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Azamgarh News: संगीत महाविद्यालय में बसंत पंचमी की तैयारी पूरी
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आजमगढ़। ज्ञान, बुद्धि, कला और संगीत की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती को समर्पित बसंत पंचमी का पर्व आज पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। हरिऔध कला केंद्र में संचालित हरिहरपुर संगीत महाविद्यालय में इसकी तैयारी पूरी कर ली गई हैं।
महाविद्यालय की प्रभारी प्रधानाचार्य डॉ. पूनम श्रीवास्तव ने बताया कि बसंत पंचमी के दिन प्रातः सबसे पहले मां सरस्वती और वाद्य यंत्रों का विधिवत पूजन किया जाएगा। इसके उपरांत संगीत की शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थी सरस्वती वंदना प्रस्तुत करेंगे। वरिष्ठ विद्यार्थियों द्वारा भजन गायन का आयोजन भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह दिन ज्ञान, साधना और कला के प्रति समर्पण का प्रतीक है।
हरिहरपुर घराने के वरिष्ठ कलाकार मोहन मिश्र ने बताया कि यहां पर बसंत पंचमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि संगीत साधना की परंपरा का हिस्सा है। बताया कि पूजा के लिए टेसू के फूल, गेहूं व जौ की बालियां, मटर के फूले हुए पौधे और आम के बौर को कलश में सजाया जाता है। इसके बाद मां सरस्वती को पीले वस्त्रों से अलंकृत कर राग, ताल और छंद के माध्यम से पूजन किया जाता है।
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महाविद्यालय की प्रभारी प्रधानाचार्य डॉ. पूनम श्रीवास्तव ने बताया कि बसंत पंचमी के दिन प्रातः सबसे पहले मां सरस्वती और वाद्य यंत्रों का विधिवत पूजन किया जाएगा। इसके उपरांत संगीत की शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थी सरस्वती वंदना प्रस्तुत करेंगे। वरिष्ठ विद्यार्थियों द्वारा भजन गायन का आयोजन भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह दिन ज्ञान, साधना और कला के प्रति समर्पण का प्रतीक है।
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हरिहरपुर घराने के वरिष्ठ कलाकार मोहन मिश्र ने बताया कि यहां पर बसंत पंचमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि संगीत साधना की परंपरा का हिस्सा है। बताया कि पूजा के लिए टेसू के फूल, गेहूं व जौ की बालियां, मटर के फूले हुए पौधे और आम के बौर को कलश में सजाया जाता है। इसके बाद मां सरस्वती को पीले वस्त्रों से अलंकृत कर राग, ताल और छंद के माध्यम से पूजन किया जाता है।
