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Auraiya News: 42 साल पुरानी टंकी जर्जर, पांच साल से सफाई नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Wed, 14 Jan 2026 11:37 PM IST
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फोटो-37-नुमाइश मैदान के पास बनी पानी की टंकी। संवाद
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दिबियापुर। नगर पंचायत दिबियापुर में 15 वार्डों में पेयजल आपूर्ति के लिए 42 साल पहले बनाई गई पानी की टंकी जर्जर हो चुकी है, पांच साल से इसकी सफाई भी नहीं की गई।
लोगों का आरोप है कि पानी के साथ अक्सर बालू और गंदगी आ जाती है। उधर, नगर पंचायत में पानी की तीन नई टंकियों का निर्माण हो चुका है, पर अभी यह हैंडओवर नहीं की गई हैं।
वर्ष 1984 में नुमाइश मैदान पर 6.50 लाख लीटर पानी की क्षमता वाली टंकी बनाई गई थी। यह अब जर्जर हो चुकी है। हैरानी की बात यह है कि बीते पांच वर्षों से इसकी सफाई तक नहीं कराई गई, जबकि इसी टंकी से 15 वार्डों में करीब 12 हजार की आबादी को पानी की सप्लाई की जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नलों से आने वाले पानी में अक्सर बालू और गंदगी दिखाई देती है, इसके बावजूद न तो नगर पंचायत और न ही जल निगम इस पर गंभीर है।
नगर में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के नाम पर बनाई गई तीन नई पानी की टंकियां भी सवालों के घेरे में हैं। भगवतीगंज स्थित कांशीराम कॉलोनी में 11 लाख लीटर, रोडवेज बस स्टैंड के पास सात लाख लीटर और उमरी ग्राम पंचायत में पांच लाख लीटर क्षमता की टंकियों का अभी ट्रायल चल रहा है।
जल निगम ने इन्हें नगर पंचायत को औपचारिक रूप से हैंडओवर नहीं किया है, इसके बावजूद इनसे कनेक्शन देने का काम जारी है और कई कनेक्शन पहले ही दिए जा चुके हैं।
लोग बोले-नियमित सफाई हो
गंदगी आ रही
पेयजल व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। पानी के साथ कभी बालू व गंदगी भी आने लगती है। टंकियों की नियमित सफाई होनी चाहिए।
- कुलभूषण कुमार
नई टंकियां बन चुकी हैं तो उनसे पानी दिया जाए। अभी जो पानी मिल रहा है, उसे छानकर पीना पड़ता है।
- नरेंद्र प्रताप सिंह
पानी की जांच के लिए सैंपल भेजा जा चुका है। नई टंकियों से कनेक्शन देने का काम चल रहा है। हैंडओवर होते ही इनके जरिये पानी की आपूर्ति की जाएगी। टंकी की सफाई की जांच कराई जाएगी।
- विनय पांडे, अधिशासी अधिकारी दिबियापुर
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लोगों का आरोप है कि पानी के साथ अक्सर बालू और गंदगी आ जाती है। उधर, नगर पंचायत में पानी की तीन नई टंकियों का निर्माण हो चुका है, पर अभी यह हैंडओवर नहीं की गई हैं।
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वर्ष 1984 में नुमाइश मैदान पर 6.50 लाख लीटर पानी की क्षमता वाली टंकी बनाई गई थी। यह अब जर्जर हो चुकी है। हैरानी की बात यह है कि बीते पांच वर्षों से इसकी सफाई तक नहीं कराई गई, जबकि इसी टंकी से 15 वार्डों में करीब 12 हजार की आबादी को पानी की सप्लाई की जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नलों से आने वाले पानी में अक्सर बालू और गंदगी दिखाई देती है, इसके बावजूद न तो नगर पंचायत और न ही जल निगम इस पर गंभीर है।
नगर में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के नाम पर बनाई गई तीन नई पानी की टंकियां भी सवालों के घेरे में हैं। भगवतीगंज स्थित कांशीराम कॉलोनी में 11 लाख लीटर, रोडवेज बस स्टैंड के पास सात लाख लीटर और उमरी ग्राम पंचायत में पांच लाख लीटर क्षमता की टंकियों का अभी ट्रायल चल रहा है।
जल निगम ने इन्हें नगर पंचायत को औपचारिक रूप से हैंडओवर नहीं किया है, इसके बावजूद इनसे कनेक्शन देने का काम जारी है और कई कनेक्शन पहले ही दिए जा चुके हैं।
लोग बोले-नियमित सफाई हो
गंदगी आ रही
पेयजल व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। पानी के साथ कभी बालू व गंदगी भी आने लगती है। टंकियों की नियमित सफाई होनी चाहिए।
- कुलभूषण कुमार
नई टंकियां बन चुकी हैं तो उनसे पानी दिया जाए। अभी जो पानी मिल रहा है, उसे छानकर पीना पड़ता है।
- नरेंद्र प्रताप सिंह
पानी की जांच के लिए सैंपल भेजा जा चुका है। नई टंकियों से कनेक्शन देने का काम चल रहा है। हैंडओवर होते ही इनके जरिये पानी की आपूर्ति की जाएगी। टंकी की सफाई की जांच कराई जाएगी।
- विनय पांडे, अधिशासी अधिकारी दिबियापुर

फोटो-37-नुमाइश मैदान के पास बनी पानी की टंकी। संवाद

फोटो-37-नुमाइश मैदान के पास बनी पानी की टंकी। संवाद
