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Amroha News: तिगरी गांव का कटान रोकने के लिए बदली जाएगी गंगा की जल धारा
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गजरौला। तिगरी गांव के कटान को रोकने के लिए 3.7 किमी तक गंगा की धारा का रुख बदला जाएगा। तिगरी से ब्रजघाट की तरफ 45 से 60 मीटर की चौड़ाई की जलधारा को तीन मीटर गहरा किया जाएगा। इस पर 11.45 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। काम करने के लिए गंगा में कुछ मशीनें पहुंच गईं हैं।
पिछले कुछ वर्षों से गंगा का रुख तिगरी की तरफ है, जबकि दूसरी तरफ गंगा टापू छोड़ रही है। गांव के पश्चिम में गंगा की जलधारा ने इस कदर कटान किया कि गांव को कटान और बाढ़ से बचाव के लिए कई दशक पूर्व बना स्पर भी क्षतिग्रस्त होने के कगार पर पहुंच गया है।
तिगरी गांव को खतरा होने के साथ ही खेतों को भी गंगा काट रही है। इसके अलावा गैर आबाद गांव दियावली, मोहरका पट्टी व कांकाठेर के खेतों को भी अपनी चपेट में ले रही है, जबकि दूसरी तरफ मैदान छोड़ती जा रही है। तिगरी की तरफ कटान कर रही गंगा का रुख मोड़ने के लिए ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक राजीव तरारा से मांग उठाई। विधायक ने कार्तिक पूर्णिमा पर हापुड़ जिले केे गढ़मुक्तेश्वर गंगा मेले में आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गंगा के द्वारा किए जा रहे कटान को दिखाया था। सीएम ने मेले में ही कानपुर के मैकेनिकल डिविजन को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए थे। उसने प्रस्ताव बनाकर भेजा। उस पर 11.45 करोड़ रुपये खर्च आने का आंकलन किया गया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रस्ताव को न सिर्फ मंजूरी मिली, बल्कि उसके लिए धनराशि भी स्वीकृत कर दी। साथ ही आने वालेे बाढ़ सीजन से पहले काम पूरा करने के निर्देश दिए। तिगरी से करीब 3.7 किमी तक गंगा की जलधारा की तीन मीटर गहराई की जाएगी और उसका रुख भी मोड़ा जाएगा। इसके लिए कई दिन पूर्व डेजर और एक्सवेटर समेत मशीन आ गईं।
जेई अश्विनी सिंह ने बताया कि डेजर मशीन गहरे जल में उतर कर काम करेगी। जहां पर उथला है, वहां गहराई करेगी। तीन मीटर गहरा कर उसकी मिट्टी या रेत को निकाल कर तिगरी की तरफ लाएगी। काम करने के लिए कुछ मशीन गंगा की दूसरी तरफ पहुंच गईं। जिनको गढ़ मुक्तेश्वर की तरफ से लाया गया है। जबकि कई भारी भरकम मशीन तिगरी में किनारे पर पड़ी हैं। काम कराने के लिए जेई के साथ ही एई शैलेंद्र कुमार वर्मा और एक्सईएन प्रणव सिंह ने तिगरी में डेरा डाल दिया है।
पक्का स्नान घाट बन जाने में रहेगी आसानी
गजरौला। तिगरी में पिछले कई साल से पक्का स्नान घाट बनाए जाने की कवायद चल रही है, लेकिन हर बार कोई न कोई अड़चन आ जाती है। कभी वन विभाग अड़ंगा लगा देता है तो कभी प्रशासनिक अफसर गलत रिपोर्ट शासन को भेजकर आला अफसरों को भ्रमित करतेे हैं। स्थानीय विधायक का कहना है कि यह काम हो जाने पर पक्का स्नान घाट में आ रहीं बाधाएं दूर हो जाएंगी।
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तिगरी गांव को खतरा होने के साथ ही खेतों को भी गंगा काट रही है। इसके अलावा गैर आबाद गांव दियावली, मोहरका पट्टी व कांकाठेर के खेतों को भी अपनी चपेट में ले रही है, जबकि दूसरी तरफ मैदान छोड़ती जा रही है। तिगरी की तरफ कटान कर रही गंगा का रुख मोड़ने के लिए ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक राजीव तरारा से मांग उठाई। विधायक ने कार्तिक पूर्णिमा पर हापुड़ जिले केे गढ़मुक्तेश्वर गंगा मेले में आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गंगा के द्वारा किए जा रहे कटान को दिखाया था। सीएम ने मेले में ही कानपुर के मैकेनिकल डिविजन को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए थे। उसने प्रस्ताव बनाकर भेजा। उस पर 11.45 करोड़ रुपये खर्च आने का आंकलन किया गया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रस्ताव को न सिर्फ मंजूरी मिली, बल्कि उसके लिए धनराशि भी स्वीकृत कर दी। साथ ही आने वालेे बाढ़ सीजन से पहले काम पूरा करने के निर्देश दिए। तिगरी से करीब 3.7 किमी तक गंगा की जलधारा की तीन मीटर गहराई की जाएगी और उसका रुख भी मोड़ा जाएगा। इसके लिए कई दिन पूर्व डेजर और एक्सवेटर समेत मशीन आ गईं।
जेई अश्विनी सिंह ने बताया कि डेजर मशीन गहरे जल में उतर कर काम करेगी। जहां पर उथला है, वहां गहराई करेगी। तीन मीटर गहरा कर उसकी मिट्टी या रेत को निकाल कर तिगरी की तरफ लाएगी। काम करने के लिए कुछ मशीन गंगा की दूसरी तरफ पहुंच गईं। जिनको गढ़ मुक्तेश्वर की तरफ से लाया गया है। जबकि कई भारी भरकम मशीन तिगरी में किनारे पर पड़ी हैं। काम कराने के लिए जेई के साथ ही एई शैलेंद्र कुमार वर्मा और एक्सईएन प्रणव सिंह ने तिगरी में डेरा डाल दिया है।
पक्का स्नान घाट बन जाने में रहेगी आसानी
गजरौला। तिगरी में पिछले कई साल से पक्का स्नान घाट बनाए जाने की कवायद चल रही है, लेकिन हर बार कोई न कोई अड़चन आ जाती है। कभी वन विभाग अड़ंगा लगा देता है तो कभी प्रशासनिक अफसर गलत रिपोर्ट शासन को भेजकर आला अफसरों को भ्रमित करतेे हैं। स्थानीय विधायक का कहना है कि यह काम हो जाने पर पक्का स्नान घाट में आ रहीं बाधाएं दूर हो जाएंगी।