{"_id":"699b6c8090b5bb8ec1080e14","slug":"drumbeat-of-development-dozens-of-projects-incomplete-jpnagar-news-c-284-1-jpn1023-157988-2026-02-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: विकास का ढिंढोरा... दर्जनों परियोजनाएं अधूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: विकास का ढिंढोरा... दर्जनों परियोजनाएं अधूरी
विज्ञापन
विज्ञापन
अमरोहा। जिले में विकास कार्यों को लेकर किए गए जिम्मेदारों के दावे धरातल पर नहीं उतर पाए हैं। वर्षों से दर्जनों परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं, जिससे आम लोगों और किसानों में नाराजगी बढ़ी है। गजरौला में बनने वाली क्षेत्रीय रोडवेज कार्यशाला का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। वहीं, कैलसा रेलवे क्रॉसिंग पर दो लेन का ओवरब्रिज का कार्य आज तक शुरू नहीं हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के आठ साल बाद हसनपुर चीनी मिल की पेराई क्षमता में कोई वृद्धि नहीं हुई। रजबपुर में मध्य गंगा नहर परियोजना तीन साल से अधर में लटकी हुई है। वर्ष 2008 में शुरू हुई इस परियोजना की दो शाखाओं में से बहजोई शाखा बनकर तैयार हो गई, लेकिन चंदौसी शाखा का काम रुका हुआ है। इस नहर परियोजना का कुल बजट 4900 करोड़ रुपये है और इससे 12 ब्लॉक के 1850 गांव के लगभग 4.10 लाख किसानों को फायदा होना था।
-- -- -- -- -- -- -
औद्योगिक हब : 61 परियोजनाओं में 22 ही शुरू हुईं
जिले को औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने के लिए कई बड़े दावे किए गए, लेकिन जमीन पर परिणाम बहुत कम दिख रहे हैं। पिछले साल फरवरी में लखनऊ में आयोजित इंवेस्टर्स समिट में उद्यमियों ने प्रदेश में निवेश की इच्छा जताते हुए अलग-अलग जनपदों में उद्योग स्थापित करने के लिए एमओयू साइन किए थे। अमरोहा में कुल 6185 करोड़ रुपये के 187 एमओयू साइन हुए थे। इसके बाद उद्यमियों ने जिले में उद्योग स्थापित करने की कवायद शुरू की, लेकिन अधिकांश परियोजनाएं अब तक अधूरी हैं। इनमें से केवल 22 परियोजनाएं ही धरातल पर साकार हो सकीं। फिलहाल, ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के लिए 61 परियोजनाएं चयनित हुई थीं। इनमें से 829 करोड़ रुपये निवेश वाली 22 परियोजनाएं धरातल पर भी उतर सकीं। बाकी परियोजनाओं के लिए उद्यमियों को जमीन उपलब्ध नहीं हो पाई या वन विभाग की एनओसी प्रक्रिया लंबित रहने के कारण काम शुरू नहीं हो सका।
-- --
गंगा एक्सप्रेसवे, सदर तहसील का काम अधूरा
जिले में पुलिस लाइन, रहरा थाना, अमरोहा तहसील सहित कई बड़े निर्माण कार्य चल रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस साल सभी प्रोजेक्ट पूरे हो जाएंगे और निर्माण पूरा होने के बाद संबंधित विभागों को हैंडओवर कर दिए जाएंगे। जिले की सबसे बड़ी परियोजना, गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा होने के बाद भी अधूरा है। अमृत भारत योजना में अमरोहा-गजरौला रेलवे स्टेशनों का निर्माण केवल 40 प्रतिशत पूरा हुआ है। जोया रोड स्थित पुलिस लाइन का निर्माण भी चल रहा है और फरवरी तक पूरा होने के बाद पुलिस विभाग को हैंडओवर करने की योजना है। अमरोहा सदर तहसील जर्जर भवन में चल रही है, लेकिन नई तहसील का निर्माण गुलड़िया रोड पर जारी है। इसके अलावा, हसनपुर तहसील क्षेत्र में 15 करोड़ की लागत से बने फायर स्टेशन का निर्माण भी पूरा हो गया है। मंडी धनौरा के संयुक्त अस्पताल की नई बिल्डिंग का निर्माण भी लगभग पूरा हो गया है, रंगाई और पुताई के बाद इसे विभाग को हैंडओवर किया जाएगा।
-- -- -- -- -- -- -- -- -
493 में 312 ओवरहेड टैंक अधूरे
जिले में हर घर जल योजना के तहत दूसरे और तीसरे फेज में 493 ओवरहेड टैंकों का निर्माण होना था, लेकिन केवल 181 टैंक पूरे हो पाए हैं। 312 टैंक अधूरे पड़े हैं। करोड़ों रुपये खर्च कर निर्माण कार्य शुरू किया गया, लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता और लापरवाही के चलते योजना अपने अंतिम चरण तक नहीं पहुंच सकी। पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कों को खोदा गया, लेकिन कई जगह उनकी मरम्मत नहीं हो सकी या हुई मरम्मत भी जल्दी टूट गई। तीन कंपनियां 3849 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने का काम कर रही हैं, जिसमें लगभग 3724 किलोमीटर पूरा हो चुका है। योजना अब 2028 तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
-- -- -- -- -- -- -
जाजरू और पपसरी खादर पुलों के निर्माण की आस
जिले में जाजरू कमलापुरी और पपसरी खादर-पहाड़पुर कश्यप के बीच पुलों का निर्माण होना है। दोनों पुल करीब 60 साल पुराने हैं और बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गए थे। लोक निर्माण विभाग ने शासन से मंजूरी पाकर निर्माण की तैयारी शुरू कर दी है। पपसरी खादर पुल से 24 और जाजरू पुल से 20 से अधिक गांवों की लगभग दो लाख आबादी को लाभ मिलेगा। निर्माण पर करीब 11 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पुल बन जाने से ग्रामीणों का आवागमन सुरक्षित और सुगम होगा।
-- -- -- -- -- -- -- -
32 करोड़ खर्च के बाद भी अधूरा पड़ा नाला
अमरोहा शहर की जलनिकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कांठ रोड पर प्रस्तावित पांच किलोमीटर लंबे नाले का निर्माण अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। नाले की 3.2 किलोमीटर लंबाई का निर्माण पहले ही पूरा किया जा चुका है, जिस पर करीब 32 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। अभी 1.8 किलोमीटर नाला अधूरा पड़ा है। सपा सरकार के कार्यकाल में पांच किलोमीटर लंबे नाले के निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे 32 करोड़ रुपये के बजट से स्वीकृति मिली थी। हालांकि निर्माण कार्य और नाले को ढकने के लिए स्लैब डालने में पूरा बजट खर्च हो गया, जिससे 1.8 किलोमीटर हिस्सा अधूरा रह गया है। हालांकि अब इस नाले को पूरा करने के लिए 19 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं।
विधायकों का कथन
जल जीवन मिशन के तहत तोड़ी गई सड़कों की मरम्मत यदि कहीं होने से रह गई है तो जल्द कराई जाएगी और हसनपुर चीनी मिल का विस्तार कार्य करने के लिए अभी विधानसभा में भी मुद्दा उठाया गया है। जल्द ही विस्तारीकरण कराया जाएगा।
महेंद्र खड़गवंशी विधायक हसनपुर
-- -- --
जल जीवन मिशन के तहत जो सड़कें तोड़ी गईं थी उन्हें पहले की तरह बनना पड़ेगा। जमीन पर कुछ नहीं हुआ, कागजी ज्यादा है। सड़कें तोड़ दी गई गईं स्वच्छ जल किसी को मिला नहीं। विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में बुलाकर बात करेंगे। अमरोहा वासियों को पानी तो देना पड़ेगा। मध्य गंगा नहर समेत अन्य अधूरी परियोजनाओं को लेकर भी लखनऊ में बात की जाएगी।
-महबूब अली, सदर विधायक अमरोहा एवं अध्यक्ष लोक लेखा समिति
Trending Videos
औद्योगिक हब : 61 परियोजनाओं में 22 ही शुरू हुईं
जिले को औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने के लिए कई बड़े दावे किए गए, लेकिन जमीन पर परिणाम बहुत कम दिख रहे हैं। पिछले साल फरवरी में लखनऊ में आयोजित इंवेस्टर्स समिट में उद्यमियों ने प्रदेश में निवेश की इच्छा जताते हुए अलग-अलग जनपदों में उद्योग स्थापित करने के लिए एमओयू साइन किए थे। अमरोहा में कुल 6185 करोड़ रुपये के 187 एमओयू साइन हुए थे। इसके बाद उद्यमियों ने जिले में उद्योग स्थापित करने की कवायद शुरू की, लेकिन अधिकांश परियोजनाएं अब तक अधूरी हैं। इनमें से केवल 22 परियोजनाएं ही धरातल पर साकार हो सकीं। फिलहाल, ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के लिए 61 परियोजनाएं चयनित हुई थीं। इनमें से 829 करोड़ रुपये निवेश वाली 22 परियोजनाएं धरातल पर भी उतर सकीं। बाकी परियोजनाओं के लिए उद्यमियों को जमीन उपलब्ध नहीं हो पाई या वन विभाग की एनओसी प्रक्रिया लंबित रहने के कारण काम शुरू नहीं हो सका।
विज्ञापन
विज्ञापन
गंगा एक्सप्रेसवे, सदर तहसील का काम अधूरा
