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Azamgarh News: अपनी निधि भी खर्च नहीं कर पाए आजमगढ़ और बलिया
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केंद्रीय वित्त की धनराशि खर्च करने में बलिया की 70वीं और राज्यवित्त में आजमगढ़ की 73वीं रैंक
संवाद न्यूज एजेंसी
आजमगढ़। ग्रामीण विकास के लिए दी जाने वाली केंद्रीय व राज्य वित्त की धनराशि भी जिले खर्च नहीं कर पा रहे है। इसके चलते धनराशि खातों में डंप पड़ी हुई है। इसमें मऊ जिला पंचायत की स्थिति आजमगढ़ मंडल में सबसे बेहतर है तो केंद्रीय वित्त की धनराशि खर्च करने में बलिया जिला पंचायत की प्रदेश में 70वीं और राज्यवित्त की धनराशि न खर्च कर पाने के चलते आजमगढ़ की 73वीं रैंकिंग है।
त्रि-स्तरीय पंचायतों के कार्यकाल का अब अंतिम दौर चल रहा है। त्रि-स्तरीय पंचायतों के ग्रामीण विकास के लिए केंद्रीय वित्त आयोग और राज्यवित्त आयोग की धनराशि प्रतिवर्ष दो किस्तों में भेजी जाती है। इन दो निधियों से ग्रामीण क्षेत्र में निर्माण, परिसंपत्तियों का रखरखाव, स्वच्छता व जल निकास आदि के कार्य कराए जाते हैं। पंचायतों में केंद्रीय वित्त और राज्यवित्त की धनराशि भी आई हुई है, अब एक किस्त के और आने का सभी को इंतजार है। इधर, हाल यह है कि ग्राम पंचायतें तो अपनी धनराशि लगभग उपभोग कर चुकी है पर जिला पंचायतों का बुरा हाल है। इसमें सबसे अधिक बुरा हाल आजमगढ़ और बलिया जिला पंचायत का है। खाते में धनराशि होने के बावजूद यहां विकास कार्य रुके पड़े हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष में 15वें वित्त आयोग का उपभोग करने में आजमगढ़ मंडल में बलिया 23.09 फीसदी धनराशि खर्च कर 70 वें नंबर पर है, तो वहीं आजमगढ़ 32.46 फीसदी के साथ 59वें और मऊ 42.26 फीसदी धनराशि खर्च करके 47वें स्थान पर है। पंचम राज्य वित्त की धनराशि खर्च करने में आजमगढ़ की 7.76 फीसदी धनराशि खर्च कर 73वीं रैंक, बलिया 47.21 फीसदी के साथ 56वें और मऊ जिला पंचायत 75.23 फीसदी के साथ प्रदेश में 20वीं रैंकिंग पर कायम है।
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अब चंद माह की मेहमान हैं पंचायतें
प्रदेश में त्रि-स्तरीय पंचायत का चुनाव मई या जून में संभावित है। इसकी प्रशासनिक तैयारियां भी अंतिम चरण में है। ऐसे में जिला पंचायतों के खाते में पड़ी हुई धनराशि का खर्च न होना बड़ा सवाल पैदा करता है। इधर, पंचायती राज विभाग की मंडल स्तरीय समीक्षा बैठक में खराब जिलों के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए।
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एएमए नहीं दे पाए संतोषजनक जवाब, अपर आयुक्त नाराज
अपर आयुक्त प्रशासन शमसाद हुसैन की अध्यक्षता में मंगलवार को पंचायती राज विभाग के संचालित कार्यक्रमों व योजनाओं की समीक्षा की गई। इसमें आजमगढ़ जिला पंचायत की खराब स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई। समीक्षा में अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत आजमगढ़ संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसको लेकर अपर आयुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई। अपर आयुक्त ने उत्तरदायित्व निर्धारित करने के निर्देश दिए।
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15वां व पंचम राज्यवित्त के धनराशि का जिलावार धनराशि व भुगतान--
जिला - 15वां वित्त की कुल धनराशि - भुगतान - पंचम वित्त की कुल धनराशि - भुगतान
1- आजमगढ़ - 650091899 - 212856808 - 739515180 - 160472918
2- बलिया - 404233743 - 99405344 - 456853282 - 219838846
3- मऊ - 315218944 - 141626982 - 202300135 - 157340529
