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Amroha News: बुढ़नपुर के जंगल में तेंदुए की सक्रियता बरकरार, शावक होने का भी अनुमान
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Tue, 16 Jun 2026 01:42 AM IST
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डिडौली। क्षेत्र के बुढ़नपुर गांव स्थित अहमद ब्रास फैक्टरी के आसपास पिछले एक सप्ताह से तेंदुए की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। वन विभाग की टीम तेंदुए को पकड़ने के लिए मौके पर पिंजरा लगाकर उसमें बकरी बांधे हुए है लेकिन अब तक तेंदुआ पिंजरे में कैद नहीं हो सका है।
रविवार रात तेंदुए की गतिविधि एक बार फिर सामने आने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। बुढ़नपुर और दीपपुर के जंगलों में पिछले कई दिनों से तेंदुआ देखे जाने की सूचनाएं मिल रही हैं। हालांकि बीते दो दिनों से किसी ग्रामीण ने उसे प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा था लेकिन रविवार रात उसकी मौजूदगी के स्पष्ट संकेत मिले।
सोमवार सुबह वन विभाग की टीम जब पिंजरे के पास पहुंची तो वहां तेंदुए के ताजा पैरों के निशान दिखाई दिए। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पिंजरे के आसपास बड़े पंजों के साथ-साथ छोटे पंजों के निशान भी मिले हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि क्षेत्र में केवल एक तेंदुआ ही नहीं, बल्कि तेंदुए का जोड़ा और उसके शावक भी मौजूद हो सकते हैं।
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यदि ऐसा है तो ग्रामीणों के लिए खतरा और बढ़ सकता है, क्योंकि शावकों के साथ रहने वाले वन्य जीव अधिक सतर्क और आक्रामक हो सकते हैं। इस बीच शनिवार को कुछ शरारती तत्वों द्वारा पिंजरे में बंधी बकरी चोरी करने की नीयत से ताला तोड़ने का प्रयास भी किया गया था।
इससे वन विभाग की चिंता और बढ़ गई है। विभाग ने लोगों से वन्यजीवों को पकड़ने के प्रयासों में बाधा नहीं डालने की अपील की है। वन रक्षक लोकेंद्र सिंह ने बताया कि क्षेत्र में एक से अधिक तेंदुओं की मौजूदगी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाया गया पिंजरा फिलहाल वहीं रहेगा और वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है।
रविवार रात तेंदुए की गतिविधि एक बार फिर सामने आने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। बुढ़नपुर और दीपपुर के जंगलों में पिछले कई दिनों से तेंदुआ देखे जाने की सूचनाएं मिल रही हैं। हालांकि बीते दो दिनों से किसी ग्रामीण ने उसे प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा था लेकिन रविवार रात उसकी मौजूदगी के स्पष्ट संकेत मिले।
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सोमवार सुबह वन विभाग की टीम जब पिंजरे के पास पहुंची तो वहां तेंदुए के ताजा पैरों के निशान दिखाई दिए। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पिंजरे के आसपास बड़े पंजों के साथ-साथ छोटे पंजों के निशान भी मिले हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि क्षेत्र में केवल एक तेंदुआ ही नहीं, बल्कि तेंदुए का जोड़ा और उसके शावक भी मौजूद हो सकते हैं।
यदि ऐसा है तो ग्रामीणों के लिए खतरा और बढ़ सकता है, क्योंकि शावकों के साथ रहने वाले वन्य जीव अधिक सतर्क और आक्रामक हो सकते हैं। इस बीच शनिवार को कुछ शरारती तत्वों द्वारा पिंजरे में बंधी बकरी चोरी करने की नीयत से ताला तोड़ने का प्रयास भी किया गया था।
इससे वन विभाग की चिंता और बढ़ गई है। विभाग ने लोगों से वन्यजीवों को पकड़ने के प्रयासों में बाधा नहीं डालने की अपील की है। वन रक्षक लोकेंद्र सिंह ने बताया कि क्षेत्र में एक से अधिक तेंदुओं की मौजूदगी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाया गया पिंजरा फिलहाल वहीं रहेगा और वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है।