जिले में पुलिस लाइन, रहरा थाना, अमरोहा तहसील सहित कई बड़े निर्माण कार्य चल रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस साल सभी प्रोजेक्ट पूरे हो जाएंगे और निर्माण पूरा होने के बाद संबंधित विभागों को हैंडओवर कर दिए जाएंगे। जिले की सबसे बड़ी परियोजना, गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा होने के बाद भी अधूरा है। अमृत भारत योजना में अमरोहा-गजरौला रेलवे स्टेशनों का निर्माण केवल 40 प्रतिशत पूरा हुआ है। जोया रोड स्थित पुलिस लाइन का निर्माण भी चल रहा है और फरवरी तक पूरा होने के बाद पुलिस विभाग को हैंडओवर करने की योजना है। अमरोहा सदर तहसील जर्जर भवन में चल रही है, लेकिन नई तहसील का निर्माण गुलड़िया रोड पर जारी है। इसके अलावा, हसनपुर तहसील क्षेत्र में 15 करोड़ की लागत से बने फायर स्टेशन का निर्माण भी पूरा हो गया है। मंडी धनौरा के संयुक्त अस्पताल की नई बिल्डिंग का निर्माण भी लगभग पूरा हो गया है, रंगाई और पुताई के बाद इसे विभाग को हैंडओवर किया जाएगा।
493 में 312 ओवरहेड टैंक अधूरे
जिले में हर घर जल योजना के तहत दूसरे और तीसरे फेज में 493 ओवरहेड टैंकों का निर्माण होना था, लेकिन केवल 181 टैंक पूरे हो पाए हैं। 312 टैंक अधूरे पड़े हैं। करोड़ों रुपये खर्च कर निर्माण कार्य शुरू किया गया, लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता और लापरवाही के चलते योजना अपने अंतिम चरण तक नहीं पहुंच सकी। पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कों को खोदा गया, लेकिन कई जगह उनकी मरम्मत नहीं हो सकी या हुई मरम्मत भी जल्दी टूट गई। तीन कंपनियां 3849 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने का काम कर रही हैं, जिसमें लगभग 3724 किलोमीटर पूरा हो चुका है। योजना अब 2028 तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
जाजरू और पपसरी खादर पुलों के निर्माण की आस
जिले में जाजरू कमलापुरी और पपसरी खादर-पहाड़पुर कश्यप के बीच पुलों का निर्माण होना है। दोनों पुल करीब 60 साल पुराने हैं और बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गए थे। लोक निर्माण विभाग ने शासन से मंजूरी पाकर निर्माण की तैयारी शुरू कर दी है। पपसरी खादर पुल से 24 और जाजरू पुल से 20 से अधिक गांवों की लगभग दो लाख आबादी को लाभ मिलेगा। निर्माण पर करीब 11 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पुल बन जाने से ग्रामीणों का आवागमन सुरक्षित और सुगम होगा।
32 करोड़ खर्च के बाद भी अधूरा पड़ा नाला
अमरोहा शहर की जलनिकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कांठ रोड पर प्रस्तावित पांच किलोमीटर लंबे नाले का निर्माण अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। नाले की 3.2 किलोमीटर लंबाई का निर्माण पहले ही पूरा किया जा चुका है, जिस पर करीब 32 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। अभी 1.8 किलोमीटर नाला अधूरा पड़ा है। सपा सरकार के कार्यकाल में पांच किलोमीटर लंबे नाले के निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे 32 करोड़ रुपये के बजट से स्वीकृति मिली थी। हालांकि निर्माण कार्य और नाले को ढकने के लिए स्लैब डालने में पूरा बजट खर्च हो गया, जिससे 1.8 किलोमीटर हिस्सा अधूरा रह गया है। हालांकि अब इस नाले को पूरा करने के लिए 19 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं।
विधायकों का कथन
जल जीवन मिशन के तहत तोड़ी गई सड़कों की मरम्मत यदि कहीं होने से रह गई है तो जल्द कराई जाएगी और हसनपुर चीनी मिल का विस्तार कार्य करने के लिए अभी विधानसभा में भी मुद्दा उठाया गया है। जल्द ही विस्तारीकरण कराया जाएगा।
महेंद्र खड़गवंशी विधायक हसनपुर
जल जीवन मिशन के तहत जो सड़कें तोड़ी गईं थी उन्हें पहले की तरह बनना पड़ेगा। जमीन पर कुछ नहीं हुआ, कागजी ज्यादा है। सड़कें तोड़ दी गई गईं स्वच्छ जल किसी को मिला नहीं। विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में बुलाकर बात करेंगे। अमरोहा वासियों को पानी तो देना पड़ेगा। मध्य गंगा नहर समेत अन्य अधूरी परियोजनाओं को लेकर भी लखनऊ में बात की जाएगी।
-महबूब अली, सदर विधायक अमरोहा एवं अध्यक्ष लोक लेखा समिति
