त परिवहन कर्मी रामशिरोमणि ने बताया कि बाइक पर ट्रिपलिंग करने से संतुलन बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है। तेज रफ्तार, गलत दिशा में वाहन चलाना और लापरवाही सड़क हादसों की प्रमुख वजह बन रही है। यातायात नियमों का पालन कर ऐसे हादसों से बचाव संभव है।

बाइक चलाते समय रखें ये सावधानियां

  • बाइक पर दो से अधिक लोग सवारी न करें
  • हेलमेट पहनकर ही वाहन चलाएं
  • तेज रफ्तार और गलत दिशा में वाहन चलाने से बचें
  • ओवरटेक करते समय सावधानी बरतें
  • मोबाइल फोन का प्रयोग करते समय वाहन न चलाएं
  • रात में वाहन चलाते समय सतर्क रहें
  • यातायात नियमों का पालन करें

मुख्यमंत्री ने जताया शोक

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे में तीन युवकों की मौत पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
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