सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amroha News ›   In Amroha, pensions were being transferred to the accounts of 900 deceased, the secret was revealed during verification.

Amroha News: अमरोहा में 900 मृतकों के खातों में जा रही थी पेंशन, सत्यापन में खुला राज

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jun 2026 02:20 AM IST
विज्ञापन
In Amroha, pensions were being transferred to the accounts of 900 deceased, the secret was revealed during verification.
विज्ञापन
वृद्धावस्था पेंशन के सत्यापन में सामने आया बड़ा खेल, 42971 लाभार्थियों की जांच में 900 मृतक मिले




मृतकों के खातों में गई पेंशन राशि की होगी रिकवरी, 15 जून तक जारी रहेगी पेंशन सत्यापन की प्रक्रिया



संवाद न्यूज एजेंसी



अमरोहा। वृद्धावस्था पेंशन योजना में बड़ा खेल सामने आया है। जिले में 900 ऐसे लाभार्थी मिले हैं, जिनका निधन हो जाने के बाद भी उनके खातों में लगातार पेंशन की राशि जा रही थी। दूसरी ओर तमाम ऐसे जरूरतमंद वृद्ध हैं, जो इस पेंशन के लाभ के लिए तहसील से लेकर समाज कल्याण विभाग के दफ्तर तक चक्कर लगाते नजर आते हैं।



जिले में वर्तमान में वृद्धावस्था पेंशन पाने वालों की संख्या 42971 है। शासन के निर्देश पर लाभार्थियों के सत्यापन की प्रक्रिया के शुरुआती चरण में ही 900 वो नाम सामने आए, जिनके निधन को काफी समय हो चुका है। निधन के बाद भी न सिर्फ इनके नाम लाभार्थियों की सूची में शामिल रहे बल्कि एक हजार रुपये मासिक पेंशन की तय राशि के अनुसार हर तिमाही तीन हजार रुपये इनके बैंक खातों में भेजे जाते रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन




चौंकाने वाले इस सच के सामने आने से जहां इस व्यवस्था की निगरानी करने वाली सरकारी मशीनरी में हड़कंप है, वहीं उन लोगों की चिंता भी बढ़ गई है, जो अपने परिवार के किसी बुजुर्ग की मृत्यु के बाद भी खाते में आ रही पेंशन का लाभ ले रहे थे। अधिकारी बताते हैं कि अब विभाग की ओर से मृत मिले लाभार्थियों के रिकॉर्ड की दोबारा जांच होगी। परिवार से मृत्यु प्रमाणपत्र लेने के साथ कुछ लोगों की गवाही दर्ज की जाएगी। मृत्यु की तारीख के बाद से खातों में आई राशि की रिकवरी के लिए बैंकों को पत्र भेजा जाएगा।
विज्ञापन
Trending Videos




मृतकों के खाते में वृद्धावस्था पेंशन जाने का जहां एक चौंकाने वाला पहलू है, वहीं दूसरी ओर पात्र होते हुए भी इस पेंशन से चूक रहे वृद्धों की परेशानी भी गंभीर विषय है। तहसील से लेकर विकास भवन और समाज कल्याण दफ्तर तक इस तरह की वृद्धाएं और वृद्ध मिल जाते हैं, जो पेंशन के लिए इधर-उधर भटकने की पीड़ा बताते हैं।

इसी तरह की आपबीती रूखालू गांव निवासी गोमती ने बताई। उन्होंने कहा कि वह पिछले छह माह से वृद्धावस्था पेंशन के लाभ के लिए दफ्तर-दफ्तर घूम रही हैं। ब्लॉक और जिला स्तर के अधिकारियों तक अपनी बात भी रखी है लेकिन पेंशन का लाभ शुरू नहीं हो सका।



भदौरा निवासी रामचंद्र शर्मा ने बताया कि उन्होंने वृद्धावस्था पेंशन के लिए कई बार आवेदन किया लेकिन अब तक उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला। संबंधित अधिकारियों के यहां संपर्क और आवेदन के बावजूद पेंशन स्वीकृत नहीं हुई। इससे आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।



00

क्षेत्रवार अलग-अलग टीमें कर रहीं सत्यापन

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अलग-अलग टीमें पेंशन सत्यापन के काम में लगी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बीडीओ तथा शहरी क्षेत्रों में एसडीएम और अधिशासी अधिकारियों की देखरेख में प्रक्रिया चल रही है। टीमें घर-घर जाकर लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन कर रही हैं। 15 जून तक प्रक्रिया को पूरा करने की बात कही जा रही है।

00



दलालों के नेटवर्क की सक्रियता का शक



सूत्र बताते हैं कि सरकारी पेंशनों के मामलों में लाभार्थी चयन कराने से लेकर भुगतान दिलाने तक का ठेका लेकर वसूली करने वाले दलालों का नेटवर्क भी सक्रिय रहता है। इस तरह के लोग कागजों में हेरफेर कराके अपात्रों को पात्र दिखाने में भी कामयाब हो जाते हैं। इस तरह के दलाल हर तिमाही आने वाली पेंशन की शुरुआती तीन माह की किस्त का भुगतान खुद हासिल कर लेते हैं। हालांकि मृतकों के खातों में पेंशन के खुलासे में किसी मध्यस्थ का नाम सामने नहीं आया है लेकिन जिम्मेदार इस खेल के पीछे दलालों के नेटवर्क की आशंका से इन्कार नहीं कर रहे हैं।



00



पात्र लाभार्थियों को एसएमएस से मिलेगी जानकारी



समाज कल्याण विभाग का कहना है कि सत्यापन पूरा होने के बाद पात्र लाभार्थियों को पेंशन भुगतान की स्थिति की जानकारी एसएमएस से दी जाएगी। जिन लाभार्थियों की फैमिली आईडी एक परिवार-एक पहचान योजना के तहत नहीं बनी है, उनकी फैमिली आईडी भी इसी दौरान तैयार कराई जाएगी। इस मामले में शासन से जारी निर्देशों में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सभी पेंशनरों की पात्रता की गहन जांच अनिवार्य रूप से की जाए। जिला स्तर पर सीडीओ को इस पूरे अभियान का नोडल अधिकारी बनाया गया है।



00



पात्र की पेंशन रुकने पर कार्रवाई का निर्देश



शासन के निर्देश में चेतावनी है कि यदि किसी जीवित और पात्र लाभार्थी की पेंशन रुकती है तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर फर्जी लाभार्थियों की पहचान करके सरकारी धन के दुरुपयोग पर सख्ती से रोक लगाने की बात भी निर्देशों में कही गई है।

00



जिन लोगों की मृत्यु हो चुकी है। उनकी री-चेकिंग कराई जाएगी। मृतक के परिवार से मृत्यु प्रमाणपत्र लिया जाएगा। साथ ही घर के आसपास के गवाह भी चिह्नित करेंगे। जिले में अभी तक के सत्यापन में 900 लाभार्थियों की मौत होने की जानकारी उजागर हो चुकी है। सत्यापन कार्य अभी जारी है। -पंखुरी जैन, जिला समाज कल्याण अधिकारी

00000000000
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed