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Auraiya News: कमलेश पाठक पर दोहरे हत्याकांड में फैसला 19 को
Tue, 04 Aug 2026 11:55 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Tue, 04 Aug 2026 11:55 PM IST
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औरैया। बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड और उससे जुड़े मामलों में मंगलवार को सुनवाई पूरी हो गई। मामले में समाजवादी पार्टी के पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक और उनके साथियों पर फैसला 19 अगस्त को होगा। सुनवाई कर रही विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद फैसले के लिए तारीख तय कर दी है। उस दिन सभी आरोपियों को जेल से लाकर अदालत में पेश किया जाएगा और उनके समक्ष निर्णय सुनाया जाएगा।
शहर के मोहल्ला नारायनपुर स्थित पंचमुखी मंदिर परिसर में 15 मार्च 2020 को अधिवक्ता मंजुल चौबे और उनकी चचेरी बहन सुधा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस वारदात में पुलिस ने पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक, उनके भाई पूर्व ब्लॉक प्रमुख संतोष पाठक, रामू पाठक और उनके सगे-संबंधियों समेत 11 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
कमलेश पाठक व अन्य आरोपियों पर पुलिस ने बाद में गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की थी। गैंगस्टर मामले में कमलेश सहित अन्य आरोपियों को दोषी करार दिया गया था, जिसकी सजा वे जेल में पूरी कर चुके हैं। हालांकि सरकारी गनर को बरी कर दिया गया था। बाद में आरोपियों पर दोबारा गैंगस्टर एक्ट व दो अन्य मामले दर्ज किए गए थे, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई थीं।
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सभी आरोपियों को अलग-अलग जेलों में रखा गया है, जिसमें कमलेश पाठक केंद्रीय कारागार आगरा में निरुद्ध हैं। इस मामले में दोनों पक्षों ने हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पैरवी की, जिसके बाद अदालत में रोजाना सुनवाई हुई।
सोमवार को बचाव पक्ष की बहस पूरी होने के बाद मंगलवार को अभियोजन पक्ष की ओर से अपनी बहस पूरी की। दोनों पक्षों की अंतिम बहस सुनने के बाद विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश विनय कुमार सिंह ने दोहरे हत्याकांड, जानलेवा हमले और आर्म्स एक्ट से जुड़े सभी मामलों में फैसले की तिथि 19 अगस्त मुकर्रर कर दी।
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गैंगस्टर एक्ट के मामले में आरोपी चंकी को मिली जमानत
औरैया। थाना सहायल क्षेत्र के गैंगस्टर एक्ट के एक पुराने मामले में विशेष न्यायालय (गैंगस्टर एक्ट) ने आरोपी चंकी उर्फ अंकित कुमार का द्वितीय जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया है। अपर सत्र न्यायाधीश विनय प्रकाश सिंह की अदालत ने अभियुक्त को 50 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और समान राशि के जमानती पेश करने के आदेश दिए हैं। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने बताया कि वर्ष 2022 में मां की खराब तबीयत और कोविड-19 महामारी के गंभीर दौर के कारण उत्पन्न आर्थिक तंगी के चलते आरोपी वर्ष 2024 में दिल्ली मजदूरी करने गया था। थाना पुलिस ने उसे 27 जुलाई 2026 को वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से वह इटावा जिला कारागार में बंद था। अदालत ने मामले की परिस्थितियों को देखते हुए जमानत मंजूर कर ली। (संवाद)
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पॉक्सो और धर्मांतरण के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
