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Azamgarh News: आजमगढ़ में 1.7 लालगंज में 3.4 मिमी हुई बारिश, पश्चिमी विक्षोभ का अभी 24 घंटे रहेगा असर,
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ठेकमा में सरसो की फसल बटोरता किसान। संवाद
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आजमगढ़। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जिले में मौसम का मिजाज अब भी बदला हुआ है। शुक्रवार की मध्यरात्रि में हुई हल्की बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जिले में औसतन 1.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि लालगंज-देवगांव क्षेत्र में सबसे अधिक 3.4 मिमी बारिश हुई।
मौसम विभाग के अनुसार, इसका असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और अगले 24 घंटे तक तेज हवा के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि बारिश के दौरान तेज हवा नहीं चली, जिससे बड़े नुकसान की आशंका टल गई।
बारिश का असर खेतों में खड़ी गेहूं और सरसों की फसलों पर आंशिक रूप से दिखाई देने लगा है। जिले के कुछ इलाकों में फसल गिरने की खबरें सामने आई हैं, लेकिन अभी तक व्यापक नुकसान नहीं हुआ है। किसान फिलहाल आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं और अगले 24 घंटे को लेकर बेहद सतर्क हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तेज हवा और लगातार बारिश होती है, तो पककर तैयार हो रही फसलों को नुकसान हो सकता है। खासकर गेहूं की बालियां और सरसों की फलियां प्रभावित हो सकती हैं। इधर, मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सुबह-शाम ठंडक बढ़ गई है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे सतर्क रहें और फसलों की निगरानी करते रहें।
सूखी फसल की फूटने लगेंगी बालियां
मौसम परिवर्तन से हुई बारिश का असर खासकर सूखी फसलों पर पड़ेगा। खेतों में सूखकर खड़ी सरसों और गेहूं की बालिया बारिश से भीग गई हैं। मौसम खुलने के बाद तेज धूप और गर्म हवा चली तो सूखी बालियां खेतों में ही फूटने लगेंगी। कृषि विज्ञान केंद्र लेदौरा के अध्यक्ष व कृषि डॉ. एलसी वर्मा ने बताया कि अब जैसे ही मौसम खुले किसान अपनी सूखी हुई फसल की तत्काल कटाई कर मंड़ाई करा लें। अन्यथा देरी करने पर दाने खेत में ही फूटने लगेंगे।
पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम परिवर्तन से पूर्वांचल में हल्की बारिश हुई। आजमगढ़ में 1.7 मिमी बारिश दर्ज की गई तो घोसी मऊ में दो मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं बलिया में 1.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है। रविवार की सुबह तक बारिश के आसार जताए गए हैं। इस दौरान 40 से 50 किमी की गति से तेज हवा के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है। अतुल कुमार सिंह, प्रभारी राज्य मौसम विभाग।
बेमौसम बारिश से गेहूं-सरसों की फसल को नुकसान
सगड़ी। शुक्रवार रात और शनिवार को तेज हवा के साथ हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश से गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा है। खासकर उन किसानों को ज्यादा परेशानी हुई है, जिन्होंने सरसों काटकर मड़ाई के लिए खेत में रखी थी। जिससे मड़ाई का काम ठप हो गया।
बारिश का असर पूरे सगड़ी तहसील क्षेत्र में देखा गया। बोझिया, मालटारी, जीयनपुर, अंजान शहीद, अजमतगढ़, महुलिया, कठैचा, कसौली, बटसरा, भदाव, रामगढ़, पकवाइनार, इमलीपुर, सुंदरसराय बल्लों, करससौली और कालिकापुर समेत कई गांवों में बारिश होने से खेती-किसानी का काम प्रभावित हुआ है। वहीं, जिन किसानों के गेहूं की फसल पककर तैयार हो चुकी है, उन्हें भी नुकसान का डर सता रहा है। तेज हवा और बारिश से गेहूं की बालियों पर असर पड़ने की आशंका है। किसानों का कहना है कि अगर मौसम इसी तरह बना रहा तो नुकसान और बढ़ सकता है। किसान अलगू मौर्य ने बताया कि सरसों की कटाई और मड़ाई का काम तेजी से चल रहा था, लेकिन बारिश ने रफ्तार रोक दी। वहीं भृगुनाथ पटेल ने बताया कि गेहूं की तैयार फसल को भी काफी नुकसान हुआ है।
