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Auraiya News: 200 किसानों ने चंदा कर साफ कराया गांगसी रजवहा, आया पानी
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जसवंतपुर के पास गांगसी रजवहा की बुलडोजर से होती सफाई। संवाद
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फोटो-28 - जसवंतपुर के पास गांगसी रजवहा की बुलडोजर से होती सफाई। संवाद
- अधिकारियों ने नहीं सुनीं टेल तक पानी न आने की समस्या, तो स्वयं से निकाला हल
- 50 हजार का हुआ चंदा, जेसीबी लगाकर 25 किमी दायरे से निकाली गई जलकुंभी
कुलदीप सिंह
एरवाकटरा। सरकारी सिस्टम की अनदेखी क्षेत्र के 100 से ज्यादा गांवों के किसानों की मुश्किलें बढ़ा रही थी। धान की फसल में सिंचाई के लिए यहां के किसान गांगसी रजवहा में पानी आने का इंतजार कर रहे थे। किसान अधिकारियों से गुहार लगा रहे थे। जब सुनवाई न हुई तो 200 किसानों ने स्वयं से चंदा कर रजवहा की 25 किमी दायरे में जगह-जगह झाड़ियों व जलकुंभी की सफाई कराई। किसानों के 50 हजार रुपये के चंदे से हुए काम के बाद अब गांगसी रजवहा में पानी आया है।
गांगसी रजवहा में पानी न पहुंचने से धान की रोपाई को लेकर परेशान क्षेत्र के किसानों का धैर्य जवाब दे रहा था। सिंचाई विभाग के जिम्मेदारों से शिकायत और गुहार के बावजूद समस्या का समाधान न होने पर किसानों ने सरकारी व्यवस्था का इंतजार छोड़ खुद ही रजवहा की सफाई कराने का फैसला लिया। मैनपुरी जनपद की ओर से आए इस रजवहा का पानी औरैया तक आ ही नहीं रहा था। इसे लेकर क्षेत्र के गांव बेलझाली, उमरेडी, नगला बिजा, जसवंतपुर और भैदपुर समेत आसपास के गांवों के करीब 200 किसानों ने आपसी चंदा जुटाकर करीब 25 किलोमीटर लंबे गांगसी रजवाह की जेसीबी से सफाई कराई। करीब चार दिन चले इस अभियान में किसानों ने 50 हजार रुपये से अधिक खर्च कर दिए। सफाई पूरी होने के बाद मंगलवार को रजवहा में पानी पहुंचा तो किसानों ने राहत की सांस ली। इटावा जिले की सीमा पर स्थित औरैया के गांव शेखूपुर से होते हुए कन्नौज जिले की सीमा पर भटौरा तक जाने वाला गांगसी रजवहा और इससे जुड़े माइनर क्षेत्र के हजारों किसानों की खेती की सिंचाई का प्रमुख साधन हैं। औरैया के रमपुरा, बरौनाकलां, नगला बिजा, उमरेडी, हिरमी, फैजुल्लापुर, नेहरा बोझ, बहादुरपुर रूरू, समायन, सराय कछवाह, रतनपुर, हरचंदापुर, नगला कसान, करमूपुर, जगतपुर, कटैया और भटौरा समेत दर्जनों गांवों के किसान इसकी सिंचाई पर निर्भर हैं। संवाद
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किसानों का आरोप : कागजों में हो गई गांगसी रजवहा की सफाई
उमरेडी गांव के किसान रामसिंह, शैलेंद्र सिंह, शिवराम, तुलाराम, मनोज कुमार और अवधेश कुमार, रानीपुर दत्त के महेंद्र राठौर, बहादुरपुर रूरू के ब्रजेंद्र सिंह भदौरिया व अवधेश सिंह, प्रदीप सिंह सेंगर ने पहले आरोप लगाया कि रजवहा की सफाई केवल कागजों में कर दी गई है। मौके पर सिल्ट, जलकुंभी और खरपतवार जमा होने से पानी टेल तक नहीं पहुंच पा रहा था। पिछले साल अक्तूबर-नवंबर में ठेकेदार से सफाई कराने की बात कही गई थी, लेकिन मौके पर स्थिति जस की तस बनी रही। मैनपुरी के रैपुरा क्षेत्र से रजवहा की बुलडोजर से सफाई शुरू कराई। मंगलवार को उमरेडी गांव तक 25 किमी दायरे में सफाई पूरी हो गई। इसके बाद रजवहा में पानी पहुंचने लगा है।
