सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   For fitness of commercial vehicles, one will have to go to Kanpur Dehat.

Auraiya News: व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस के लिए जाना पड़ेगा कानपुर देहात

संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Wed, 14 Jan 2026 11:36 PM IST
विज्ञापन
For fitness of commercial vehicles, one will have to go to Kanpur Dehat.
फोटो-31-औरैया का एआरटीओ कार्यालय। संवाद
विज्ञापन
औरैया। जिले के 15 हजार से अधिक व्यावसायिक वाहनो को अब फिटनेस के लिए 45 किलोमीटर की दौड़ लगानी होगी। जिले में एक भी ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर न होने से औरैया के वाहन चालकों को कानपुर देहात जाकर फिटनेस करानी होगी।
Trending Videos

इससे वाहन स्वामियों की जेब पर बोझ पड़ने के साथ ही अन्य मुश्किलें बढ़ेंगी। अब तक जिले में पंजीकृत व्यावसायिक उपयोग के वाहनों की फिटनेस एआरटीओ कार्यालय से होती थी। सरकार ने नियमों में बदलाव किया तो इन वाहन स्वामियों के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

दरअसल, एक जनवरी से अब ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर ही वाहनों की जांच के बाद फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करेंगे। औरैया में एक भी सेंटर न होने के कारण यहां के वाहनों को कानपुर देहात में संचालित सेंटर से संबद्ध कर दिया गया। ऐसे में अब वहीं से वाहनों की फिटनेस होगी। एक तरफ इसके लिए 45 किलोमीटर का सफर जहां खर्च बढ़ाएगा तो वहीं दूसरे जिले तक जाने और वाहन आने में लगने वाला समय भी बर्बाद होगा।
इतना ही नहीं कानपुर देहात स्थित सेंटर पर दो जिलों के वाहनों का दबाव होने के चलते वाहन स्वामियों को इंतजार भी करना पड़ रहा है। हालांकि इसके लिए ऑनलाइन व्यवस्था की गई है, लेकिन वाहन स्वामियों को समझ नहीं आ रहा है कि आखिर वह करें तो क्या करें। परिवहन विभाग के अधिकारियों के पास भी इसका कोई जवाब नहीं है।

16 किलोमीटर का परिमट, कैसे जाएंगे हाईवे पर 45 किलोमीटर
ऑटो और ई-रिक्शा को भी फिटनेस कराने के लिए अब कानपुर देहात में स्थित सेंटर पर ही जाना होगा। ऑटो और ई-रिक्शा के पास केवल 16 किलोमीटर का ही परमिट होता है। इसके अलावा हाईवे पर भी उनका संचालन प्रतिबंधित है। ऐसे में फिटनेस के लिए 16 किलोमीटर के बजाय 45 किलोमीटर दूरी तय कर दूसरे जिले में जाना उनके लिए मुश्किलें पैदा कर सकता है।
हादसा हुआ तो कौन होगा जिम्मेदार
कई बार वाहनों की फिटनेस खत्म हो जाती है। इसके बाद फिटनेस कराने के लिए लेट फीस के साथ दोबारा वाहनों की फिटनेस जारी की जाती है। फिटनेस खत्म होने के बाद अगर कोई वाहन हाईवे पर कानपुर देहात जाते समय दुर्घटना का शिकार हो जाता है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा। यहां तक कि हादसे के दौरान बीमा भुगतान से लेकर अन्य प्रक्रियाओं का भी वाहन स्वामी या चालक को लाभ नहीं मिल सकेगा। इन सवालों का अभी जवाब किसी के पास नहीं है।

आंकड़े एक नजर में
-जिले में 15943 व्यावसायिक वाहन।
-बसों की संख्या 562 है।
-मोटर कैब 1776 हैं।
-ऑटो और ई-रिक्शा 6389 हैं।

बोले वाहन स्वामी- जिले में नया सेंटर बने
बहुत परेशानी है
वाहनों की फिटनेस अगर ऑटोमेटिक सिस्टम से ही होनी है तो जिले में ही नया सेंटर बनाया जाए। वाहन स्वामियों की परेशानी को भी सरकार समझे। यह एक बहुत बड़ी परेशानी है।
-अमित कुमार, औरैया

खर्च अधिक होगा

जिले से बाहर फिटनेस कराने के लिए जाने के दौरान बहुत सी मुश्किलें आएंगी। लंबे दूरी तय करने में खर्च अधिक होने के साथ ही दूसरे जिले में कई बार लोग बाहर के वाहन का चालान भी कर देते हैं।
-नीरज कुमार, दिबियापुर।

शासन के आदेश के अनुसार ही व्यवस्था में बदलाव किया गया है। जिले में ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर नहीं है। समस्याओं को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। उम्मीद है कि कोई न कोई समाधान जरूर निकाला जाएगा।
-एनसी शर्मा, एआरटीओ।

फोटो-31-औरैया का एआरटीओ कार्यालय। संवाद

फोटो-31-औरैया का एआरटीओ कार्यालय। संवाद

फोटो-31-औरैया का एआरटीओ कार्यालय। संवाद

फोटो-31-औरैया का एआरटीओ कार्यालय। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed