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Amroha News: रामगंगा पोषक नहर पर बनाए जाएंगे तीन पुल, लोगों को मिलेगा फायदा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Mon, 15 Jun 2026 01:25 AM IST
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अमरोहा। करीब 50 साल पुराने व क्षतिग्रस्त हो चुके रामगंगा पोषक नहर पर बने तीनों पुलों के बराबर में नए पुल बनाए जाएंगे। इनकी चौड़ाई भी साढ़े सात मीटर की रहेगी। इन पर करीब 18 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। चार मीटर की चौड़ाई के पुराने पुल संकरे होने के कारण जाम भी लगता है।
जिले में पोषक नहर पर बने तीन पुल करीब 50 साल पुराने होने के साथ ही अब बदहाल हो चुके है। इनकी चौड़ाई भी कम है। इनमें दो पुल धनौरा तहसील क्षेत्र में आते हैं। एक धनौरा-फीना मार्ग पर बना है जिसकी चौड़ाई चार मीटर है। यह बिजनौर व अमरोहा को जोड़ता है। पुल संकरा होने के कारण कई बार जाम लग जाता है। वहीं दूसर पुल धनौरा-चांदपुर मार्ग पर बनेगा। यह पुल भी संकरा और पुराना है। इसके अलावा नौगावां सादात तहसील में जाजरू के सामने बना पुल आवागमन के लिए लायक नहीं रह गया। लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के अफसरों ने भी तीनों का निरीक्षण कर उनको क्षतिग्रस्त करार दिया था। तीनों पुलों की चौड़ाई साढ़े सात मीटर और लंबाई 56 मीटर होगी। पीडब्ल्यूडी ने तीनों का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। एक पुल पर छह करोड़ रुपये खर्च होंगे। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड जोया केएई रणवीर सिंह ने बताया कि प्रस्ताव शासन ने ही मांगा था। इसलिए जल्द ही धनराशि अवमुक्त होने की संभावना है। जिसके बाद काम शुरू करा दिया जाएगा।
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जाजरू पुल से जुड़े हैं दस गांव
नौगावां सादात तहसील क्षेत्र के जाजरू गांव के सामने षोषक नहर पर बना पुल भी 50 साल पुराना होने के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे जाजरू, बोरी-बोरा, खेड़की, खेड़का, नौगांवा तगा, चमरौआ समेत दस गांव के ग्रामीणों का आवागमन होता है। पुल क्षति ग्रस्त होने के कारण इस पर आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया है। जिसके चलते लोग कई किमी का चक्कर काटकर अलीपुरा कुई वाले पुल से गुजरते हैं। पुल बन जाने से हादसे की आशंका नहीं रहेगी।
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धनौरा और नौगावां क्षेत्र के पुल होंगे शामिल
नए निर्माण प्रस्ताव में धनौरा तहसील क्षेत्र के दो तथा नौगावां सादात क्षेत्र के एक पुल को शामिल किया गया है। धनौरा-फीना मार्ग पर बना पुल बिजनौर और अमरोहा जनपदों को जोड़ता है। यह मार्ग क्षेत्र के लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन पुल संकरा होने के कारण यहां अक्सर जाम लग जाता है। इसके अलावा शेरपुर क्षेत्र में स्थित पुल भी काफी पुराना और क्षतिग्रस्त हो चुका है। वहीं नौगावां सादात तहसील क्षेत्र के जाजरू गांव के सामने स्थित पुल की हालत सबसे अधिक खराब बताई जा रही है। पुल की जर्जर स्थिति को देखते हुए बरसात के मौसम में इस पर आवागमन भी प्रतिबंधित कर दिया गया था।
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साढ़े सात मीटर चौड़े होंगे नए पुल
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने तीनों पुलों का निरीक्षण कर उन्हें क्षतिग्रस्त घोषित किया था। प्रस्ताव के अनुसार सभी नए पुलों की चौड़ाई साढ़े सात मीटर होगी, जिससे दो बड़े वाहन आसानी से एक साथ गुजर सकेंगे। इससे यातायात सुगम होगा और जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी। पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण ग्रामीणों को अब कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर अलीपुरा कुई वाले पुल से होकर गुजरना पड़ रहा है। इससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही है। नया पुल बनने के बाद ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी और आवागमन फिर से सुगम हो सकेगा।
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हादसों पर भी लगेगी रोक
पुराने पुलों की जर्जर स्थिति के कारण हादसों की आशंका लगातार बनी रहती है। खासकर बरसात के मौसम में पुलों से गुजरना जोखिम भरा हो जाता है। नए और मजबूत पुलों के निर्माण से दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी तथा लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी।
तीनों पुलों के निर्माण का प्रस्ताव शासन की मांग पर तैयार कर भेजा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही धनराशि स्वीकृत हो जाएगी। बजट मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा, जिससे क्षेत्र के हजारों लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिल सकेगी।- रणवीर सिंह, एई, पीडब्ल्यूडी
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जिले में पोषक नहर पर बने तीन पुल करीब 50 साल पुराने होने के साथ ही अब बदहाल हो चुके है। इनकी चौड़ाई भी कम है। इनमें दो पुल धनौरा तहसील क्षेत्र में आते हैं। एक धनौरा-फीना मार्ग पर बना है जिसकी चौड़ाई चार मीटर है। यह बिजनौर व अमरोहा को जोड़ता है। पुल संकरा होने के कारण कई बार जाम लग जाता है। वहीं दूसर पुल धनौरा-चांदपुर मार्ग पर बनेगा। यह पुल भी संकरा और पुराना है। इसके अलावा नौगावां सादात तहसील में जाजरू के सामने बना पुल आवागमन के लिए लायक नहीं रह गया। लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के अफसरों ने भी तीनों का निरीक्षण कर उनको क्षतिग्रस्त करार दिया था। तीनों पुलों की चौड़ाई साढ़े सात मीटर और लंबाई 56 मीटर होगी। पीडब्ल्यूडी ने तीनों का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। एक पुल पर छह करोड़ रुपये खर्च होंगे। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड जोया केएई रणवीर सिंह ने बताया कि प्रस्ताव शासन ने ही मांगा था। इसलिए जल्द ही धनराशि अवमुक्त होने की संभावना है। जिसके बाद काम शुरू करा दिया जाएगा।
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जाजरू पुल से जुड़े हैं दस गांव
नौगावां सादात तहसील क्षेत्र के जाजरू गांव के सामने षोषक नहर पर बना पुल भी 50 साल पुराना होने के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे जाजरू, बोरी-बोरा, खेड़की, खेड़का, नौगांवा तगा, चमरौआ समेत दस गांव के ग्रामीणों का आवागमन होता है। पुल क्षति ग्रस्त होने के कारण इस पर आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया है। जिसके चलते लोग कई किमी का चक्कर काटकर अलीपुरा कुई वाले पुल से गुजरते हैं। पुल बन जाने से हादसे की आशंका नहीं रहेगी।
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धनौरा और नौगावां क्षेत्र के पुल होंगे शामिल
नए निर्माण प्रस्ताव में धनौरा तहसील क्षेत्र के दो तथा नौगावां सादात क्षेत्र के एक पुल को शामिल किया गया है। धनौरा-फीना मार्ग पर बना पुल बिजनौर और अमरोहा जनपदों को जोड़ता है। यह मार्ग क्षेत्र के लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन पुल संकरा होने के कारण यहां अक्सर जाम लग जाता है। इसके अलावा शेरपुर क्षेत्र में स्थित पुल भी काफी पुराना और क्षतिग्रस्त हो चुका है। वहीं नौगावां सादात तहसील क्षेत्र के जाजरू गांव के सामने स्थित पुल की हालत सबसे अधिक खराब बताई जा रही है। पुल की जर्जर स्थिति को देखते हुए बरसात के मौसम में इस पर आवागमन भी प्रतिबंधित कर दिया गया था।
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साढ़े सात मीटर चौड़े होंगे नए पुल
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने तीनों पुलों का निरीक्षण कर उन्हें क्षतिग्रस्त घोषित किया था। प्रस्ताव के अनुसार सभी नए पुलों की चौड़ाई साढ़े सात मीटर होगी, जिससे दो बड़े वाहन आसानी से एक साथ गुजर सकेंगे। इससे यातायात सुगम होगा और जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी। पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण ग्रामीणों को अब कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर अलीपुरा कुई वाले पुल से होकर गुजरना पड़ रहा है। इससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही है। नया पुल बनने के बाद ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी और आवागमन फिर से सुगम हो सकेगा।
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हादसों पर भी लगेगी रोक
पुराने पुलों की जर्जर स्थिति के कारण हादसों की आशंका लगातार बनी रहती है। खासकर बरसात के मौसम में पुलों से गुजरना जोखिम भरा हो जाता है। नए और मजबूत पुलों के निर्माण से दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी तथा लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी।
तीनों पुलों के निर्माण का प्रस्ताव शासन की मांग पर तैयार कर भेजा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही धनराशि स्वीकृत हो जाएगी। बजट मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा, जिससे क्षेत्र के हजारों लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिल सकेगी।- रणवीर सिंह, एई, पीडब्ल्यूडी
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