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पंचायतर राज विभाग के कार्यक्रमों व योजनाओं की समीक्षा में जिला पंचायत आजमगढ़ व बलिया की स्थिति खराब मिली। इसी पर अपर आयुक्त की तरफ से दोनों जिलों के एएमए को कड़े निर्देश दिए गए हैं। अभय कुमार शाही, डीडी पंचायत।
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आजमगढ़। ग्रामीण विकास के लिए दी जाने वाली केंद्रीय व राज्य वित्त की धनराशि भी जिले खर्च नहीं कर पा रहे है। इसके चलते धनराशि खातों में डंप पड़ी हुई है। इसमें मऊ जिला पंचायत की स्थिति आजमगढ़ मंडल में सबसे बेहतर है तो केंद्रीय वित्त की धनराशि खर्च करने में बलिया जिला पंचायत की प्रदेश में 70वीं और राज्यवित्त की धनराशि न खर्च कर पाने के चलते आजमगढ़ की 73वीं रैंकिंग है।
त्रि-स्तरीय पंचायतों के कार्यकाल का अब अंतिम दौर चल रहा है। त्रि-स्तरीय पंचायतों के ग्रामीण विकास के लिए केंद्रीय वित्त आयोग और राज्यवित्त आयोग की धनराशि प्रतिवर्ष दो किस्तों में भेजी जाती है। इन दो निधियों से ग्रामीण क्षेत्र में निर्माण, परिसंपत्तियों का रखरखाव, स्वच्छता व जल निकास आदि के कार्य कराए जाते हैं। पंचायतों में केंद्रीय वित्त और राज्यवित्त की धनराशि भी आई हुई है, अब एक किस्त के और आने का सभी को इंतजार है। इधर, हाल यह है कि ग्राम पंचायतें तो अपनी धनराशि लगभग उपभोग कर चुकी है पर जिला पंचायतों का बुरा हाल है। इसमें सबसे अधिक बुरा हाल आजमगढ़ और बलिया जिला पंचायत का है। खाते में धनराशि होने के बावजूद यहां विकास कार्य रुके पड़े हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष में 15वें वित्त आयोग का उपभोग करने में आजमगढ़ मंडल में बलिया 23.09 फीसदी धनराशि खर्च कर 70 वें नंबर पर है, तो वहीं आजमगढ़ 32.46 फीसदी के साथ 59वें और मऊ 42.26 फीसदी धनराशि खर्च करके 47वें स्थान पर है। पंचम राज्य वित्त की धनराशि खर्च करने में आजमगढ़ की 7.76 फीसदी धनराशि खर्च कर 73वीं रैंक, बलिया 47.21 फीसदी के साथ 56वें और मऊ जिला पंचायत 75.23 फीसदी के साथ प्रदेश में 20वीं रैंकिंग पर कायम है।
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अब चंद माह की मेहमान हैं पंचायतें
प्रदेश में त्रि-स्तरीय पंचायत का चुनाव मई या जून में संभावित है। इसकी प्रशासनिक तैयारियां भी अंतिम चरण में है। ऐसे में जिला पंचायतों के खाते में पड़ी हुई धनराशि का खर्च न होना बड़ा सवाल पैदा करता है। इधर, पंचायती राज विभाग की मंडल स्तरीय समीक्षा बैठक में खराब जिलों के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए।
एएमए नहीं दे पाए संतोषजनक जवाब, अपर आयुक्त नाराज
अपर आयुक्त प्रशासन शमसाद हुसैन की अध्यक्षता में मंगलवार को पंचायती राज विभाग के संचालित कार्यक्रमों व योजनाओं की समीक्षा की गई। इसमें आजमगढ़ जिला पंचायत की खराब स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई। समीक्षा में अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत आजमगढ़ संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसको लेकर अपर आयुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई। अपर आयुक्त ने उत्तरदायित्व निर्धारित करने के निर्देश दिए।
15वां व पंचम राज्यवित्त के धनराशि का जिलावार धनराशि व भुगतान
जिला - 15वां वित्त की कुल धनराशि - भुगतान - पंचम वित्त की कुल धनराशि - भुगतान
1- आजमगढ़ - 650091899 - 212856808 - 739515180 - 160472918
2- बलिया - 404233743 - 99405344 - 456853282 - 219838846
3- मऊ - 315218944 - 141626982 - 202300135 - 157340529
पंचायतर राज विभाग के कार्यक्रमों व योजनाओं की समीक्षा में जिला पंचायत आजमगढ़ व बलिया की स्थिति खराब मिली। इसी पर अपर आयुक्त की तरफ से दोनों जिलों के एएमए को कड़े निर्देश दिए गए हैं। अभय कुमार शाही, डीडी पंचायत।
