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Amroha News: नए आशियाने में मना रहे थे खुशी...वही बन गया काल
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हसनपुर(अमरोहा)। किसान मुरारी के चेहरे पर अपने नए मकान की छत पड़ने की खुशी साफ झलक रही थी। सालों के सपने को साकार होते देख उन्होंने अपनी बेटी मीना और ससुराल वालों को भी इस खास मौके पर आमंत्रित किया था। इसमें गांव तरारा निवासी उनकी विवाहित बेटी मीना अपने पति शिव कुमार व दो बच्चों के साथ पहुंची थी। जबकि मुरारी के ससुराल गांव बुरावली से उनके ससुर व सास सुमरती भी पहुंचे थे।
दोपहर तक सब कुछ ठीक चल रहा था। काम खत्म होने के बाद पूरा परिवार एक साथ बैठकर हंसते-बोलते खाना खा रहा था। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि जिस छत के नीचे वे सुकून से निवाला खा रहे हैं, वही छत उनके लिए काल बन जाएगी। अचानक हुई तेज आवाज के साथ लिंटर गिरा और खुशियों का माहौल चीख-पुकार और मातम में तब्दील हो गया।
मासूम की मासूमियत पर भारी पड़ा हादसा
हसनपुर। हादसे में जान गंवाने वाला दो वर्षीय मासूम जसप्रीत यह भी नहीं जानता था कि मौत क्या होती है। लिंटर गिरने से ठीक पहले वह अपनी मां मीना की गोद में बैठकर खाना खा रहा था। जैसे ही भरभराकर मलबे का ढेर गिरा, मां मीना ने अपने जिगर के टुकड़े को बचाने की हर संभव कोशिश की और उसे अपने आंचल में भींच लिया। लेकिन कुदरत का क्रूर चक्र देखिए, मां और मासूम बेटा दोनों एक साथ मलबे के नीचे दब गए। दोनों की मौत हो गई।
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ताजपुर डूंगर में नहीं जले चूल्हे, पूरे गांव में पसरा सन्नाटा
सैदनगली। ताजपुर डूंगर गांव में हुए इस वीभत्स हादसे के बाद से ही हर आंख नम है और माहौल गमगीन है। घटना के बाद से गांव के अधिकांश घरों में चूल्हे तक नहीं जले। हर कोई पीड़ित परिवार के घर या अस्पताल की तरफ भागता नजर आया। गांव के चौपालों और गलियों में सिर्फ इस दर्दनाक हादसे की ही चर्चा रही। ग्रामीणों का कहना था कि मुरारी बेहद मेहनती इंसान हैं और उन्होंने तिनका-तिनका जोड़कर नया मकान बनाने की शुरुआत की थी, लेकिन एक ही झटके में सब कुछ उजड़ गया।
बारिश बनी काल, जल्दबाजी पड़ी भारी
हसनपुर। बृहस्पतिवार को क्षेत्र में रुक-रुक कर हो रही बारिश के बावजूद लिंटर डालने का काम जारी रहा। बताया जा रहा है कि बारिश के कारण कच्ची दीवारों और सेंट्रिंग की कमजोर पकड़ के चलते यह हादसा हुआ। अगर बारिश के दौरान काम रोक दिया जाता, तो शायद तीन जिंदगियां बच सकती थीं।
पंचायत सहायक है मुरारी का बेटा प्रशांत
हसनपुर। गांव ताजपुर डूंगर में निर्माणाधीन मकान का लिंटर गिरने से हुए हादसे में किसान पुररारी का बेटा प्रशांत भी घायल हो गया है। उसका उपचार निजी अस्पताल में चल रहा है। बताते हैं कि प्रशांत गांव में पंचायत सहायक के रूप में भी कार्यरत है।
हादसे के तुरंत बाद ग्रामीणों ने फावड़ों व जेसीबी की मदद से हटाया मलबा
धमाके की आवाज सुनते ही आसपास के खेतों में काम कर रहे और गांव के दर्जनों लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। प्रशासनिक टीम के पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों ने अपनी जान की परवाह किए बिना नंगे हाथों और फावड़ों की मदद से मलबे को हटाना शुरू कर दिया और इसके बाद जेसीबी की सहायता से मलबा हटवाया गया। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
विधायक ने जताया दुख, आर्थिक मदद का आश्वासन