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फोटो- 30- अवधेश कुमार
टेल तक नहीं आ रहा था पानी
बरसात से पहले रजवहा की सफाई कागजों में कर दी गई थी। जलकुंभी व खरपतवार की वजह से टेल तक पानी ही नहीं आ रहा था। अधिकारी शिकायत का संज्ञान नहीं ले रहे थे। मजबूरी में चंदा कर रजवहा की सफाई कराई है। -अवधेश कुमार
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फोटो-29 - प्रीतम
शिकायत पर नहीं दिया ध्यान
खरपतवार की वजह से गांगसी रजवहा में मैनपुरी जिले के रैपुरा-कटरा तक ही पहुंच रहा था। औरैया सीमा तक पानी ही नहीं आ रहा था। शिकायतों पर अधिकारियों ने बिलकुल भी ध्यान नहीं दिया। मजबूर होकर किसानों को अपनी जेब से पैसा खर्च कर रजवहा की सफाई करानी पड़ी। - प्रीतम
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वर्जन
गांगसी रजवहा में पहले से ही पानी छोड़ा जा चुका है। मैनपुरी क्षेत्र में पानी ओवर चल रहा है। बारिश कम होने के कारण बीच के क्षेत्र के किसान अधिक मात्रा में पानी ले रहे हैं। ऐसे में और पानी छोड़ने पर रजवाह में कटान का खतरा है। इसी वजह से टेल पर स्थित एरवाकटरा क्षेत्र के गांवों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
- राजेश राजपूत, अवर अभियंता, सिंचाई विभाग इटावा प्रखंड
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- अधिकारियों ने नहीं सुनीं टेल तक पानी न आने की समस्या, तो स्वयं से निकाला हल
- 50 हजार का हुआ चंदा, जेसीबी लगाकर 25 किमी दायरे से निकाली गई जलकुंभी
कुलदीप सिंह
एरवाकटरा। सरकारी सिस्टम की अनदेखी क्षेत्र के 100 से ज्यादा गांवों के किसानों की मुश्किलें बढ़ा रही थी। धान की फसल में सिंचाई के लिए यहां के किसान गांगसी रजवहा में पानी आने का इंतजार कर रहे थे। किसान अधिकारियों से गुहार लगा रहे थे। जब सुनवाई न हुई तो 200 किसानों ने स्वयं से चंदा कर रजवहा की 25 किमी दायरे में जगह-जगह झाड़ियों व जलकुंभी की सफाई कराई। किसानों के 50 हजार रुपये के चंदे से हुए काम के बाद अब गांगसी रजवहा में पानी आया है।
गांगसी रजवहा में पानी न पहुंचने से धान की रोपाई को लेकर परेशान क्षेत्र के किसानों का धैर्य जवाब दे रहा था। सिंचाई विभाग के जिम्मेदारों से शिकायत और गुहार के बावजूद समस्या का समाधान न होने पर किसानों ने सरकारी व्यवस्था का इंतजार छोड़ खुद ही रजवहा की सफाई कराने का फैसला लिया। मैनपुरी जनपद की ओर से आए इस रजवहा का पानी औरैया तक आ ही नहीं रहा था। इसे लेकर क्षेत्र के गांव बेलझाली, उमरेडी, नगला बिजा, जसवंतपुर और भैदपुर समेत आसपास के गांवों के करीब 200 किसानों ने