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Amroha News: बैंकों की हड़ताल से ग्राहक परेशान 200 करोड़ का लेनदेन प्रभावित
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अमरोहा। तीन दिन की लगातार छुट्टी के बाद मंगलवार को जिले की सभी बैंकों की हड़ताल रही। चौथे दिन भी बैंक नहीं खुलने से ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बड़ी संख्या में ग्राहक बैंकों तक पहुंचे और वापस लौटना पड़ा। इमरजेंसी होने के बाद भी लोगों को पैसा नहीं मिल सका। ऐसे लोगों ने उधार पैसा लेकर काम चलाया या जन सेवा केंद्र से अपनी जरूरतों को पूरा किया। इस दौरान जनसेवा केंद्र संचालकों ने भी ग्राहकों से मनमाना कमीशन वसूल किया। वहीं, बैंक कर्मियों की हड़ताल के चलते 200 करोड़ों का लेनदेन प्रभावित हुआ है।
मंगलवार को बैंक की शाखाओं के चैनल बंद और शटर डाउन रहे। उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक एंपलॉयज यूनियन के क्षेत्रीय अध्यक्ष संजीव शर्मा सचिव मूलचंद सिंह, विनीत कुमार त्यागी, नितिन चौधरी और सोमदेव सैनी ने क्षेत्रीय प्रबंधक रामेंदर कुमार को ज्ञापन सौंपकर बताया कि देश के कई महत्वपूर्ण सरकारी संस्थान, जैसे भारतीय जीवन बीमा निगम, वित्त मंत्रालय, भारतीय रिजर्व बैंक, शेयर बाजार और मुद्रा बाजार पहले से ही पांच दिवसीय कार्य प्रणाली पर कार्य कर रहे हैं। जबकि बैंक कर्मियों की यह जायज मांग वर्षों से लंबित है। इससे कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है।
यह हड़ताल कर्मचारियों की मजबूरी है न कि उनकी इच्छा। यदि समय रहते पांच दिवसीय बैंकिंग सहित अन्य लंबित मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो भविष्य में आंदोलन को और अधिक व्यापक किया जाएगा। हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं में लेनदेन, नकदी निकासी और अन्य सेवाएं प्रभावित रहीं। यूनियन ने आम जनता और बैंक ग्राहकों से सहयोग की अपील करते हुए असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया।
बताया कि बैंकों में नई भर्तियां नहीं होने के चलते कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। अस्थाई कर्मचारी भर्ती होने से काम की गुणवत्ता खराब हो रही है। सरकार स्थाई भर्ती नहीं कर रही। देश भर कई सेक्टर में यही हाल है, अगर ऐसा ही रहा तो देश भर में ठेका प्रथा शुरू हो जाएगी।
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बड़ी संख्या में ग्राहक बैंकों तक पहुंचे और वापस लौटना पड़ा। इमरजेंसी होने के बाद भी लोगों को पैसा नहीं मिल सका। ऐसे लोगों ने उधार पैसा लेकर काम चलाया या जन सेवा केंद्र से अपनी जरूरतों को पूरा किया। इस दौरान जनसेवा केंद्र संचालकों ने भी ग्राहकों से मनमाना कमीशन वसूल किया। वहीं, बैंक कर्मियों की हड़ताल के चलते 200 करोड़ों का लेनदेन प्रभावित हुआ है।
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मंगलवार को बैंक की शाखाओं के चैनल बंद और शटर डाउन रहे। उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक एंपलॉयज यूनियन के क्षेत्रीय अध्यक्ष संजीव शर्मा सचिव मूलचंद सिंह, विनीत कुमार त्यागी, नितिन चौधरी और सोमदेव सैनी ने क्षेत्रीय प्रबंधक रामेंदर कुमार को ज्ञापन सौंपकर बताया कि देश के कई महत्वपूर्ण सरकारी संस्थान, जैसे भारतीय जीवन बीमा निगम, वित्त मंत्रालय, भारतीय रिजर्व बैंक, शेयर बाजार और मुद्रा बाजार पहले से ही पांच दिवसीय कार्य प्रणाली पर कार्य कर रहे हैं। जबकि बैंक कर्मियों की यह जायज मांग वर्षों से लंबित है। इससे कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है।
यह हड़ताल कर्मचारियों की मजबूरी है न कि उनकी इच्छा। यदि समय रहते पांच दिवसीय बैंकिंग सहित अन्य लंबित मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो भविष्य में आंदोलन को और अधिक व्यापक किया जाएगा। हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं में लेनदेन, नकदी निकासी और अन्य सेवाएं प्रभावित रहीं। यूनियन ने आम जनता और बैंक ग्राहकों से सहयोग की अपील करते हुए असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया।
बताया कि बैंकों में नई भर्तियां नहीं होने के चलते कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। अस्थाई कर्मचारी भर्ती होने से काम की गुणवत्ता खराब हो रही है। सरकार स्थाई भर्ती नहीं कर रही। देश भर कई सेक्टर में यही हाल है, अगर ऐसा ही रहा तो देश भर में ठेका प्रथा शुरू हो जाएगी।
