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Amroha News: उपभोक्ता के हक में फैसला... बीमा कंपनी को देना होगा दो लाख का क्लेम
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Sun, 08 Mar 2026 01:51 AM IST
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अमरोहा। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत बीमा क्लेम को गलत तरीके से निरस्त करने पर बीमा कंपनी को दो लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है। आयोग ने बीमा कंपनी को यह राशि वाद दायर होने की तिथि से नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित देने के आदेश दिए हैं। साथ ही मानसिक व आर्थिक क्षति के लिए 15 हजार रुपये और वाद व्यय के रूप में 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
मंडी धनौरा थानाक्षेत्र के ड्योटी निवासी रवि कुमार उर्फ रविंद्र होमगार्ड थे। उनकी ड्यूटी बछरायूं थाने में चल रही थी। रवि कुमार बैंक खाते के माध्यम से प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत बीमा कराया गया था, जिसमें मृत्यु होने की दशा में नामिनी को दो लाख रुपये की राशि देय थी। बैंक ने 26 मई 2022 को 12 रुपये का वार्षिक प्रीमियम काटकर बीमा का नवीनीकरण भी कर दिया था। इस बीमे में रविकुमार की पत्नी अनीता देवी नॉमिनी थीं। 26 जुलाई 2022 को कांवड़ यात्रा के दौरान धनौरा-गजरौला मार्ग पर जोगीपुरा गांव के पास ड्यूटी करते समय एक मोटरसाइकिल चालक ने रवि कुमार को टक्कर मार दी थी, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई और उन्हें जिला अस्पताल अमरोहा में भर्ती कराया गया। इसके बाद वह कोमा में चले गए और 15 नवंबर 2022 को उनकी मौत हो गई। घटना के संबंध में थाना बछरायूं में प्राथमिकी दर्ज कराई गई और पुलिस विवेचना में धाराओं की बढ़ोतरी करते हुए आरोप पत्र भी न्यायालय में दाखिल किया। इस मामले में मृतक रवि कुमार की पत्नी अनीता ने बीमा क्लेम के लिए आवेदन किया। लेकिन, बीमा कंपनी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट दर्शाते हुए यह कहते हुए दावा निरस्त कर दिया कि मौत दुर्घटना के कारण नहीं हुई है। लिहाजा अनीता देवी ने उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया। प्रकरण को गंभीरता से लेकर आयोग के अध्यक्ष रमाशंकर सिंह और महिला सदस्य अंजू रानी दीक्षित ने बीमा कंपनी के अधिकारियों को तलब कर लिया। मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने एफआईआर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पुलिस की अंतिम रिपोर्ट, मेडिकल दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों का अवलोकन किया। आयोग ने पाया कि रवि कुमार की मौत 26 जुलाई 2022 को हुई सड़क हादसे में आई गंभीर चोटों के बाद उपचार के दौरान हुई थी और बीमा कंपनी ने गलत आधार पर क्लेम निरस्त किया है। लिहाजा आयोग ने बीमा कंपनी को दो लाख रुपये बीमा धनराशि को नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज समेत देने के निर्देश दिए।
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मंडी धनौरा थानाक्षेत्र के ड्योटी निवासी रवि कुमार उर्फ रविंद्र होमगार्ड थे। उनकी ड्यूटी बछरायूं थाने में चल रही थी। रवि कुमार बैंक खाते के माध्यम से प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत बीमा कराया गया था, जिसमें मृत्यु होने की दशा में नामिनी को दो लाख रुपये की राशि देय थी। बैंक ने 26 मई 2022 को 12 रुपये का वार्षिक प्रीमियम काटकर बीमा का नवीनीकरण भी कर दिया था। इस बीमे में रविकुमार की पत्नी अनीता देवी नॉमिनी थीं। 26 जुलाई 2022 को कांवड़ यात्रा के दौरान धनौरा-गजरौला मार्ग पर जोगीपुरा गांव के पास ड्यूटी करते समय एक मोटरसाइकिल चालक ने रवि कुमार को टक्कर मार दी थी, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई और उन्हें जिला अस्पताल अमरोहा में भर्ती कराया गया। इसके बाद वह कोमा में चले गए और 15 नवंबर 2022 को उनकी मौत हो गई। घटना के संबंध में थाना बछरायूं में प्राथमिकी दर्ज कराई गई और पुलिस विवेचना में धाराओं की बढ़ोतरी करते हुए आरोप पत्र भी न्यायालय में दाखिल किया। इस मामले में मृतक रवि कुमार की पत्नी अनीता ने बीमा क्लेम के लिए आवेदन किया। लेकिन, बीमा कंपनी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट दर्शाते हुए यह कहते हुए दावा निरस्त कर दिया कि मौत दुर्घटना के कारण नहीं हुई है। लिहाजा अनीता देवी ने उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया। प्रकरण को गंभीरता से लेकर आयोग के अध्यक्ष रमाशंकर सिंह और महिला सदस्य अंजू रानी दीक्षित ने बीमा कंपनी के अधिकारियों को तलब कर लिया। मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने एफआईआर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पुलिस की अंतिम रिपोर्ट, मेडिकल दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों का अवलोकन किया। आयोग ने पाया कि रवि कुमार की मौत 26 जुलाई 2022 को हुई सड़क हादसे में आई गंभीर चोटों के बाद उपचार के दौरान हुई थी और बीमा कंपनी ने गलत आधार पर क्लेम निरस्त किया है। लिहाजा आयोग ने बीमा कंपनी को दो लाख रुपये बीमा धनराशि को नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज समेत देने के निर्देश दिए।
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