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Amethi News: तिलोई मेडिकल कॉलेज का निर्माण लटका, समयसीमा करीब
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 09 Mar 2026 12:41 AM IST
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तिलोई के निर्माणाधीन मेडिल कॉलेज। संवाद
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तिलोई। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय का निर्माण तय समय सीमा में पूरा नहीं हो सका। 16.5 एकड़ भूमि पर करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस मेडिकल कॉलेज में मुख्य अस्पताल भवन अब भी अधूरा है। पहले 25 जनवरी और बाद में 31 मार्च तक काम पूरा होने का दावा किया गया था, लेकिन मौजूदा प्रगति इस समय सीमा पर भी सवाल खड़े कर रही है।
निर्माण की धीमी रफ्तार से स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की योजना प्रभावित हो रही है। चार मंजिला मुख्य भवन अभी अंतिम चरण तक नहीं पहुंच पाया है। बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और तीसरी मंजिल का काम ही पूरा बताया जा रहा है, जबकि अन्य हिस्सों में निर्माण जारी है। कार्यदायी संस्था की सुस्ती पर भी सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल मेडिकल कॉलेज की पढ़ाई और अस्पताल सेवाएं 200 बेड के रेफरल अस्पताल परिसर से संचालित हो रही हैं। मुख्य भवन तैयार होने के बाद यहां आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार प्रस्तावित है, जिससे जिले और आसपास के मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
हाल में स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने अधिकारियों के साथ निर्माण स्थल का निरीक्षण किया था। प्रगति संतोषजनक न मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई थी। बाद में एजेंसी ने मार्च अंत तक का समय मांगा, लेकिन वर्तमान स्थिति लक्ष्य पूरा होने पर संदेह पैदा कर रही है।
अस्पताल में बढ़ेंगी सुविधाएं
मेडिकल कॉलेज भवन तैयार होने पर यहां 300 बेड का अस्पताल और 50 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक संचालित होगा। रेफरल अस्पताल के 200 बेड जुड़ने पर कुल 550 बेड की स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। संस्थान में 100 एमबीबीएस सीटों के साथ पैरामेडिकल के 11 डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की 230 सीटें संचालित हैं।
कई भवन अंतिम चरण में
एकेडमिक भवन, बॉयज हॉस्टल, गर्ल्स हॉस्टल, वरिष्ठ और कनिष्ठ चिकित्सकों के आवास तथा प्राचार्य आवास लगभग तैयार हो चुके हैं और इनमें बस फिनिशिंग बाकी है। मुख्य अस्पताल भवन के बेसमेंट में डायग्नोसिस यूनिट, ग्राउंड फ्लोर पर पंजीकरण कक्ष, प्रथम तल पर इमरजेंसी, द्वितीय तल पर ओपीडी तथा ऊपरी तल पर वार्ड और आईसीयू संचालित किए जाने की योजना है।
भवन हैंडओवर के बाद बढ़ेंगी सुविधाएं
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. योगेश कुमार यादव ने बताया कि निर्माण एजेंसी ने पहले जनवरी और फिर मार्च अंत तक काम पूरा करने का भरोसा दिया था। निर्माण कार्य जारी है। भवन हैंडओवर होने के बाद यहां स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
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निर्माण की धीमी रफ्तार से स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की योजना प्रभावित हो रही है। चार मंजिला मुख्य भवन अभी अंतिम चरण तक नहीं पहुंच पाया है। बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और तीसरी मंजिल का काम ही पूरा बताया जा रहा है, जबकि अन्य हिस्सों में निर्माण जारी है। कार्यदायी संस्था की सुस्ती पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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फिलहाल मेडिकल कॉलेज की पढ़ाई और अस्पताल सेवाएं 200 बेड के रेफरल अस्पताल परिसर से संचालित हो रही हैं। मुख्य भवन तैयार होने के बाद यहां आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार प्रस्तावित है, जिससे जिले और आसपास के मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
हाल में स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने अधिकारियों के साथ निर्माण स्थल का निरीक्षण किया था। प्रगति संतोषजनक न मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई थी। बाद में एजेंसी ने मार्च अंत तक का समय मांगा, लेकिन वर्तमान स्थिति लक्ष्य पूरा होने पर संदेह पैदा कर रही है।
अस्पताल में बढ़ेंगी सुविधाएं
मेडिकल कॉलेज भवन तैयार होने पर यहां 300 बेड का अस्पताल और 50 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक संचालित होगा। रेफरल अस्पताल के 200 बेड जुड़ने पर कुल 550 बेड की स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। संस्थान में 100 एमबीबीएस सीटों के साथ पैरामेडिकल के 11 डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की 230 सीटें संचालित हैं।
कई भवन अंतिम चरण में
एकेडमिक भवन, बॉयज हॉस्टल, गर्ल्स हॉस्टल, वरिष्ठ और कनिष्ठ चिकित्सकों के आवास तथा प्राचार्य आवास लगभग तैयार हो चुके हैं और इनमें बस फिनिशिंग बाकी है। मुख्य अस्पताल भवन के बेसमेंट में डायग्नोसिस यूनिट, ग्राउंड फ्लोर पर पंजीकरण कक्ष, प्रथम तल पर इमरजेंसी, द्वितीय तल पर ओपीडी तथा ऊपरी तल पर वार्ड और आईसीयू संचालित किए जाने की योजना है।
भवन हैंडओवर के बाद बढ़ेंगी सुविधाएं
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. योगेश कुमार यादव ने बताया कि निर्माण एजेंसी ने पहले जनवरी और फिर मार्च अंत तक काम पूरा करने का भरोसा दिया था। निर्माण कार्य जारी है। भवन हैंडओवर होने के बाद यहां स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
