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Amroha News: डिजिटल रजिस्ट्री के खिलाफ वकीलों की दूसरे दिन भी हड़ताल
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Wed, 17 Jun 2026 01:48 AM IST
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अमरोहा। डिजिटल रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में जिले की चारों तहसीलों के अधिवक्ताओं की हड़ताल मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही।
आक्रोशित वकीलों ने रजिस्ट्री कार्यालयों पर तालाबंदी कर धरना-प्रदर्शन किया और न्यायिक कार्यों का बहिष्कार करते हुए सरकार से डिजिटल रजिस्ट्री लागू करने का निर्णय वापस लेने की मांग की। हड़ताल के कारण तहसीलों में रजिस्ट्री संबंधी कार्य पूरी तरह ठप रहे, जिससे दूर-दराज से पहुंचे वादकारियों और आम लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा।
अमरोहा सदर तहसील परिसर में आयोजित धरने को संबोधित करते हुए बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शकील अहमद ने कहा कि डिजिटल रजिस्ट्री योजना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस व्यवस्था के माध्यम से अधिवक्ताओं, स्टांप वेंडरों और दस्तावेज लेखकों की आजीविका पर संकट खड़ा कर रही है। उनका कहना था कि तहसीलों में सबसे अधिक कार्य रजिस्ट्री से जुड़े होते हैं और यदि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई तो हजारों लोगों के रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
बार एसोसिएशन के महासचिव संजीव कुमार ने कहा कि रजिस्ट्री का कार्य निजी क्षेत्र या पूर्ण डिजिटल व्यवस्था में जाने से अधिवक्ताओं की भूमिका सीमित हो जाएगी।
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इससे न केवल रोजगार प्रभावित होगा बल्कि फर्जीवाड़े की आशंका भी बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि ई-रजिस्ट्रेशन व्यवस्था लागू होने से पक्षकार सीधे ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाएंगे, जिससे तहसील स्तर पर कार्यों में कमी आएगी और बेरोजगारी बढ़ेगी।
धरना दे रहे अधिवक्ताओं ने प्रदेश सरकार से डिजिटल रजिस्ट्री का निर्णय वापस लेने, अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने तथा गुलड़िया रोड स्थित नवीन तहसील भवन में रजिस्ट्री कार्यालय स्थापित करने की मांग की। इस दौरान पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह शेरू, निरंजन सिंह, एजाज अहमद, वसीम अहमद, नईम अहमद, अमजद इदरीसी, अभिनव सक्सेना समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
दस्तावेज लेखक एसोसिएशन के प्रांतीय संयोजक हाजी खुर्शीद अनवर ने भी अपने साथियों के साथ धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल रजिस्ट्री व्यवस्था लागू होने से दस्तावेज लेखकों का कार्य भी प्रभावित होगा। उधर, नौगावां सादात तहसील में भी अधिवक्ताओं ने रजिस्ट्री कार्यालय पर तालाबंदी कर प्रदर्शन किया।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सर्वेंद्र यादव एडवोकेट, सचिव संजीव कुमार एडवोकेट, हेमंत चिकारा एडवोकेट, कादिर खान एडवोकेट, मोहम्मद आदिल, युवराज सिंह मौजूद रहे। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। तहसीलों में रजिस्ट्री कार्य प्रभावित होने से लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
आक्रोशित वकीलों ने रजिस्ट्री कार्यालयों पर तालाबंदी कर धरना-प्रदर्शन किया और न्यायिक कार्यों का बहिष्कार करते हुए सरकार से डिजिटल रजिस्ट्री लागू करने का निर्णय वापस लेने की मांग की। हड़ताल के कारण तहसीलों में रजिस्ट्री संबंधी कार्य पूरी तरह ठप रहे, जिससे दूर-दराज से पहुंचे वादकारियों और आम लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा।
अमरोहा सदर तहसील परिसर में आयोजित धरने को संबोधित करते हुए बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शकील अहमद ने कहा कि डिजिटल रजिस्ट्री योजना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस व्यवस्था के माध्यम से अधिवक्ताओं, स्टांप वेंडरों और दस्तावेज लेखकों की आजीविका पर संकट खड़ा कर रही है। उनका कहना था कि तहसीलों में सबसे अधिक कार्य रजिस्ट्री से जुड़े होते हैं और यदि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई तो हजारों लोगों के रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
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बार एसोसिएशन के महासचिव संजीव कुमार ने कहा कि रजिस्ट्री का कार्य निजी क्षेत्र या पूर्ण डिजिटल व्यवस्था में जाने से अधिवक्ताओं की भूमिका सीमित हो जाएगी।
इससे न केवल रोजगार प्रभावित होगा बल्कि फर्जीवाड़े की आशंका भी बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि ई-रजिस्ट्रेशन व्यवस्था लागू होने से पक्षकार सीधे ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाएंगे, जिससे तहसील स्तर पर कार्यों में कमी आएगी और बेरोजगारी बढ़ेगी।
धरना दे रहे अधिवक्ताओं ने प्रदेश सरकार से डिजिटल रजिस्ट्री का निर्णय वापस लेने, अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने तथा गुलड़िया रोड स्थित नवीन तहसील भवन में रजिस्ट्री कार्यालय स्थापित करने की मांग की। इस दौरान पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह शेरू, निरंजन सिंह, एजाज अहमद, वसीम अहमद, नईम अहमद, अमजद इदरीसी, अभिनव सक्सेना समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
दस्तावेज लेखक एसोसिएशन के प्रांतीय संयोजक हाजी खुर्शीद अनवर ने भी अपने साथियों के साथ धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल रजिस्ट्री व्यवस्था लागू होने से दस्तावेज लेखकों का कार्य भी प्रभावित होगा। उधर, नौगावां सादात तहसील में भी अधिवक्ताओं ने रजिस्ट्री कार्यालय पर तालाबंदी कर प्रदर्शन किया।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सर्वेंद्र यादव एडवोकेट, सचिव संजीव कुमार एडवोकेट, हेमंत चिकारा एडवोकेट, कादिर खान एडवोकेट, मोहम्मद आदिल, युवराज सिंह मौजूद रहे। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। तहसीलों में रजिस्ट्री कार्य प्रभावित होने से लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।