{"_id":"69dbe7091f23409fdf0a6f84","slug":"48000-man-days-generated-under-mgnrega-in-april-jpnagar-news-c-284-1-smbd1013-161411-2026-04-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: मनरेगा के तहत अप्रैल में 48 हजार मानव दिवस सृजित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: मनरेगा के तहत अप्रैल में 48 हजार मानव दिवस सृजित
विज्ञापन
विज्ञापन
अमरोहा। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत अप्रैल माह में 48 हजार मानव दिवस सृजित किए गए हैं। इस अवधि में जिले की 576 ग्राम पंचायतों में पात्र लोगों को काम दिया जाएगा। योजना की राशि मंजूर हो चुकी है, जिससे रोजगार के साथ गांवों में विकास कार्य भी कराए जाएंगे।
पीडी डीआरडीए अंबरीश कुमार ने बताया कि फिलहाल नई योजना लागू नहीं हुई है, इसलिए मनरेगा के तहत ही कार्य कराए जा रहे हैं। एक व्यक्ति द्वारा एक दिन किया गया कार्य एक मानव दिवस माना जाता है। यदि कोई व्यक्ति 10 दिन काम करता है तो उसे 10 मानव दिवस में गिना जाएगा। योजना के तहत प्रत्येक पात्र व्यक्ति को 100 दिन रोजगार देने का प्रावधान है।
उन्होंने बताया कि मनरेगा में एक दिन की मजदूरी 237 रुपये निर्धारित है। जिले में करीब 70 हजार लोग पंजीकृत हैं। ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव प्रस्ताव तैयार कर कार्यों का चयन करते हैं। योजना के तहत रास्तों का निर्माण, तालाबों की खुदाई और वर्षा जल संचयन जैसे कार्य कराए जा सकते हैं। इससे ग्रामीणों को रोजगार मिलने के साथ गांवों में विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।
Trending Videos
पीडी डीआरडीए अंबरीश कुमार ने बताया कि फिलहाल नई योजना लागू नहीं हुई है, इसलिए मनरेगा के तहत ही कार्य कराए जा रहे हैं। एक व्यक्ति द्वारा एक दिन किया गया कार्य एक मानव दिवस माना जाता है। यदि कोई व्यक्ति 10 दिन काम करता है तो उसे 10 मानव दिवस में गिना जाएगा। योजना के तहत प्रत्येक पात्र व्यक्ति को 100 दिन रोजगार देने का प्रावधान है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि मनरेगा में एक दिन की मजदूरी 237 रुपये निर्धारित है। जिले में करीब 70 हजार लोग पंजीकृत हैं। ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव प्रस्ताव तैयार कर कार्यों का चयन करते हैं। योजना के तहत रास्तों का निर्माण, तालाबों की खुदाई और वर्षा जल संचयन जैसे कार्य कराए जा सकते हैं। इससे ग्रामीणों को रोजगार मिलने के साथ गांवों में विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।