{"_id":"6987a0c2e0365dccc5019025","slug":"complainants-are-wandering-for-justice-no-solution-is-being-found-jpnagar-news-c-284-1-smbd1013-157104-2026-02-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: न्याय को भटकर रहे फरियादी नहीं हो रहा समाधान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: न्याय को भटकर रहे फरियादी नहीं हो रहा समाधान
विज्ञापन
विज्ञापन
अमरोहा। न्याय की आस में समाधान दिवस के चक्कर लगाकर फरियादी परेशान चुके हैं, फिर भी उनकी समस्याओं का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। कार्रवाई के नाम पर केवल निस्तारण के लिए टीम गठित कर खानापूर्ति कर दी जाती है। समस्याओं का निस्तारण करने के लिए लोग ठोकरे खा रहे हैं। एक दो बार नहीं चार से पांच बार शिकायती पत्र देने के बाद भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। आलम ये है कि शनिवार को चारों तहसीलों पर लगे संपूर्ण समाधान दिवस में कुछ 60 शिकायतें दर्ज की गईं, लेकिन समाधान सिर्फ सात शिकायतों का हुआ है। 53 शिकायत लंबित रह गई हैं। ये फरियादी अफसरों के आश्वासन छुट्टी पीकर घर वापस लौट गए।
शनिवार को भी जिले की सभी तहसीलों में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन हुआ, जिसमें पूर्व में शिकायत कर चुके लोग बड़ी संख्या में पहुंचे। इस संपूर्ण समाधान दिवस में भी उन्हें आश्वासन ही मिला। अमरोहा में लगे तहसील दिवस में 10 शिकायतें दर्ज की गईं इनमें से सिर्फ दो का ही निस्तारण जिम्मेदार कर पाए हैं। जबकि, डीएम निधि गुप्ता वत्स व एसपी अमित कुमार आनंद ने नौगांवा सादात तहसील दिवस में शिकायतें सुनीं। यहां 15 शिकायतें दर्ज की गईं जबकि केवल एक शिकायतों का ही निस्तारण हो सका है। हसनपुर तहसील में लगे संपूर्ण समाधान दिवस में आईं 17 शिकायतों में से सिर्फ दो का ही समाधान हो पाया है। जबकि मंडी धनौरा में लगे तहसील दिवस में 18 शिकायत दर्ज की गईं लेकिन 2 ही शिकायत का निस्तारण नहीं हो सका। कुल मिलाकर जिलेभर में 60 शिकायतों में से सिर्फ 7 का ही निस्तारण हो सका है। 53 शिकायतें लंबित रह गई हैं। यह स्थिति तब है जब सभी जगह जिला स्तरीय अधिकारियों ने शिकायतें सुनी। उनकी कार्रवाई सिर्फ दिशा निर्देशों तक सीमित रही। समाधान दिवस में आने वाली यही छोटी-छोटी समस्याएं बड़ी वारदातों को जन्म देती हैं।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- --
- समाधान दिवस में कई बार भूमि की पैमाई के लिए प्रार्थना पत्र दिया जा चुका है। लेकिन सुनवाई नहीं हो पा रही है। हर बार केवल आश्वासन मिलता है। गांव में पैमाइश के लिए राजस्व विभाग की कोई टीम नहीं पहुंचती। जिससे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।-- सितारा, गांव जयतौली।
-- -- -- -- -- -
- गांव में ग्राम समाज की भूमि पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। इसकी शिकायत कई बार पहले भी की जा चुकी है, लेकिन कोई भी जिम्मेदार अधिकारी इस तरफ गंभीरता नहीं दिख रहा है। जिस कारण उनके खेत को जाने वाला रास्ता तंग है। खेत में जाने में परेशानी होती है।-- हीरा देवी, खेलिया खालसा।
-- -- -- -- -- -- -- -
हमारी जमीन पर कुछ लोग अवैध कब्जा करके खेती कर रहे हैं। इसका विरोध किया तो आरोपियों ने मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी है। अपनी जमीन से कब्जा हटाने के लिए कई बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन समाधान नहीं हुआ।-कमलवीर, मोहल्ला बड़ी इमली खेती का मोड़
Trending Videos
शनिवार को भी जिले की सभी तहसीलों में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन हुआ, जिसमें पूर्व में शिकायत कर चुके लोग बड़ी संख्या में पहुंचे। इस संपूर्ण समाधान दिवस में भी उन्हें आश्वासन ही मिला। अमरोहा में लगे तहसील दिवस में 10 शिकायतें दर्ज की गईं इनमें से सिर्फ दो का ही निस्तारण जिम्मेदार कर पाए हैं। जबकि, डीएम निधि गुप्ता वत्स व एसपी अमित कुमार आनंद ने नौगांवा सादात तहसील दिवस में शिकायतें सुनीं। यहां 15 शिकायतें दर्ज की गईं जबकि केवल एक शिकायतों का ही निस्तारण हो सका है। हसनपुर तहसील में लगे संपूर्ण समाधान दिवस में आईं 17 शिकायतों में से सिर्फ दो का ही समाधान हो पाया है। जबकि मंडी धनौरा में लगे तहसील दिवस में 18 शिकायत दर्ज की गईं लेकिन 2 ही शिकायत का निस्तारण नहीं हो सका। कुल मिलाकर जिलेभर में 60 शिकायतों में से सिर्फ 7 का ही निस्तारण हो सका है। 53 शिकायतें लंबित रह गई हैं। यह स्थिति तब है जब सभी जगह जिला स्तरीय अधिकारियों ने शिकायतें सुनी। उनकी कार्रवाई सिर्फ दिशा निर्देशों तक सीमित रही। समाधान दिवस में आने वाली यही छोटी-छोटी समस्याएं बड़ी वारदातों को जन्म देती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
- समाधान दिवस में कई बार भूमि की पैमाई के लिए प्रार्थना पत्र दिया जा चुका है। लेकिन सुनवाई नहीं हो पा रही है। हर बार केवल आश्वासन मिलता है। गांव में पैमाइश के लिए राजस्व विभाग की कोई टीम नहीं पहुंचती। जिससे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
- गांव में ग्राम समाज की भूमि पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। इसकी शिकायत कई बार पहले भी की जा चुकी है, लेकिन कोई भी जिम्मेदार अधिकारी इस तरफ गंभीरता नहीं दिख रहा है। जिस कारण उनके खेत को जाने वाला रास्ता तंग है। खेत में जाने में परेशानी होती है।
हमारी जमीन पर कुछ लोग अवैध कब्जा करके खेती कर रहे हैं। इसका विरोध किया तो आरोपियों ने मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी है। अपनी जमीन से कब्जा हटाने के लिए कई बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन समाधान नहीं हुआ।-कमलवीर, मोहल्ला बड़ी इमली खेती का मोड़