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Auraiya News: यूपीडा की अधिग्रहीत भूमि की छुट्टी के दिन पैमाइश व खूंटी उखाड़ने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Mon, 15 Jun 2026 12:01 AM IST
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फोटो-36-भूमि के पैमाइश का विरोध करते ग्रामीण।संवाद
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एरवाकटरा। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहीत भूमि को लेकर नया विवाद सामने आया है। ग्राम पंचायत तुर्कपुर यासीन के कई किसानों ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की है।
इसमें आरोप है कि लेखपाल ने कथित रूप से विपक्षी लोगों से साठगांठ कर अवकाश के दिन यूपीडा की भूमि की पैमाइश कर सीमांकन के लिए लगाई गई खूंटियां उखाड़ दी हैं।
शिकायतकर्ता अंकित कुमार, असित कुमार, सीमा, महेशचंद्र, रामविलास, साहब सिंह एवं रामरतन का कहना है कि वर्ष 2014 में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए उनकी कृषि भूमि का अधिग्रहण किया गया था। एक्सप्रेसवे निर्माण के बाद सर्विस रोड के किनारे स्थित कुछ भूमि निष्प्रयोज्य अवस्था में पड़ी हुई है। इसकी वर्तमान में बाजार कीमत काफी बढ़ चुकी है।
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ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोग राजस्व कर्मचारियों से मिलीभगत कर एक्सप्रेसवे निर्माण में प्रयुक्त चारागाह भूमि को अपनी भूमि बताकर दावा करने का प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज शिकायत में आरोप लगाया गया है कि रविवार 14 जून को अवकाश होने के बावजूद क्षेत्रीय लेखपाल कुछ लोगों के साथ मौके पर पहुंचे और यूपीडा द्वारा अधिग्रहीत भूमि की पैमाइश करने लगे। जब उन्होंने पैमाइश के आदेश की प्रति मांगी तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया और विरोध करने पर पुलिस कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, पैमाइश, सीमांकन अथवा आवंटन संबंधी कार्रवाई पर रोक लगाने व दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
इसमें आरोप है कि लेखपाल ने कथित रूप से विपक्षी लोगों से साठगांठ कर अवकाश के दिन यूपीडा की भूमि की पैमाइश कर सीमांकन के लिए लगाई गई खूंटियां उखाड़ दी हैं।
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शिकायतकर्ता अंकित कुमार, असित कुमार, सीमा, महेशचंद्र, रामविलास, साहब सिंह एवं रामरतन का कहना है कि वर्ष 2014 में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए उनकी कृषि भूमि का अधिग्रहण किया गया था। एक्सप्रेसवे निर्माण के बाद सर्विस रोड के किनारे स्थित कुछ भूमि निष्प्रयोज्य अवस्था में पड़ी हुई है। इसकी वर्तमान में बाजार कीमत काफी बढ़ चुकी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोग राजस्व कर्मचारियों से मिलीभगत कर एक्सप्रेसवे निर्माण में प्रयुक्त चारागाह भूमि को अपनी भूमि बताकर दावा करने का प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज शिकायत में आरोप लगाया गया है कि रविवार 14 जून को अवकाश होने के बावजूद क्षेत्रीय लेखपाल कुछ लोगों के साथ मौके पर पहुंचे और यूपीडा द्वारा अधिग्रहीत भूमि की पैमाइश करने लगे। जब उन्होंने पैमाइश के आदेश की प्रति मांगी तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया और विरोध करने पर पुलिस कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, पैमाइश, सीमांकन अथवा आवंटन संबंधी कार्रवाई पर रोक लगाने व दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।