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Azamgarh News: बेलइसा आरओबी निर्माण में बाधा बनी चाहरदीवारी ढहाई
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नगर के बेलइसा में दूसरे रेलवे ओवर ब्रिज के निर्माण में बाधा बन रही एक चाहरदीवारी को सेतु निगम के ठेकेदार ने जेसीबी से ढहा दिया।
इस दौरान चाहरदीवारी से सटे एक पुराने मकान का हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे मकान मालिक भड़क उठा और हंगामा शुरू कर दिया। विवाद बढ़ने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मकान मालिक, ठेकेदार व सेतु निगम के एई को पूछताछ के लिए थाने ले गई।
यह घटना मंगलवार शाम को हुई, जब निर्माण में बाधक बनी चाहरदीवारी को हटाया जा रहा था। आजमगढ़-मऊ मुख्य मार्ग पर जाम की समस्या को कम करने के उद्देश्य से 62 करोड़ 51 लाख 80 हजार रुपये की लागत से दूसरे आरओबी का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
बेलइसा की ओर रेलवे की खाली भूमि पर निर्माण कार्य तेजी से हुआ, लेकिन पल्हनी प्राथमिक स्कूल तक निर्माण के बाद 25 मकान निर्माण कार्य में बाधा बन रहे थे। सेतु निगम ने मकान मालिकों को नोटिस जारी कर ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की थी।
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इनमें से 21 लोगों को मुआवजा मिल चुका है और वे अपने मकानों के प्रभावित हिस्सों को स्वयं तुड़वा रहे हैं, जबकि चार लोगों ने मुआवजा लेने से इनकार कर दिया है।
इसी क्रम में, सेतु निगम के एई और ठेकेदार ने मंगलवार शाम करीब साढ़े पांच बजे प्राथमिक स्कूल के समीप आरओबी निर्माण में बाधा बन रही एक मकान की चाहरदीवारी को जेसीबी से गिरा दिया।
इस दौरान चाहरदीवारी से सटे मकान मालिक राम विलास साहू का कुछ हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही राम विलास साहू मौके पर पहुंचे और एई व ठेकेदार से कहासुनी होने लगी।
हंगामे की सूचना पर सिधारी थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामला बढ़ता देख सेतु निगम के एई, ठेकेदार और राम विलास साहू को पूछताछ के लिए थाने ले गई।
सेतु निगम के अधिशासी अभियंता ज्ञानेंद्र वर्मा ने बताया कि आरओबी निर्माण के लिए बीम कास्टिंग का कार्य होना है, जिसमें यह चाहरदीवारी बाधा बन रही थी। जेसीबी ले जाते समय धक्के से दीवार गिर गई।
राम विलास साहू की पत्नी के नाम पर जम्मन 15/4 की भूमि पर बना मकान है, जिसके लिए उन्होंने हाईकोर्ट से स्टे ले रखा है। उन्हें भवन का मुआवजा दिया जा रहा है, लेकिन वे भूमि का मुआवजा मांग रहे हैं, जबकि अन्य लोगों को मुआवजा देकर रजिस्ट्री कराई जा चुकी है। राम विलास साहू बेवजह हंगामा कर निर्माण कार्य में अवरोध उत्पन्न कर रहे हैं।
सिधारी थाना प्रभारी विनय कुमार सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया था। राम विलास साहू से उनके कागजात प्रस्तुत करने को कहा गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि सेतु निगम की कार्रवाई गलत पाई जाती है तो जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद सभी को जाने दिया गया।
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इस दौरान चाहरदीवारी से सटे एक पुराने मकान का हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे मकान मालिक भड़क उठा और हंगामा शुरू कर दिया। विवाद बढ़ने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मकान मालिक, ठेकेदार व सेतु निगम के एई को पूछताछ के लिए थाने ले गई।
यह घटना मंगलवार शाम को हुई, जब निर्माण में बाधक बनी चाहरदीवारी को हटाया जा रहा था। आजमगढ़-मऊ मुख्य मार्ग पर जाम की समस्या को कम करने के उद्देश्य से 62 करोड़ 51 लाख 80 हजार रुपये की लागत से दूसरे आरओबी का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
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बेलइसा की ओर रेलवे की खाली भूमि पर निर्माण कार्य तेजी से हुआ, लेकिन पल्हनी प्राथमिक स्कूल तक निर्माण के बाद 25 मकान निर्माण कार्य में बाधा बन रहे थे। सेतु निगम ने मकान मालिकों को नोटिस जारी कर ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की थी।
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इनमें से 21 लोगों को मुआवजा मिल चुका है और वे अपने मकानों के प्रभावित हिस्सों को स्वयं तुड़वा रहे हैं, जबकि चार लोगों ने मुआवजा लेने से इनकार कर दिया है।
इसी क्रम में, सेतु निगम के एई और ठेकेदार ने मंगलवार शाम करीब साढ़े पांच बजे प्राथमिक स्कूल के समीप आरओबी निर्माण में बाधा बन रही एक मकान की चाहरदीवारी को जेसीबी से गिरा दिया।
इस दौरान चाहरदीवारी से सटे मकान मालिक राम विलास साहू का कुछ हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही राम विलास साहू मौके पर पहुंचे और एई व ठेकेदार से कहासुनी होने लगी।
हंगामे की सूचना पर सिधारी थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामला बढ़ता देख सेतु निगम के एई, ठेकेदार और राम विलास साहू को पूछताछ के लिए थाने ले गई।
सेतु निगम के अधिशासी अभियंता ज्ञानेंद्र वर्मा ने बताया कि आरओबी निर्माण के लिए बीम कास्टिंग का कार्य होना है, जिसमें यह चाहरदीवारी बाधा बन रही थी। जेसीबी ले जाते समय धक्के से दीवार गिर गई।
राम विलास साहू की पत्नी के नाम पर जम्मन 15/4 की भूमि पर बना मकान है, जिसके लिए उन्होंने हाईकोर्ट से स्टे ले रखा है। उन्हें भवन का मुआवजा दिया जा रहा है, लेकिन वे भूमि का मुआवजा मांग रहे हैं, जबकि अन्य लोगों को मुआवजा देकर रजिस्ट्री कराई जा चुकी है। राम विलास साहू बेवजह हंगामा कर निर्माण कार्य में अवरोध उत्पन्न कर रहे हैं।
सिधारी थाना प्रभारी विनय कुमार सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया था। राम विलास साहू से उनके कागजात प्रस्तुत करने को कहा गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि सेतु निगम की कार्रवाई गलत पाई जाती है तो जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद सभी को जाने दिया गया।