{"_id":"6a7e101d54606ee226017e74","slug":"three-accused-acquitted-in-scst-case-orders-issued-for-action-against-the-complainant-auraiya-news-c-211-1-aur1009-149808-2026-08-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: एससी-एसटी के मामले में तीन आरोपी दोषमुक्त, शिकायतकर्ता पर कार्रवाई के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: एससी-एसटी के मामले में तीन आरोपी दोषमुक्त, शिकायतकर्ता पर कार्रवाई के आदेश
Fri, 14 Aug 2026 12:12 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Fri, 14 Aug 2026 12:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
औरैया। विशेष सत्र अदालत (एससी-एसटी एक्ट) ने 12 साल पुराने मारपीट और एससी-एसटी एक्ट के मामले में फैसला सुनाया है। अदालत ने साक्ष्यों के अभाव और गवाहों के मुकरने से तीन आरोपियों पंकज सिंह, अतुल कुमार और धर्मवीर को दोषमुक्त कर दिया है। वहीं अदालत ने बयानों से पलटने पर शिकायतकर्ता के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
दिबियापुर थाना क्षेत्र के गांव दोही के रामजीत ने 16 मार्च 2014 को रात में जब वह अपने मवेशियों के पास लेटे थे, तब प्रसाद का पुरवा गांव के पंकज सिंह, अतुल कुमार, धर्मवीर और राजेश वहां पहुंचे थे और छप्पर उखाड़ने लगे थे। विरोध पर आरोपियों ने उनकी लाठी-डंडों से पिटाई करने के साथ पास ही लगे ट्रांसफार्मर का तार बांस से हटाकर उसे फूंक दिया था।
बीच-बचाव करने आई पत्नी जगरानी और बेटे नरेश को भी घायल कर दिया था। मुख्य आरोपी राजेश सिंह की मृत्यु हो जाने के कारण उसके खिलाफ कार्रवाई पहले ही समाप्त कर दी गई थी। सुनवाई के दौरान जब कोर्ट में गवाहों के बयान दर्ज हुए तो पूरा मामला ही बदल गया।
विज्ञापन
वादी रामजीत, उसकी पत्नी जगरानी और बेटे नरेश अदालत में बयानों से मुकर गए। स्वतंत्र गवाह चंद्रभान और शिवकुमार ने भी घटना से इन्कार कर दिया। बृहस्पतिवार को विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) विकास गोस्वामी ने आरोपी पंकज सिंह, अतुल कुमार और धर्मवीर को बरी कर दिया गया है। अदालत ने वादी रामजीत के खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज कर नोटिस जारी करने का आदेश दिया। साथ ही एससी-एसटी एक्ट के तहत कोई प्रतिकर राशि दी गई हो, तो उसकी नियमानुसार रिकवरी की जाए।
ब्लैकमेलिंग और धर्म परिवर्तन के मामले में जमानत याचिका खारिज
औरैया। दिबियापुर थाना क्षेत्र में प्रेमजाल, ब्लैकमेलिंग और धर्म परिवर्तन के दबाव के चलते युवती की मौत के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनाई की। सत्र न्यायाधीश मयंक चौहान की अदालत ने मामले के आरोपी दिबियापुर बेला रोड निवासी हनी उर्फ ताह और अंकुर की जमानत निरस्त कर दी। वादी ने बताया कि आरोपियों ने बेटी को झांसे में लेकर अश्लील वीडियो बनाए और वायरल करने की धमकी देकर 25 लाख रुपये और जेवर ऐंठ लिए थे। आरोपी हनी उर्फ ताह लगातार धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहा था। 29 जून को बेटी ने परेशान होकर आग लगा ली थी। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने दोनों अभियुक्तों को जमानत देने से इन्कार कर दिया।(संवाद)
आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी को जमानत
औरैया। जिला एवं सत्र न्यायालय ने आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आरोपी दिनेश कुमार का जमानत स्वीकार कर लिया है। सदर कोतवाली क्षेत्र में 29 जून को गिरेंद्र सिंह यादव ने मानसिक प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर फंदा लगाकर जान दे दी थी। वादी ने आरोप लगाया था कि दिनेश ने गिरेंद्र को अपमानित किया था। बृहस्पतिवार को मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने इसे रंजिश और झूठा मामला बताया। पीठासीन अधिकारी मयंक चौहान की अदालत ने दोनों पक्षों को सुनकर 50 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और दो जमानतियों पर आरोपी को जमानत दे दी।(संवाद)
महिला की हत्या में आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज
औरैया। थाना फफूंद क्षेत्र में एक महिला की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी राजकुमार का अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया है। पीठासीन अधिकारी मयंक चौहान ने यह फैसला सुनाया। घटना के अनुसार, 22 जून की रात को वादिनी मीना कुमारी की बहू रोशनी के साथ आरोपियों ने घर में घुसकर डंडे और सरिया से बेरहमी से मारपीट की थी, जिससे उसके सिर और छाती में गंभीर चोटें आईं और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मामले में पूर्व दर्ज धाराओं में बढ़ोतरी कर गैर-इरादतन हत्या की धारा जोड़ी गई थी। अदालत ने जमानत का पर्याप्त आधार न होने से अर्जी खारिज कर दी गई। (संवाद)
विज्ञापन
दिबियापुर थाना क्षेत्र के गांव दोही के रामजीत ने 16 मार्च 2014 को रात में जब वह अपने मवेशियों के पास लेटे थे, तब प्रसाद का पुरवा गांव के पंकज सिंह, अतुल कुमार, धर्मवीर और राजेश वहां पहुंचे थे और छप्पर उखाड़ने लगे थे। विरोध पर आरोपियों ने उनकी लाठी-डंडों से पिटाई करने के साथ पास ही लगे ट्रांसफार्मर का तार बांस से हटाकर उसे फूंक दिया था।
विज्ञापन
बीच-बचाव करने आई पत्नी जगरानी और बेटे नरेश को भी घायल कर दिया था। मुख्य आरोपी राजेश सिंह की मृत्यु हो जाने के कारण उसके खिलाफ कार्रवाई पहले ही समाप्त कर दी गई थी। सुनवाई के दौरान जब कोर्ट में गवाहों के बयान दर्ज हुए तो पूरा मामला ही बदल गया।
विज्ञापन
वादी रामजीत, उसकी पत्नी जगरानी और बेटे नरेश अदालत में बयानों से मुकर गए। स्वतंत्र गवाह चंद्रभान और शिवकुमार ने भी घटना से इन्कार कर दिया। बृहस्पतिवार को विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) विकास गोस्वामी ने आरोपी पंकज सिंह, अतुल कुमार और धर्मवीर को बरी कर दिया गया है। अदालत ने वादी रामजीत के खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज कर नोटिस जारी करने का आदेश दिया। साथ ही एससी-एसटी एक्ट के तहत कोई प्रतिकर राशि दी गई हो, तो उसकी नियमानुसार रिकवरी की जाए।
ब्लैकमेलिंग और धर्म परिवर्तन के मामले में जमानत याचिका खारिज
औरैया। दिबियापुर थाना क्षेत्र में प्रेमजाल, ब्लैकमेलिंग और धर्म परिवर्तन के दबाव के चलते युवती की मौत के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनाई की। सत्र न्यायाधीश मयंक चौहान की अदालत ने मामले के आरोपी दिबियापुर बेला रोड निवासी हनी उर्फ ताह और अंकुर की जमानत निरस्त कर दी। वादी ने बताया कि आरोपियों ने बेटी को झांसे में लेकर अश्लील वीडियो बनाए और वायरल करने की धमकी देकर 25 लाख रुपये और जेवर ऐंठ लिए थे। आरोपी हनी उर्फ ताह लगातार धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहा था। 29 जून को बेटी ने परेशान होकर आग लगा ली थी। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने दोनों अभियुक्तों को जमानत देने से इन्कार कर दिया।(संवाद)
आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी को जमानत
औरैया। जिला एवं सत्र न्यायालय ने आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आरोपी दिनेश कुमार का जमानत स्वीकार कर लिया है। सदर कोतवाली क्षेत्र में 29 जून को गिरेंद्र सिंह यादव ने मानसिक प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर फंदा लगाकर जान दे दी थी। वादी ने आरोप लगाया था कि दिनेश ने गिरेंद्र को अपमानित किया था। बृहस्पतिवार को मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने इसे रंजिश और झूठा मामला बताया। पीठासीन अधिकारी मयंक चौहान की अदालत ने दोनों पक्षों को सुनकर 50 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और दो जमानतियों पर आरोपी को जमानत दे दी।(संवाद)
महिला की हत्या में आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज
औरैया। थाना फफूंद क्षेत्र में एक महिला की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी राजकुमार का अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया है। पीठासीन अधिकारी मयंक चौहान ने यह फैसला सुनाया। घटना के अनुसार, 22 जून की रात को वादिनी मीना कुमारी की बहू रोशनी के साथ आरोपियों ने घर में घुसकर डंडे और सरिया से बेरहमी से मारपीट की थी, जिससे उसके सिर और छाती में गंभीर चोटें आईं और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मामले में पूर्व दर्ज धाराओं में बढ़ोतरी कर गैर-इरादतन हत्या की धारा जोड़ी गई थी। अदालत ने जमानत का पर्याप्त आधार न होने से अर्जी खारिज कर दी गई। (संवाद)