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Auraiya News: फर्जी आधार कार्ड के जरिये खनन की साजिश में प्राथमिकी
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sat, 31 Jan 2026 11:48 PM IST
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औरैया। कोर्ट के एक नोटरी अधिवक्ता ने दो युवकों पर धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार कराने का गंभीर आरोप लगाया है।
अधिवक्ता का आरोप है कि आरोपियों ने गलत मंशा से किसी अन्य व्यक्ति के अंगूठे के निशान लगवाकर फर्जी सहमति पत्र तैयार कराया और खनन के लिए आवेदन कर दिया। पुलिस ने आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोर्ट के नोटरी अधिवक्ता गिरजाकांत त्रिपाठी ने पुलिस को बताया कि 12 फरवरी 2025 को अजीतमल थाना क्षेत्र के गांव खुदारामपुर निवासी शैलेश तिवारी और कौस्तुब तिवारी उनके पास आए थे। उनके साथ दो अन्य व्यक्ति भी थे। आरोपियों ने मिट्टी उठाने के लिए एक सहमति पत्र की नोटरी करने की बात कही।
अधिवक्ता के अनुसार शैलेश तिवारी ने साथ आए व्यक्तियों की पहचान की पुष्टि की और साक्ष्य के तौर पर उनके आधार कार्ड दिखाए। भरोसा करते हुए अधिवक्ता ने सहमति पत्र की नोटरी कर दी।
अधिवक्ता को बाद में जानकारी हुई कि शैलेश और कौस्तुब ने बड़ी चालाकी से किसी अज्ञात व्यक्ति के अंगूठे का निशान लगवाकर फर्जी आधार कार्ड और सहमति पत्र तैयार किया था। इस कूटरचित दस्तावेज का उपयोग खनन की अनुमति लेने के लिए किया गया।
कोतवाल राजकुमार सिंह ने बताया कि अधिवक्ता की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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अधिवक्ता का आरोप है कि आरोपियों ने गलत मंशा से किसी अन्य व्यक्ति के अंगूठे के निशान लगवाकर फर्जी सहमति पत्र तैयार कराया और खनन के लिए आवेदन कर दिया। पुलिस ने आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोर्ट के नोटरी अधिवक्ता गिरजाकांत त्रिपाठी ने पुलिस को बताया कि 12 फरवरी 2025 को अजीतमल थाना क्षेत्र के गांव खुदारामपुर निवासी शैलेश तिवारी और कौस्तुब तिवारी उनके पास आए थे। उनके साथ दो अन्य व्यक्ति भी थे। आरोपियों ने मिट्टी उठाने के लिए एक सहमति पत्र की नोटरी करने की बात कही।
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अधिवक्ता के अनुसार शैलेश तिवारी ने साथ आए व्यक्तियों की पहचान की पुष्टि की और साक्ष्य के तौर पर उनके आधार कार्ड दिखाए। भरोसा करते हुए अधिवक्ता ने सहमति पत्र की नोटरी कर दी।
अधिवक्ता को बाद में जानकारी हुई कि शैलेश और कौस्तुब ने बड़ी चालाकी से किसी अज्ञात व्यक्ति के अंगूठे का निशान लगवाकर फर्जी आधार कार्ड और सहमति पत्र तैयार किया था। इस कूटरचित दस्तावेज का उपयोग खनन की अनुमति लेने के लिए किया गया।
कोतवाल राजकुमार सिंह ने बताया कि अधिवक्ता की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
