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Auraiya News: यमुना का जलस्तर बढ़ा, बाढ़ की आशंका से ग्रामीणों में दहशत
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यमुना नदी का बढ़ा जलस्तर।संवाद
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फोटो-30 यमुना नदी का बढ़ा जलस्तर।संवाद
फोटो-31 गांव की चौपाल में ग्रामीणों से संवाद करते तहसीलदार। स्रोत: कर्मी
-तहसीलदार ने यमुना पट्टी के गांवों का दिया दौरा, चौपाल लगाई
-104सेमी पहुंचा जलस्तर, 113 है खतरे का निशान
संवाद न्यूज एजेंसी
अजीतमल। लगातार हो रही बारिश के चलते तहसील क्षेत्र में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। इससे यमुना पट्टी के गांवों के ग्रामीणों में बाढ़ की आशंका को लेकर चिंता बढ़ गई है। पिछले वर्षों में बाढ़ की विभीषिका को देखते हुए ग्रामीण भी एहतियातन तैयारियों में जुट गए हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि फिलहाल खतरे जैसी कोई स्थिति नहीं है।
बुधवार को तहसीलदार अविनाश कुमार ने बाढ़ संभावित क्षेत्र के गोहानी कलां, सिकरोड़ी व जुहीखा आदि गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों के बीच चौपाल लगाकर उन्हें बाढ़ से बचाव के लिए जागरूक किया और हर समय सतर्क रहने की अपील की। तहसीलदार ने ग्रामीणों को विशेष रूप से पशुओं के लिए चारा और पानी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए, ताकि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में पशुओं को परेशानी न हो। बताया गया कि बुधवार को यमुना का जलस्तर 104 सेंटीमीटर के ऊपर दर्ज किया गया। जबकि खतरे का निशान 113 सेंटीमीटर पर है। ऐसे में फिलहाल जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है।
एसडीएम निखिल राजपूत ने बताया कि यमुना में पानी कुछ बढ़ा है, लेकिन अभी खतरे जैसी कोई बात नहीं है। बुधवार को जलस्तर 104 सेंटीमीटर नोट किया गया है। बाढ़ संभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है। संबंधित क्षेत्रों में तैनात लेखपालों को अपनी-अपनी चौकियों और गांवों में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से आवश्यक इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं और तहसील प्रशासन किसी भी संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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फोटो-31 गांव की चौपाल में ग्रामीणों से संवाद करते तहसीलदार। स्रोत: कर्मी
-तहसीलदार ने यमुना पट्टी के गांवों का दिया दौरा, चौपाल लगाई
-104सेमी पहुंचा जलस्तर, 113 है खतरे का निशान
संवाद न्यूज एजेंसी
अजीतमल। लगातार हो रही बारिश के चलते तहसील क्षेत्र में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। इससे यमुना पट्टी के गांवों के ग्रामीणों में बाढ़ की आशंका को लेकर चिंता बढ़ गई है। पिछले वर्षों में बाढ़ की विभीषिका को देखते हुए ग्रामीण भी एहतियातन तैयारियों में जुट गए हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि फिलहाल खतरे जैसी कोई स्थिति नहीं है।
बुधवार को तहसीलदार अविनाश कुमार ने बाढ़ संभावित क्षेत्र के गोहानी कलां, सिकरोड़ी व जुहीखा आदि गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों के बीच चौपाल लगाकर उन्हें बाढ़ से बचाव के लिए जागरूक किया और हर समय सतर्क रहने की अपील की। तहसीलदार ने ग्रामीणों को विशेष रूप से पशुओं के लिए चारा और पानी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए, ताकि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में पशुओं को परेशानी न हो। बताया गया कि बुधवार को यमुना का जलस्तर 104 सेंटीमीटर के ऊपर दर्ज किया गया। जबकि खतरे का निशान 113 सेंटीमीटर पर है। ऐसे में फिलहाल जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है।
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एसडीएम निखिल राजपूत ने बताया कि यमुना में पानी कुछ बढ़ा है, लेकिन अभी खतरे जैसी कोई बात नहीं है। बुधवार को जलस्तर 104 सेंटीमीटर नोट किया गया है। बाढ़ संभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है। संबंधित क्षेत्रों में तैनात लेखपालों को अपनी-अपनी चौकियों और गांवों में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से आवश्यक इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं और तहसील प्रशासन किसी भी संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

यमुना नदी का बढ़ा जलस्तर।संवाद
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