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कौन है यूट्यूबर सलीम पर हमला करने वाला जीशान?: मदरसा की तालीम से अपराध की दुनिया तक, सैफी के अंत की कहानी

संवाद न्यूज एजेंसी, सैदनगली Published by: विकास कुमार Updated Mon, 02 Mar 2026 06:50 PM IST
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सार

जीशान आखिरी बार 16 फरवरी को अपने माता-पिता से मिलने सैदनगली स्थित घर आया था। एक रात रुकने के बाद वह 17 फरवरी को वापस लौट गया। परिजनों के अनुसार, शुक्रवार को वह किसी ठेकेदार से मजदूरी के पैसे लेने की बात कहकर निकला था, जिसके बाद से वह लापता था। 

Who is Zeeshan Saifi man who attacked YouTuber Salim in ghaziabad
Zeeshan killed in encounter - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

यूपी के गाजियाबाद में रविवार रात हुई पुलिस मुठभेड़ ने अमरोहा के सैदनगली कस्बे के एक साधारण परिवार को झकझोर कर रख दिया है। मारा गया आरोपी जीशान सैफी, जो कभी धार्मिक मिजाज का युवक हुआ करता था, पुलिस की फाइलों में एक अपराधी के रूप में दर्ज होकर खामोश हो गया।

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शांत और मजहबी था जीशान
सैदनगली के सकतपुर रोड स्थित दयानंद इंटर कॉलेज के पीछे रहने वाले बुनियाद अली का सबसे छोटा बेटा जीशान बचपन से ही शांत और मजहबी स्वभाव का था। पिता ने उसे दीन की शिक्षा के लिए स्थानीय मदरसे में भेजा, जहां उसने तीन साल तक तालीम हासिल की। साल 2021 में 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद वह बेहतर भविष्य की तलाश में नोएडा में रह रहे अपने बड़े भाई गुलफाम के पास चला गया। किसे पता था कि पढ़ाई और इबादत में बीतने वाला यह वक्त जल्द ही खतरनाक रास्तों की ओर मुड़ जाएगा। 

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मजूदरी के पैसे लेने की बात कहकर निकला था घर से
जीशान आखिरी बार 16 फरवरी को अपने माता-पिता से मिलने सैदनगली स्थित घर आया था। एक रात रुकने के बाद वह 17 फरवरी को वापस लौट गया। परिजनों के अनुसार, शुक्रवार को वह किसी ठेकेदार से मजदूरी के पैसे लेने की बात कहकर निकला था, जिसके बाद से वह लापता था। रविवार रात जब गाजियाबाद में मुठभेड़ हुई, तो सैदनगली पुलिस ने आधी रात को उसके घर जाकर सिर्फ इतना बताया कि जीशान अस्पताल में भर्ती है। परिवार पूरी रात उसकी सलामती की दुआएं मांगता रहा, जबकि सोशल मीडिया पर उसकी मौत की खबरें वायरल हो चुकी थीं।

बिखर गया परिवार का सपना
बुनियाद अली लकड़ी का काम कर अपने परिवार का गुजर-बसर करते हैं। उन्होंने अपनी पांचों बेटियों की शादी कर दी थी और छोटे बेटे जीशान से उन्हें काफी उम्मीदें थीं। बड़ा बेटा गुलफाम पिछले 10 साल से नोएडा में रहकर लकड़ी की कारीगरी कर रहा है। जीशान की मौत की खबर जब चचेरे भाई मोहम्मद शादाब को इंटरनेट के जरिए मिली, तो पूरे मोहल्ले में सन्नाटा पसर गया। एक तरफ पुलिस इसे अपराध के खिलाफ बड़ी कामयाबी मान रही है, वहीं दूसरी तरफ एक पिता के लिए यह समझ पाना मुश्किल हो रहा है कि मदरसे की शांति से निकलकर उसका बेटा कत्ल और गोलियों की गड़गड़ाहट के बीच कैसे पहुंच गया।

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