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Amroha News: कोटेदारों ने लाभांश बढ़ाने और लंबित भुगतान की मांग उठाई
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अमरोहा। सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता परिषद ने उचित दर विक्रेताओं की विभिन्न समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला पूर्ति अधिकारी को सौंपा। इसमें लाभांश बढ़ाने, न्यूनतम आय गारंटी लागू करने तथा वर्षों से लंबित भुगतान दिलाने की मांग की गई। कोटेदारों का कहना है कि वर्तमान लाभांश में परिवार का भरण-पोषण करना कठिन हो गया है।
परिषद के अध्यक्ष जमाल बेग (राजा) ने बताया कि उत्तर प्रदेश के कोटेदार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और प्रधानमंत्री अन्न योजना के तहत लगातार राशन वितरण कर रहे हैं। कोरोना काल में भी उन्होंने ई-पॉस मशीन के माध्यम से पारदर्शी ढंग से राशन वितरण किया। इसके अलावा आयुष्मान कार्ड, मतदाता सूची संशोधन समेत अन्य सरकारी अभियानों में भी सहयोग दिया।
ज्ञापन में वर्ष 2001 से 2014 तक का लंबित किराया, दिसंबर 2021 में जमा कराई गई राशि वापस कराने तथा वर्ष 2001 से 2026 तक आंगनबाड़ी और मिड-डे मील खाद्यान्न के किराया एवं लाभांश का भुगतान कराने की मांग की गई। साथ ही नगर क्षेत्र में अवैध पोर्टेबिलिटी पर रोक लगाकर केवल बाहरी कार्डधारकों की पोर्टेबिलिटी लागू करने की मांग भी उठाई गई।
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कोटेदारों ने कहा कि उत्तर प्रदेश में उन्हें केवल 90 रुपये प्रति क्विंटल लाभांश मिलता है, जबकि हरियाणा, गोवा, केरल, दिल्ली, उत्तराखंड और गुजरात जैसे राज्यों में इससे अधिक लाभांश या न्यूनतम आय गारंटी की व्यवस्था है। इस दौरान जमाल, मोहम्मद इदरीस, कुमारी, आभा गुप्ता, रविंद्र कुमार, मोहम्मद साद, प्रेम नारायण, फिरोज सिद्दीकी, फैज आलम और मोहम्मद असलम मंसूरी मौजूद रहे।
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परिषद के अध्यक्ष जमाल बेग (राजा) ने बताया कि उत्तर प्रदेश के कोटेदार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और प्रधानमंत्री अन्न योजना के तहत लगातार राशन वितरण कर रहे हैं। कोरोना काल में भी उन्होंने ई-पॉस मशीन के माध्यम से पारदर्शी ढंग से राशन वितरण किया। इसके अलावा आयुष्मान कार्ड, मतदाता सूची संशोधन समेत अन्य सरकारी अभियानों में भी सहयोग दिया।
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ज्ञापन में वर्ष 2001 से 2014 तक का लंबित किराया, दिसंबर 2021 में जमा कराई गई राशि वापस कराने तथा वर्ष 2001 से 2026 तक आंगनबाड़ी और मिड-डे मील खाद्यान्न के किराया एवं लाभांश का भुगतान कराने की मांग की गई। साथ ही नगर क्षेत्र में अवैध पोर्टेबिलिटी पर रोक लगाकर केवल बाहरी कार्डधारकों की पोर्टेबिलिटी लागू करने की मांग भी उठाई गई।
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कोटेदारों ने कहा कि उत्तर प्रदेश में उन्हें केवल 90 रुपये प्रति क्विंटल लाभांश मिलता है, जबकि हरियाणा, गोवा, केरल, दिल्ली, उत्तराखंड और गुजरात जैसे राज्यों में इससे अधिक लाभांश या न्यूनतम आय गारंटी की व्यवस्था है। इस दौरान जमाल, मोहम्मद इदरीस, कुमारी, आभा गुप्ता, रविंद्र कुमार, मोहम्मद साद, प्रेम नारायण, फिरोज सिद्दीकी, फैज आलम और मोहम्मद असलम मंसूरी मौजूद रहे।