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Amroha News: धनाैरा से अमरोहा के लिए रोडवेज बस नहीं, 28 साल से निजी बसों का की सहारा
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मंडी धनौरा। जिला मुख्यालय अमरोहा को जोड़ने वाले मार्ग पर रोडवेज बसों का संचालन नहीं होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धनौरा से अमरोहा की दूरी मात्र 21 किलोमीटर है लेकिन प्राइवेट बस चालक इतनी दूरी को सवा घंटे में तय करते हैं। लोगों को अधिक समय व धन खर्च करना पड़ रहा है। लोगों ने इस मार्ग पर रोडवेज बसों का संचालन शुरू करने की मांग की है।
1997 में तत्कालीन बसपा सरकार में अमरोहा को जिला मुख्यालय घोषित किया गया था। अमरोहा को जिले का दर्जा मिलने के बाद धनौरा-अमरोहा मार्ग पर यात्रियों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई लेकिन इस मार्ग पर सिर्फ प्राइवेट बसों का संचालन ही होता रहा। जिला मुख्यालय बनने के 28 साल बाद भी इस मार्ग से आने-जाने वाले यात्रियों को निजी बसाें में ही यात्रा करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। निजी बस चालक 21 किलोमीटर की दूरी सवा घंटे में पूरी करते हैं। लोगों की मांग है कि परिवहन विभाग को इस मार्ग पर शटल बस सेवा के रूप में रोडवेज बसों का संचालन शुरू करना चाहिए।
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लोगों को निजी बसों में यात्रा करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इस मार्ग पर यदि रोडवेज बसों का संचालन शुरू कर दिया जाए तो लोगों को काफी राहत मिलेगी।-नरेश कुमार ग्राम कुआखेड़ा
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अमरोहा के जिला मुख्यालय बनने के 28 साल बाद भी इतने व्यस्त मार्ग पर रोडवेज बसों का संचालन नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तमाम अधिवक्ता रोजाना इन प्राइवेट बसों में यात्रा करने पर मजबूर हैं।-जयप्रकाश सैनी, उपाध्यक्ष बार एसोसिएशन
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अमरोहा मार्ग पर रोडवेज बसों का संचालन नहीं होने से समय के साथ धन भी अधिक खर्च करना पड़ रहा है। इस मार्ग पर रोडवेज बसों का संचालन बेहद जरूरी है। सुबह आठ बजे से 11 बजे तक और शाम को तीन से छह बजे तक रोडवेज बसें चलनी चाहिए।-अमित कुमार
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अमरोहा मार्ग पर रोडवेज बसों के संचालन के लिए आवाज उठाई गई है लेकिन परिवहन निगम ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है। शाम छह बजे के बाद अमरोहा से धनौरा व धनौरा से अमरोहा जाने वाले लोगों को भारी परेशानी होती है। विभाग को शीघ्र ही रोडवेज बसों का संचालन शुरू करना चाहिए।-शुभम शर्मा
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अमरोहा तक दर्जनों गांव रास्ते में पड़ते हैं। महिलाओं को भी बसाें में यात्रा करनी पड़ती है। प्रशासन को धनौरा-अमरोहा मार्ग पर रोडवेज की बसों का संचालन कराने पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।-एकता त्यागी
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1997 में तत्कालीन बसपा सरकार में अमरोहा को जिला मुख्यालय घोषित किया गया था। अमरोहा को जिले का दर्जा मिलने के बाद धनौरा-अमरोहा मार्ग पर यात्रियों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई लेकिन इस मार्ग पर सिर्फ प्राइवेट बसों का संचालन ही होता रहा। जिला मुख्यालय बनने के 28 साल बाद भी इस मार्ग से आने-जाने वाले यात्रियों को निजी बसाें में ही यात्रा करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। निजी बस चालक 21 किलोमीटर की दूरी सवा घंटे में पूरी करते हैं। लोगों की मांग है कि परिवहन विभाग को इस मार्ग पर शटल बस सेवा के रूप में रोडवेज बसों का संचालन शुरू करना चाहिए।
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लोगों को निजी बसों में यात्रा करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इस मार्ग पर यदि रोडवेज बसों का संचालन शुरू कर दिया जाए तो लोगों को काफी राहत मिलेगी।-नरेश कुमार ग्राम कुआखेड़ा
अमरोहा के जिला मुख्यालय बनने के 28 साल बाद भी इतने व्यस्त मार्ग पर रोडवेज बसों का संचालन नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तमाम अधिवक्ता रोजाना इन प्राइवेट बसों में यात्रा करने पर मजबूर हैं।-जयप्रकाश सैनी, उपाध्यक्ष बार एसोसिएशन
अमरोहा मार्ग पर रोडवेज बसों का संचालन नहीं होने से समय के साथ धन भी अधिक खर्च करना पड़ रहा है। इस मार्ग पर रोडवेज बसों का संचालन बेहद जरूरी है। सुबह आठ बजे से 11 बजे तक और शाम को तीन से छह बजे तक रोडवेज बसें चलनी चाहिए।-अमित कुमार
अमरोहा मार्ग पर रोडवेज बसों के संचालन के लिए आवाज उठाई गई है लेकिन परिवहन निगम ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है। शाम छह बजे के बाद अमरोहा से धनौरा व धनौरा से अमरोहा जाने वाले लोगों को भारी परेशानी होती है। विभाग को शीघ्र ही रोडवेज बसों का संचालन शुरू करना चाहिए।-शुभम शर्मा
अमरोहा तक दर्जनों गांव रास्ते में पड़ते हैं। महिलाओं को भी बसाें में यात्रा करनी पड़ती है। प्रशासन को धनौरा-अमरोहा मार्ग पर रोडवेज की बसों का संचालन कराने पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।-एकता त्यागी