हसनपुर। हादसे की सूचना मिलते ही विधायक महेंद्र खड़गवंशी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने अधिकारियों से घटना की जानकारी की और पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और शासन स्तर से मिलने वाली हर संभव सहायता और मुआवजा जल्द से जल्द दिलाने का भरोसा दिया।
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दोपहर तक सब कुछ ठीक चल रहा था। काम खत्म होने के बाद पूरा परिवार एक साथ बैठकर हंसते-बोलते खाना खा रहा था। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि जिस छत के नीचे वे सुकून से निवाला खा रहे हैं, वही छत उनके लिए काल बन जाएगी। अचानक हुई तेज आवाज के साथ लिंटर गिरा और खुशियों का माहौल चीख-पुकार और मातम में तब्दील हो गया।
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मासूम की मासूमियत पर भारी पड़ा हादसा
हसनपुर। हादसे में जान गंवाने वाला दो वर्षीय मासूम जसप्रीत यह भी नहीं जानता था कि मौत क्या होती है। लिंटर गिरने से ठीक पहले वह अपनी मां मीना की गोद में बैठकर खाना खा रहा था। जैसे ही भरभराकर मलबे का ढेर गिरा, मां मीना ने अपने जिगर के टुकड़े को बचाने की हर संभव कोशिश की और उसे अपने आंचल में भींच लिया। लेकिन कुदरत का क्रूर चक्र देखिए, मां और मासूम बेटा दोनों एक साथ मलबे के नीचे दब गए। दोनों की मौत हो गई।
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ताजपुर डूंगर में नहीं जले चूल्हे, पूरे गांव में पसरा सन्नाटा
सैदनगली। ताजपुर डूंगर गांव में हुए इस वीभत्स हादसे के बाद से ही हर आंख नम है और माहौल गमगीन है। घटना के बाद से गांव के अधिकांश घरों में चूल्हे तक नहीं जले। हर कोई पीड़ित परिवार के घर या अस्पताल की तरफ भागता नजर आया। गांव के चौपालों और गलियों में सिर्फ इस दर्दनाक हादसे की ही चर्चा रही। ग्रामीणों का कहना था कि मुरारी बेहद मेहनती इंसान हैं और उन्होंने तिनका-तिनका जोड़कर नया मकान बनाने की शुरुआत की थी, लेकिन एक ही झटके में सब कुछ उजड़ गया।
बारिश बनी काल, जल्दबाजी पड़ी भारी
हसनपुर। बृहस्पतिवार को क्षेत्र में रुक-रुक कर हो रही बारिश के बावजूद लिंटर डालने का काम जारी रहा। बताया जा रहा है कि बारिश के कारण कच्ची दीवारों और सेंट्रिंग की कमजोर पकड़ के चलते यह हादसा हुआ। अगर बारिश के दौरान काम रोक दिया जाता, तो शायद तीन जिंदगियां बच सकती थीं।
पंचायत सहायक है मुरारी का बेटा प्रशांत
हसनपुर। गांव ताजपुर डूंगर में निर्माणाधीन मकान का लिंटर गिरने से हुए हादसे में किसान पुररारी का बेटा प्रशांत भी घायल हो गया है। उसका उपचार निजी अस्पताल में चल रहा है। बताते हैं कि प्रशांत गांव में पंचायत सहायक के रूप में भी कार्यरत है।
हादसे के तुरंत बाद ग्रामीणों ने फावड़ों व जेसीबी की मदद से हटाया मलबा
धमाके की आवाज सुनते ही आसपास के खेतों में काम कर रहे और गांव के दर्जनों लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। प्रशासनिक टीम के पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों ने अपनी जान की परवाह किए बिना नंगे हाथों और फावड़ों की मदद से मलबे को हटाना शुरू कर दिया और इसके बाद जेसीबी की सहायता से मलबा हटवाया गया। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
विधायक ने जताया दुख, आर्थिक मदद का आश्वासन
हसनपुर। हादसे की सूचना मिलते ही विधायक महेंद्र खड़गवंशी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने अधिकारियों से घटना की जानकारी की और पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और शासन स्तर से मिलने वाली हर संभव सहायता और मुआवजा जल्द से जल्द दिलाने का भरोसा दिया।