{"_id":"6a6e5bc3458a841079041264","slug":"720-crore-to-be-spent-on-the-grandeur-of-the-tigri-fair-jpnagar-news-c-284-1-jpn1023-169599-2026-08-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: तिगरी मेले की भव्यता पर खर्च होंगे 7.20 करोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: तिगरी मेले की भव्यता पर खर्च होंगे 7.20 करोड़
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमरोहा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध राजकीय तिगरी गंगा मेले की तैयारियां प्रशासन ने शुरू कर दी हैं। 20 नवंबर को देवोत्थान एकादशी के साथ मेले का शुभारंभ होगा। 24 नवंबर की सुबह कार्तिक पूर्णिमा पर मुख्य स्नान होगा। मेले को भव्य और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने 7.20 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा है।
तिगरी धाम में लगने वाला यह ऐतिहासिक मेला प्रदेश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल है। प्रशासन के अनुसार हर वर्ष 32 से 36 लाख श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचते हैं। पिछले वर्ष कार्तिक पूर्णिमा पर करीब 36 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया था। इस बार संख्या बढ़ने की संभावना है। कार्तिक पूर्णिमा से एक दिन पहले श्रद्धालु दिवंगत परिजनों की स्मृति में गंगा तट पर दीपदान भी करते हैं। वर्ष 2017 में तिगरी मेले को राजकीय मेले का दर्जा मिला था।
मेले में सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य और अन्य व्यवस्थाओं के लिए विभिन्न विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से होगी। मोबाइल नेटवर्क के लिए एक स्थायी और तीन अस्थायी मोबाइल टावर लगाए जाएंगे। इसके अलावा एंबुलेंस, गोताखोर, जनरेटर, ट्रांसफार्मर, पार्किंग प्रबंधन और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। डीएम डॉ. नितिन गौड़ ने बताया कि सभी विभागों को समयबद्ध ढंग से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि इस बार मेला पहले से अधिक व्यवस्थित और भव्य हो सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
तिगरी धाम में लगने वाला यह ऐतिहासिक मेला प्रदेश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल है। प्रशासन के अनुसार हर वर्ष 32 से 36 लाख श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचते हैं। पिछले वर्ष कार्तिक पूर्णिमा पर करीब 36 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया था। इस बार संख्या बढ़ने की संभावना है। कार्तिक पूर्णिमा से एक दिन पहले श्रद्धालु दिवंगत परिजनों की स्मृति में गंगा तट पर दीपदान भी करते हैं। वर्ष 2017 में तिगरी मेले को राजकीय मेले का दर्जा मिला था।
विज्ञापन
मेले में सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य और अन्य व्यवस्थाओं के लिए विभिन्न विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से होगी। मोबाइल नेटवर्क के लिए एक स्थायी और तीन अस्थायी मोबाइल टावर लगाए जाएंगे। इसके अलावा एंबुलेंस, गोताखोर, जनरेटर, ट्रांसफार्मर, पार्किंग प्रबंधन और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। डीएम डॉ. नितिन गौड़ ने बताया कि सभी विभागों को समयबद्ध ढंग से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि इस बार मेला पहले से अधिक व्यवस्थित और भव्य हो सके।
विज्ञापन