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मौसम विभाग के अनुसार, इसका असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और अगले 24 घंटे तक तेज हवा के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि बारिश के दौरान तेज हवा नहीं चली, जिससे बड़े नुकसान की आशंका टल गई।
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बारिश का असर खेतों में खड़ी गेहूं और सरसों की फसलों पर आंशिक रूप से दिखाई देने लगा है। जिले के कुछ इलाकों में फसल गिरने की खबरें सामने आई हैं, लेकिन अभी तक व्यापक नुकसान नहीं हुआ है। किसान फिलहाल आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं और अगले 24 घंटे को लेकर बेहद सतर्क हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तेज हवा और लगातार बारिश होती है, तो पककर तैयार हो रही फसलों को नुकसान हो सकता है। खासकर गेहूं की बालियां और सरसों की फलियां प्रभावित हो सकती हैं। इधर, मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सुबह-शाम ठंडक बढ़ गई है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे सतर्क रहें और फसलों की निगरानी करते रहें।
सूखी फसल की फूटने लगेंगी बालियां
मौसम परिवर्तन से हुई बारिश का असर खासकर सूखी फसलों पर पड़ेगा। खेतों में सूखकर खड़ी सरसों और गेहूं की बालिया बारिश से भीग गई हैं। मौसम खुलने के बाद तेज धूप और गर्म हवा चली तो सूखी बालियां खेतों में ही फूटने लगेंगी। कृषि विज्ञान केंद्र लेदौरा के अध्यक्ष व कृषि डॉ. एलसी वर्मा ने बताया कि अब जैसे ही मौसम खुले किसान अपनी सूखी हुई फसल की तत्काल कटाई कर मंड़ाई करा लें। अन्यथा देरी करने पर दाने खेत में ही फूटने लगेंगे।
पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम परिवर्तन से पूर्वांचल में हल्की बारिश हुई। आजमगढ़ में 1.7 मिमी बारिश दर्ज की गई तो घोसी मऊ में दो मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं बलिया में 1.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है। रविवार की सुबह तक बारिश के आसार जताए गए हैं। इस दौरान 40 से 50 किमी की गति से तेज हवा के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है। अतुल कुमार सिंह, प्रभारी राज्य मौसम विभाग।
बेमौसम बारिश से गेहूं-सरसों की फसल को नुकसान
सगड़ी। शुक्रवार रात और शनिवार को तेज हवा के साथ हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश से गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा है। खासकर उन किसानों को ज्यादा परेशानी हुई है, जिन्होंने सरसों काटकर मड़ाई के लिए खेत में रखी थी। जिससे मड़ाई का काम ठप हो गया।
बारिश का असर पूरे सगड़ी तहसील क्षेत्र में देखा गया। बोझिया, मालटारी, जीयनपुर, अंजान शहीद, अजमतगढ़, महुलिया, कठैचा, कसौली, बटसरा, भदाव, रामगढ़, पकवाइनार, इमलीपुर, सुंदरसराय बल्लों, करससौली और कालिकापुर समेत कई गांवों में बारिश होने से खेती-किसानी का काम प्रभावित हुआ है। वहीं, जिन किसानों के गेहूं की फसल पककर तैयार हो चुकी है, उन्हें भी नुकसान का डर सता रहा है। तेज हवा और बारिश से गेहूं की बालियों पर असर पड़ने की आशंका है। किसानों का कहना है कि अगर मौसम इसी तरह बना रहा तो नुकसान और बढ़ सकता है। किसान अलगू मौर्य ने बताया कि सरसों की कटाई और मड़ाई का काम तेजी से चल रहा था, लेकिन बारिश ने रफ्तार रोक दी। वहीं भृगुनाथ पटेल ने बताया कि गेहूं की तैयार फसल को भी काफी नुकसान हुआ है।