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Auraiya News: मक्का खरीद के लिए नहीं खुले क्रय केंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Wed, 17 Jun 2026 11:58 PM IST
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फोटो-22- बिधूना के एक गांव में सड़क पर सूखती मक्का की फसल। संवाद
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औरैया। गर्मी में बोई गई मक्का की फसल की कटाई इन दिनों जोरों पर की जा रही है। किसान कटाई के बाद इसे सुखा रहे हैं। उनकी निगाहें मक्का की सरकारी खरीद पर टिकी हुई हैं।
अभी तक जनपद में मक्का खरीद के क्रय केंद्र नहीं खोले गए हैं जबकि एक साल पहले सीएम ने जिले का दौरा करने के दौरान मक्का की फसल को सराहा था।
जायद में बोई जाने वाली फसलों में मक्का किसानों को अच्छा मुनाफा करा सकती है। कम लागत और 90 से 110 दिन में तैयार हो जाती है। यही वजह है कि जिले में इसका धीरे-धीरे बढ़ा है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार 30 हजार हेक्टेयर से ज्यादा रकबा इस बार रहा है।
पिछले साल जिले के दौरे पर सूबे के मुख्यमंत्री ने मक्का की फसल को सराहा था। किसानों की समृद्धि के लिए मक्का की फसल पर फोकस किया था लेकिन धरातल पर मक्का को लेकर सरकारी मशीनरी की दिलचस्पी कुछ खास नजर नहीं आ रही है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि किसानों ने मक्का की फसल काटकर सुखाना कर दिया है लेकिन अभी तक जिले में एक भी क्रय केंद्र नहीं खोला गया है।
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किसान विपणन विभाग की ओर निगाहें टिकाए हुए हैं। किसानों को उम्मीद है कि यदि एमएसपी पर सरकारी केंद्रों पर मक्का की खरीद हो तो उन्हें मक्का का अच्छा भाव मिल जाएगा। फिलहाल आढ़तों पर मक्का का भाव महज 1900 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है। विपणन विभाग के अनुसार पिछले साल जिले में छह केंद्र खोले गए थे। 53 एमटी मक्का की खरीद हुई थी।
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बोले किसान-फसल कट चुकी है
मक्का की फसल काट चुके हैं। आढ़त पर भाव महज 1900 रुपये चल रहा है। सरकारी केंद्रों पर खरीद हो तो मक्का का भाव अच्छा मिल जाएगा। लेकिन अभी तक केंद्र ही नहीं खुले हैं।- रविंद्र अवस्थी
मक्का की फसल का भाव अच्छा नहीं मिल रहा है। पिछले साल 2200 रुपये प्रति क्विंटल भाव मिला था। इस बार 1900 रुपये चल रहा है। सरकारी खरीद होने से ही यह संभव है। ऐसे में विपणन विभाग को खरीद करानी चाहिए।-कल्लू राजपूत
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मक्का खरीद को लेकर शासन स्तर से 50 एमटी खरीद का लक्ष्य मिला है। फिलहाल क्रय केंद्र खोलने को लेकर शासन के निर्देश का इंतजार है।-बृजेश कुमार, जिला विपणन अधिकारी
अभी तक जनपद में मक्का खरीद के क्रय केंद्र नहीं खोले गए हैं जबकि एक साल पहले सीएम ने जिले का दौरा करने के दौरान मक्का की फसल को सराहा था।
जायद में बोई जाने वाली फसलों में मक्का किसानों को अच्छा मुनाफा करा सकती है। कम लागत और 90 से 110 दिन में तैयार हो जाती है। यही वजह है कि जिले में इसका धीरे-धीरे बढ़ा है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार 30 हजार हेक्टेयर से ज्यादा रकबा इस बार रहा है।
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पिछले साल जिले के दौरे पर सूबे के मुख्यमंत्री ने मक्का की फसल को सराहा था। किसानों की समृद्धि के लिए मक्का की फसल पर फोकस किया था लेकिन धरातल पर मक्का को लेकर सरकारी मशीनरी की दिलचस्पी कुछ खास नजर नहीं आ रही है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि किसानों ने मक्का की फसल काटकर सुखाना कर दिया है लेकिन अभी तक जिले में एक भी क्रय केंद्र नहीं खोला गया है।
किसान विपणन विभाग की ओर निगाहें टिकाए हुए हैं। किसानों को उम्मीद है कि यदि एमएसपी पर सरकारी केंद्रों पर मक्का की खरीद हो तो उन्हें मक्का का अच्छा भाव मिल जाएगा। फिलहाल आढ़तों पर मक्का का भाव महज 1900 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है। विपणन विभाग के अनुसार पिछले साल जिले में छह केंद्र खोले गए थे। 53 एमटी मक्का की खरीद हुई थी।
बोले किसान-फसल कट चुकी है
मक्का की फसल काट चुके हैं। आढ़त पर भाव महज 1900 रुपये चल रहा है। सरकारी केंद्रों पर खरीद हो तो मक्का का भाव अच्छा मिल जाएगा। लेकिन अभी तक केंद्र ही नहीं खुले हैं।- रविंद्र अवस्थी
मक्का की फसल का भाव अच्छा नहीं मिल रहा है। पिछले साल 2200 रुपये प्रति क्विंटल भाव मिला था। इस बार 1900 रुपये चल रहा है। सरकारी खरीद होने से ही यह संभव है। ऐसे में विपणन विभाग को खरीद करानी चाहिए।-कल्लू राजपूत
मक्का खरीद को लेकर शासन स्तर से 50 एमटी खरीद का लक्ष्य मिला है। फिलहाल क्रय केंद्र खोलने को लेकर शासन के निर्देश का इंतजार है।-बृजेश कुमार, जिला विपणन अधिकारी

फोटो-22- बिधूना के एक गांव में सड़क पर सूखती मक्का की फसल। संवाद

फोटो-22- बिधूना के एक गांव में सड़क पर सूखती मक्का की फसल। संवाद