आपसी चंदा जुटाकर करीब 25 किलोमीटर लंबे गांगसी रजवाह की जेसीबी से सफाई कराई। करीब चार दिन चले इस अभियान में किसानों ने 50 हजार रुपये से अधिक खर्च कर दिए। सफाई पूरी होने के बाद मंगलवार को रजवहा में पानी पहुंचा तो किसानों ने राहत की सांस ली। इटावा जिले की सीमा पर स्थित औरैया के गांव शेखूपुर से होते हुए कन्नौज जिले की सीमा पर भटौरा तक जाने वाला गांगसी रजवहा और इससे जुड़े माइनर क्षेत्र के हजारों किसानों की खेती की सिंचाई का प्रमुख साधन हैं। औरैया के रमपुरा, बरौनाकलां, नगला बिजा, उमरेडी, हिरमी, फैजुल्लापुर, नेहरा बोझ, बहादुरपुर रूरू, समायन, सराय कछवाह, रतनपुर, हरचंदापुर, नगला कसान, करमूपुर, जगतपुर, कटैया और भटौरा समेत दर्जनों गांवों के किसान इसकी सिंचाई पर निर्भर हैं। संवाद
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किसानों का आरोप : कागजों में हो गई गांगसी रजवहा की सफाई
उमरेडी गांव के किसान रामसिंह, शैलेंद्र सिंह, शिवराम, तुलाराम, मनोज कुमार और अवधेश कुमार, रानीपुर दत्त के महेंद्र राठौर, बहादुरपुर रूरू के ब्रजेंद्र सिंह भदौरिया व अवधेश सिंह, प्रदीप सिंह सेंगर ने पहले आरोप लगाया कि रजवहा की सफाई केवल कागजों में कर दी गई है। मौके पर सिल्ट, जलकुंभी और खरपतवार जमा होने से पानी टेल तक नहीं पहुंच पा रहा था। पिछले साल अक्तूबर-नवंबर में ठेकेदार से सफाई कराने की बात कही गई थी, लेकिन मौके पर स्थिति जस की तस बनी रही। मैनपुरी के रैपुरा क्षेत्र से रजवहा की बुलडोजर से सफाई शुरू कराई। मंगलवार को उमरेडी गांव तक 25 किमी दायरे में सफाई पूरी हो गई। इसके बाद रजवहा में पानी पहुंचने लगा है।
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फोटो- 30- अवधेश कुमार
टेल तक नहीं आ रहा था पानी
बरसात से पहले रजवहा की सफाई कागजों में कर दी गई थी। जलकुंभी व खरपतवार की वजह से टेल तक पानी ही नहीं आ रहा था। अधिकारी शिकायत का संज्ञान नहीं ले रहे थे। मजबूरी में चंदा कर रजवहा की सफाई कराई है। -अवधेश कुमार
फोटो-29 - प्रीतम
शिकायत पर नहीं दिया ध्यान
खरपतवार की वजह से गांगसी रजवहा में मैनपुरी जिले के रैपुरा-कटरा तक ही पहुंच रहा था। औरैया सीमा तक पानी ही नहीं आ रहा था। शिकायतों पर अधिकारियों ने बिलकुल भी ध्यान नहीं दिया। मजबूर होकर किसानों को अपनी जेब से पैसा खर्च कर रजवहा की सफाई करानी पड़ी। - प्रीतम
वर्जन
गांगसी रजवहा में पहले से ही पानी छोड़ा जा चुका है। मैनपुरी क्षेत्र में पानी ओवर चल रहा है। बारिश कम होने के कारण बीच के क्षेत्र के किसान अधिक मात्रा में पानी ले रहे हैं। ऐसे में और पानी छोड़ने पर रजवाह में कटान का खतरा है। इसी वजह से टेल पर स्थित एरवाकटरा क्षेत्र के गांवों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
- राजेश राजपूत, अवर अभियंता, सिंचाई विभाग इटावा प्रखंड

जसवंतपुर के पास गांगसी रजवहा की बुलडोजर से होती सफाई। संवाद

जसवंतपुर के पास गांगसी रजवहा की बुलडोजर से होती सफाई। संवाद