{"_id":"6a8221e87b36687d1c012cd8","slug":"amroha-immersed-in-the-spirit-of-teej-women-sway-amidst-the-sawan-showers-jpnagar-news-c-284-1-smbd1013-170656-2026-08-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: तीज के रंग में रंगा अमरोहा, सावन की फुहार में झूमीं महिलाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: तीज के रंग में रंगा अमरोहा, सावन की फुहार में झूमीं महिलाएं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमरोहा। हरियाली तीज पर शनिवार को जिलेभर में उत्सव का माहौल रहा। शहर से गांवों तक महिलाओं ने सज-संवरकर परंपरागत उल्लास के साथ पर्व मनाया। कहीं सावन के मल्हार और लोकगीत गूंजे तो कहीं फिल्मी गीतों पर महिलाओं ने नृत्य किया। कार्यक्रमों में महिलाओं ने खेलों में हिस्सा लेने के साथ झूले झूले और एक-दूसरे को तीज की शुभकामनाएं दीं।
सुबह से ही महिलाएं तीज कार्यक्रमों में पहुंचने लगीं। हरे रंग की साड़ी और पारंपरिक परिधान पहनकर महिलाओं ने माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। युवतियों ने हाथों पर मेहंदी रचाई। बाजारों में कपड़ों, चूड़ियों और श्रृंगार सामग्री की दुकानों पर भीड़ रही। ब्यूटी पार्लरों में भी महिलाओं की भीड़ नजर आई।
शहर में कई स्थानों पर तीज मेले लगाए गए। महिलाओं ने झूलों का आनंद लिया, जबकि बच्चों ने चाट-पकौड़ी और खिलौनों की खरीदारी की। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं ने पेड़ों पर झूले डालकर सावन के गीत और मल्हार गाए। श्री वासुदेव तीर्थ पर आयोजित तीज मेले में भी बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे पहुंचे। जिलेभर के कार्यक्रमों में हरियाली तीज की पारंपरिक संस्कृति, गीत-संगीत और उल्लास की रंगीन छटा देखने को मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन
सुबह से ही महिलाएं तीज कार्यक्रमों में पहुंचने लगीं। हरे रंग की साड़ी और पारंपरिक परिधान पहनकर महिलाओं ने माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। युवतियों ने हाथों पर मेहंदी रचाई। बाजारों में कपड़ों, चूड़ियों और श्रृंगार सामग्री की दुकानों पर भीड़ रही। ब्यूटी पार्लरों में भी महिलाओं की भीड़ नजर आई।
विज्ञापन
शहर में कई स्थानों पर तीज मेले लगाए गए। महिलाओं ने झूलों का आनंद लिया, जबकि बच्चों ने चाट-पकौड़ी और खिलौनों की खरीदारी की। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं ने पेड़ों पर झूले डालकर सावन के गीत और मल्हार गाए। श्री वासुदेव तीर्थ पर आयोजित तीज मेले में भी बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे पहुंचे। जिलेभर के कार्यक्रमों में हरियाली तीज की पारंपरिक संस्कृति, गीत-संगीत और उल्लास की रंगीन छटा देखने को मिली।
विज्ञापन