आजमगढ़ में तड़तड़ाईं गोलियां: गोकशी में शामिल चार बदमाश गिरफ्तार, पुलिस की कार्रवाई में तीन घायल
Azamgarh News: आजमगढ़ जिले की पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। पुलिस ने चार बदमाशों को गिरफ्तार किया। इनमें से तीन बदमाश पुलिस की कार्रवाई में गोली लगने से घायल हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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आजमगढ़ जनपद के मेहनाजपुर थाना क्षेत्र में बुधवार की रात पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। जिसमें गोकशी की घटना में संलिप्त चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें तीन बदमाश पुलिस की जवाबी फायरिंग में घायल हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
क्या है पूरा मामला
एसपी सिटी मधुबन सिंह ने बताया कि बुधवार की रात ग्राम झिन्झपुर सरैया में प्रतिबंधित पशु के अवशेष मिलने के मामले में संलिप्त बदमाशों की तलाश की जा रही थी। इसी क्रम में देर रात मेहनाजपुर पुलिस क्षेत्र में गश्त और चेकिंग कर रही थी, तभी सूचना मिली कि घटना में शामिल आरोपी सिधौना मार्ग होते हुए मानिकपुर की ओर आ रहे हैं और फिर से वारदात की फिराक में हैं।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी की। खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मसमर्पण की चेतावनी दी, लेकिन बदमाश नहीं माने। इसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस ने नियंत्रित फायरिंग की, जिसमें तीन बदमाशों के पैर में गोली लगी, जबकि एक को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान मोहित उर्फ मोहीद उर्फ मुफीद (निवासी जौनपुर), अमन गोड़, एकलाख उर्फ पतरका और मोबिन उर्फ कलाम (सभी निवासी आजमगढ़) के रूप में हुई है। घायल अभियुक्तों में एकलाख उर्फ पतरका थाना देवगांव का हिस्ट्रीशीटर और गैंगस्टर एक्ट का आरोपी बताया गया है।
पुलिस ने अभियुक्तों के पास से दो अवैध तमंचे (.315 बोर), दो कारतूस, दो खोखा, दो चापड़, एक छूरी और एक रस्सी बरामद की है। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे सुनियोजित तरीके से प्रतिबंधित पशुओं को पकड़कर सुनसान स्थानों पर उनका वध कर मांस की बिक्री करते थे और अवशेषों को छिपाने के लिए नदी-नालों या सिवान में फेंक देते थे। इस मामले में थाना मेहनाजपुर में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।