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Amethi News: परमहंस आश्रम में 108 बटुकों का यज्ञोपवीत संस्कार
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 28 Feb 2026 11:58 PM IST
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टीकरमाफी स्थित परमहंस आश्रम में आयोजित यज्ञोपवीत संस्कार में मौजूद बटुक। स्रोत: आयोजक
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अमेठी सिटी। टीकरमाफी स्थित परमहंस आश्रम में फाल्गुन शुक्ल पक्ष त्रयोदशी पर स्वामी परमहंस महाराज की 80वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में यज्ञ एवं भंडारे का आयोजन किया जाएगा। आयोजन से एक दिन पूर्व शनिवार को आश्रम परिसर स्थित श्रीमत परमहंस संस्कृत माध्यमिक महाविद्यालय में नवप्रवेशी 108 ब्राह्मण बटुकों का यज्ञोपवीत संस्कार कराया गया।
टीकरमाफी स्थित आश्रम में प्रबंधक स्वामी हरिचैतन्य ब्रह्मचारी महाराज के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 108 ब्राह्मण बटुकों का विधिवत यज्ञोपवीत संस्कार हुआ। आचार्यों ने वैदिक रीति से अनुष्ठान पूर्ण कर बटुकों को जनेऊ धारण कराया। इस अवसर पर क्षेत्रीय श्रद्धालु, बटुकों के माता-पिता और परिजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान आचार्यों ने गुरु मंत्र देकर गुरुकुल परंपरा, आचार संहिता और वैदिक संस्कारों का महत्व बताया। बटुकों के अभिभावकों ने अन्न, वस्त्र और द्रव्य का दान कर परंपरा निभाई और गुरुकुल व्यवस्था के संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार मिश्रा, डॉ. जयदेव त्रिपाठी, स्वामी प्रसाद त्रिपाठी, बिजेंद्र सिंह, विद्या शंकर, चंद्रदेव त्रिपाठी, अनिल तिवारी, संजय सिंह, सत्यप्रकाश यादव और जनार्दन मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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टीकरमाफी स्थित आश्रम में प्रबंधक स्वामी हरिचैतन्य ब्रह्मचारी महाराज के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 108 ब्राह्मण बटुकों का विधिवत यज्ञोपवीत संस्कार हुआ। आचार्यों ने वैदिक रीति से अनुष्ठान पूर्ण कर बटुकों को जनेऊ धारण कराया। इस अवसर पर क्षेत्रीय श्रद्धालु, बटुकों के माता-पिता और परिजन उपस्थित रहे।
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कार्यक्रम के दौरान आचार्यों ने गुरु मंत्र देकर गुरुकुल परंपरा, आचार संहिता और वैदिक संस्कारों का महत्व बताया। बटुकों के अभिभावकों ने अन्न, वस्त्र और द्रव्य का दान कर परंपरा निभाई और गुरुकुल व्यवस्था के संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार मिश्रा, डॉ. जयदेव त्रिपाठी, स्वामी प्रसाद त्रिपाठी, बिजेंद्र सिंह, विद्या शंकर, चंद्रदेव त्रिपाठी, अनिल तिवारी, संजय सिंह, सत्यप्रकाश यादव और जनार्दन मिश्रा आदि मौजूद रहे।