औरैया। एरवाकटरा थाने से जुड़े अपहरण, दुष्कर्म, पॉक्सो और धर्मांतरण के मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र की अदालत ने आरोपी अजमेर अली की जमानत याचिका खारिज कर दी। वादी ने 16 अप्रैल 2026 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी 20 वर्षीय बेटी बिना बताए घर से कहीं चली गई। जांच में सामने आया कि युवती अमेठी के अमरोहा के अजमेर अली के संपर्क में थी। मंगलवार को मामले की सुनवाई की गई। बचाव पक्ष ने दलील दी कि पीड़िता बालिग है और उसने स्वेच्छा से दिल्ली-बहादुरगढ़ जाकर मस्जिद में निकाह किया था। स्कूल रिकॉर्ड के आधार पर पीड़िता को नाबालिग मानते हुए तथा अपराध की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी नामंजूर कर दी।(संवाद)
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शहर के मोहल्ला नारायनपुर स्थित पंचमुखी मंदिर परिसर में 15 मार्च 2020 को अधिवक्ता मंजुल चौबे और उनकी चचेरी बहन सुधा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस वारदात में पुलिस ने पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक, उनके भाई पूर्व ब्लॉक प्रमुख संतोष पाठक, रामू पाठक और उनके सगे-संबंधियों समेत 11 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
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कमलेश पाठक व अन्य आरोपियों पर पुलिस ने बाद में गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की थी। गैंगस्टर मामले में कमलेश सहित अन्य आरोपियों को दोषी करार दिया गया था, जिसकी सजा वे जेल में पूरी कर चुके हैं। हालांकि सरकारी गनर को बरी कर दिया गया था। बाद में आरोपियों पर दोबारा गैंगस्टर एक्ट व दो अन्य मामले दर्ज किए गए थे, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई थीं।
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सभी आरोपियों को अलग-अलग जेलों में रखा गया है, जिसमें कमलेश पाठक केंद्रीय कारागार आगरा में निरुद्ध हैं। इस मामले में दोनों पक्षों ने हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पैरवी की, जिसके बाद अदालत में रोजाना सुनवाई हुई।
सोमवार को बचाव पक्ष की बहस पूरी होने के बाद मंगलवार को अभियोजन पक्ष की ओर से अपनी बहस पूरी की। दोनों पक्षों की अंतिम बहस सुनने के बाद विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश विनय कुमार सिंह ने दोहरे हत्याकांड, जानलेवा हमले और आर्म्स एक्ट से जुड़े सभी मामलों में फैसले की तिथि 19 अगस्त मुकर्रर कर दी।
गैंगस्टर एक्ट के मामले में आरोपी चंकी को मिली जमानत
औरैया। थाना सहायल क्षेत्र के गैंगस्टर एक्ट के एक पुराने मामले में विशेष न्यायालय (गैंगस्टर एक्ट) ने आरोपी चंकी उर्फ अंकित कुमार का द्वितीय जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया है। अपर सत्र न्यायाधीश विनय प्रकाश सिंह की अदालत ने अभियुक्त को 50 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और समान राशि के जमानती पेश करने के आदेश दिए हैं। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने बताया कि वर्ष 2022 में मां की खराब तबीयत और कोविड-19 महामारी के गंभीर दौर के कारण उत्पन्न आर्थिक तंगी के चलते आरोपी वर्ष 2024 में दिल्ली मजदूरी करने गया था। थाना पुलिस ने उसे 27 जुलाई 2026 को वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से वह इटावा जिला कारागार में बंद था। अदालत ने मामले की परिस्थितियों को देखते हुए जमानत मंजूर कर ली। (संवाद)
पॉक्सो और धर्मांतरण के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
औरैया। एरवाकटरा थाने से जुड़े अपहरण, दुष्कर्म, पॉक्सो और धर्मांतरण के मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र की अदालत ने आरोपी अजमेर अली की जमानत याचिका खारिज कर दी। वादी ने 16 अप्रैल 2026 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी 20 वर्षीय बेटी बिना बताए घर से कहीं चली गई। जांच में सामने आया कि युवती अमेठी के अमरोहा के अजमेर अली के संपर्क में थी। मंगलवार को मामले की सुनवाई की गई। बचाव पक्ष ने दलील दी कि पीड़िता बालिग है और उसने स्वेच्छा से दिल्ली-बहादुरगढ़ जाकर मस्जिद में निकाह किया था। स्कूल रिकॉर्ड के आधार पर पीड़िता को नाबालिग मानते हुए तथा अपराध की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी नामंजूर कर दी।(संवाद)