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Amroha News: पत्नी की हत्या कर नदी में फेंक दिया था शव, पति को उम्रकैद
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Sat, 14 Mar 2026 02:27 AM IST
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अमरोहा। शादी के महज तीन माह के बाद ही पत्नी हिमांशी की हत्या कर बाहा नदी में शव फेंकने के मामले में अदालत ने पति पूरन सिंह दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मामले में नामजद सास, ससुर, ननद और देवर को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया। अदालत का फैसला सुनाए जाने के बाद जमानत पर चल रहे दोषी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है।
मामला गजरौला थाना क्षेत्र के खानपुर गांव से जुड़ा है। यहां के रहने वाले राजवीर सिंह ने अपनी बेटी हिमांशी की शादी मार्च 2020 में मंडी धनौरा थाना क्षेत्र के शेरपुर गांव निवासी पूरन सिंह के साथ की थी। शादी के कुछ समय बाद ही हिमांशी के साथ दहेज को लेकर उत्पीड़न होने लगा। 29 जून 2020 को हिमांशी अचानक घर से लापता हो गई। काफी तलाश करने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद हिमांशी की मां सोना देवी ने पति पूरन सिंह, ससुर कलुवा, सास मुन्नी देवी, ननद नीतू और देवर गौतम के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट दर्ज होने के अगले दिन हिमांशी का शव बाहा नदी में में मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या करने की पुष्टि हुई।
पुलिस ने विवेचना के दौरान पति पूरन सिंह, सास मुन्नी देवी और ससुर कलुवा के खिलाफ दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था, जबकि देवर गौतम और ननद नीतू का नाम विवेचना में निकाल दिया था। इस मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट द्वितीय की अदालत में चल रही थी।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन बंसल ने पैरवी की। सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुना और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले को दहेज हत्या के बजाय हत्या माना।
शुक्रवार को अंतिम सुनवाई के बाद न्यायालय ने पति पूरन सिंह को पत्नी की हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई और 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। वहीं मृतका के ससुर कलुवा, सास मुन्नी देवी, ननद नीतू और देवर गौतम को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया है।
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मामला गजरौला थाना क्षेत्र के खानपुर गांव से जुड़ा है। यहां के रहने वाले राजवीर सिंह ने अपनी बेटी हिमांशी की शादी मार्च 2020 में मंडी धनौरा थाना क्षेत्र के शेरपुर गांव निवासी पूरन सिंह के साथ की थी। शादी के कुछ समय बाद ही हिमांशी के साथ दहेज को लेकर उत्पीड़न होने लगा। 29 जून 2020 को हिमांशी अचानक घर से लापता हो गई। काफी तलाश करने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद हिमांशी की मां सोना देवी ने पति पूरन सिंह, ससुर कलुवा, सास मुन्नी देवी, ननद नीतू और देवर गौतम के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट दर्ज होने के अगले दिन हिमांशी का शव बाहा नदी में में मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या करने की पुष्टि हुई।
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पुलिस ने विवेचना के दौरान पति पूरन सिंह, सास मुन्नी देवी और ससुर कलुवा के खिलाफ दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था, जबकि देवर गौतम और ननद नीतू का नाम विवेचना में निकाल दिया था। इस मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट द्वितीय की अदालत में चल रही थी।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन बंसल ने पैरवी की। सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुना और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले को दहेज हत्या के बजाय हत्या माना।
शुक्रवार को अंतिम सुनवाई के बाद न्यायालय ने पति पूरन सिंह को पत्नी की हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई और 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। वहीं मृतका के ससुर कलुवा, सास मुन्नी देवी, ननद नीतू और देवर गौतम को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया है।