{"_id":"6a160ca77831e60c7d043a3e","slug":"insurance-company-shocked-by-farmers-death-forum-says-pay-claim-jpnagar-news-c-284-1-smbd1013-164600-2026-05-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: किसान की मौत पर बीमा कंपनी को झटका, फोरम ने कहा- क्लेम का भुगतान करें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: किसान की मौत पर बीमा कंपनी को झटका, फोरम ने कहा- क्लेम का भुगतान करें
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अमरोहा। ट्रेन से कटकर किसान की मौत के मामले में बैंक और बीमा कंपनी द्वारा इसे आत्महत्या बताते हुए बीमा क्लेम देने से इनकार कर दिया। उपभोक्ता फोरम ने पीड़ित परिवार के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाते हुए बैंक और बीमा कंपनी सेवा में कमी का दोषी पाया। साथ ही दो लाख रुपये का बीमा क्लेम नौ प्रतिशत ब्याज सहित देने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मानसिक, शारीरिक और आर्थिक पीड़ा के लिए 15 हजार रुपये तथा वाद व्यय के रूप में 10 हजार रुपये अलग से भुगतान करने का आदेश दिया है। पूरी धनराशि एक माह के भीतर अदा करनी होगी।
शहर कोतवाली क्षेत्र के निवासी कुलवंत ने एचडीएफसी बैंक से सर्व सुरक्षा बीमा प्लान लिया था, जो 2018 से 2021 तक वैध था। वह नियमित रूप से 1153 रुपये प्रीमियम जमा कर रहे थे। पॉलिसी के अनुसार दुर्घटना में मृत्यु होने पर दो लाख रुपये का बीमा कवर था। आरोप है कि बैंक ने बिना जानकारी के मृतक के पिता को नॉमिनी बना दिया था। 27 जुलाई 2018 को कुलवंत की ट्रेन दुर्घटना में मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी रेल हादसे से मृत्यु की पुष्टि हुई थी, लेकिन बीमा कंपनी ने इसे आत्महत्या बताते हुए क्लेम खारिज कर दिया। इसके बाद मृतक की पत्नी रानी ने उपभोक्ता आयोग में याचिका दायर की। आयोग के अध्यक्ष रमाशंकर सिंह और सदस्य अंजू रानी दीक्षित ने सुनवाई के बाद पाया कि आत्महत्या के कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए। आयोग ने इसे सेवा में कमी मानते हुए बीमा क्लेम ब्याज सहित देने का आदेश पारित किया।
Trending Videos
शहर कोतवाली क्षेत्र के निवासी कुलवंत ने एचडीएफसी बैंक से सर्व सुरक्षा बीमा प्लान लिया था, जो 2018 से 2021 तक वैध था। वह नियमित रूप से 1153 रुपये प्रीमियम जमा कर रहे थे। पॉलिसी के अनुसार दुर्घटना में मृत्यु होने पर दो लाख रुपये का बीमा कवर था। आरोप है कि बैंक ने बिना जानकारी के मृतक के पिता को नॉमिनी बना दिया था। 27 जुलाई 2018 को कुलवंत की ट्रेन दुर्घटना में मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी रेल हादसे से मृत्यु की पुष्टि हुई थी, लेकिन बीमा कंपनी ने इसे आत्महत्या बताते हुए क्लेम खारिज कर दिया। इसके बाद मृतक की पत्नी रानी ने उपभोक्ता आयोग में याचिका दायर की। आयोग के अध्यक्ष रमाशंकर सिंह और सदस्य अंजू रानी दीक्षित ने सुनवाई के बाद पाया कि आत्महत्या के कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए। आयोग ने इसे सेवा में कमी मानते हुए बीमा क्लेम ब्याज सहित देने का आदेश पारित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन