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Amethi News: विवाह कार्यक्रम में विवादित फर्म को दो बार दे दिया वर्क ऑर्डर
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 09 Jan 2026 12:42 AM IST
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अमेठी सिटी। जिले में प्रस्तावित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में विवादित फर्म को जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) नलिन राज ने दो बार सामान आपूर्ति के लिए वर्क ऑर्डर दे दिया। एक दिसंबर को ही फर्म के संबंध में आपत्ति मिलने के बावजूद उन्होंने ये बात छिपाए रखी और उच्चाधिकारियों को गलत जानकारी देते रहे।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम से जुड़ी टेंडर प्रक्रिया में घालमेल पकड़े जाने के बाद समाज कल्याण विभाग के अफसरों की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिले को शासन की ओर से 308 जोड़ों का विवाह कराने का लक्ष्य मिला है। सामूहिक विवाह कार्यक्रम के आयोजन और विवाह उपरांत वधुओं को दी जाने वाली उपहार सामग्री की आपूर्ति के लिए जेम पोर्टल पर निविदा आमंत्रित की गई थी। इसमें मेसर्स श्री बालाजी फूड प्रोडक्ट्स, बड़ा घोसियाना मलिकमऊ रोड रायबरेली को एल-वन फर्म घोषित करते हुए चयनित किया था। चयनित फर्म ने जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) नलिन राज से मिलकर वर्क ऑर्डर लिया।
फर्म ने वधुओं को उपहार में दी जाने वाली सामग्री का सैंपल भी पास करा लिया। एक दिसंबर को जब जिला समाज कल्याण अधिकारी फतेहपुर की ओर से भेजे गए पत्र में फर्म के कागजातों को लेकर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई गईं। आपत्तियों की पुष्टि तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी अमेठी राजेश शर्मा से भी कराई गई।
अफसरों ने निविदा में प्रस्तुत अनुभव प्रमाणपत्र पूरी तरह फर्जी होने की रिपोर्ट दी। इसके बाद भी जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) ने ये बात उच्चाधिकारियों से छिपाए रखी। इसी बीच किन्हीं कारणों से चार दिसंबर को प्रस्तावित विवाह कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया। दूसरी बार 17 दिसंबर की तिथि आयोजन के लिए नियत की गई तो दोबारा इसी फर्म को सामान आपूर्ति का वर्क ऑर्डर दे दिया।
डीएम और सीडीओ ने जब इसे संज्ञान में लिया तो नलिन राज मेडिकल अवकाश पर चले गए। परियोजना निदेशक व प्रभारी समाज कल्याण अधिकारी ऐश्वर्य यादव ने बताया कि उक्त फर्म की ओर से लगाए गए फर्जी अभिलेखों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। परियोजना निदेशक ने फर्म को ब्लैक लिस्ट करने के लिए जीएसटी विभाग को पत्र भेजा है। इस संबंध में खंड एक के राज्यकर जीएसटी कमिश्नर अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि मामला संज्ञान में है।
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वित्तीय वर्ष 2025-26 में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम से जुड़ी टेंडर प्रक्रिया में घालमेल पकड़े जाने के बाद समाज कल्याण विभाग के अफसरों की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिले को शासन की ओर से 308 जोड़ों का विवाह कराने का लक्ष्य मिला है। सामूहिक विवाह कार्यक्रम के आयोजन और विवाह उपरांत वधुओं को दी जाने वाली उपहार सामग्री की आपूर्ति के लिए जेम पोर्टल पर निविदा आमंत्रित की गई थी। इसमें मेसर्स श्री बालाजी फूड प्रोडक्ट्स, बड़ा घोसियाना मलिकमऊ रोड रायबरेली को एल-वन फर्म घोषित करते हुए चयनित किया था। चयनित फर्म ने जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) नलिन राज से मिलकर वर्क ऑर्डर लिया।
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फर्म ने वधुओं को उपहार में दी जाने वाली सामग्री का सैंपल भी पास करा लिया। एक दिसंबर को जब जिला समाज कल्याण अधिकारी फतेहपुर की ओर से भेजे गए पत्र में फर्म के कागजातों को लेकर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई गईं। आपत्तियों की पुष्टि तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी अमेठी राजेश शर्मा से भी कराई गई।
अफसरों ने निविदा में प्रस्तुत अनुभव प्रमाणपत्र पूरी तरह फर्जी होने की रिपोर्ट दी। इसके बाद भी जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) ने ये बात उच्चाधिकारियों से छिपाए रखी। इसी बीच किन्हीं कारणों से चार दिसंबर को प्रस्तावित विवाह कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया। दूसरी बार 17 दिसंबर की तिथि आयोजन के लिए नियत की गई तो दोबारा इसी फर्म को सामान आपूर्ति का वर्क ऑर्डर दे दिया।
डीएम और सीडीओ ने जब इसे संज्ञान में लिया तो नलिन राज मेडिकल अवकाश पर चले गए। परियोजना निदेशक व प्रभारी समाज कल्याण अधिकारी ऐश्वर्य यादव ने बताया कि उक्त फर्म की ओर से लगाए गए फर्जी अभिलेखों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। परियोजना निदेशक ने फर्म को ब्लैक लिस्ट करने के लिए जीएसटी विभाग को पत्र भेजा है। इस संबंध में खंड एक के राज्यकर जीएसटी कमिश्नर अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि मामला संज्ञान में है।