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Azamgarh News: इलाज में लापरवाही के कारण काटना पड़ा नवजात का हाथ, तीन डॉक्टरों पर प्राथमिकी

Wed, 05 Aug 2026 01:14 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 05 Aug 2026 01:14 AM IST
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Newborn's arm had to be amputated due to medical negligence; FIR registered against three doctors.
अस्पताल को सील करते हुए। संवाद
कप्तानगंज थाना क्षेत्र के सुरक्षा पाली क्लिनिक और चाइल्ड केयर क्लिनिक से जुड़े डॉ. कन्हैयालाल श्रीवास्तव, डॉ. संतोष अस्थाना और डॉ. मनीष पाण्डेय के खिलाफ चिकित्सकीय लापरवाही में प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि गलत इंजेक्शन और दवाओं के प्रयोग से नवजात की हालत बिगड़ गई, जिससे उसका हाथ काटना पड़ा। पिता की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सीएमओ के निर्देश पर दोनों क्लिनिक सील कर दिए गए हैं।
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शिकायतकर्ता चंद्रकेश यादव ने बताया कि 14 जून को उनकी पत्नी का कप्तानगंज स्थित सुरक्षा पाली क्लिनिक में प्रसव हुआ था। प्रसव के दो दिन बाद नवजात की तबीयत बिगड़ने पर क्लिनिक के बगल में स्थित चाइल्ड केयर क्लीनिक में बच्चे को भेज दिया गया। आरोप है कि इलाज के दौरान गलत इंजेक्शन, दवाओं के प्रयोग और चिकित्सकों की लापरवाही के कारण बच्चे के दाहिने हाथ में गंभीर संक्रमण हो गया। धीरे-धीरे बच्चे की स्थिति बिगड़ती चली गई।
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पिता का आरोप है कि डॉक्टरों ने काफी समय तक बच्चे को गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में रखा और परिजनों को उसकी वास्तविक स्थिति से अवगत नहीं कराया। समय रहते किसी उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर भी नहीं किया। जब बच्चे की हालत ज्यादा गंभीर हो गई तो उसे दूसरे अस्पताल और फिर वहां से लखनऊ के सैनिक अस्पताल में ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने संक्रमण अत्यधिक बढ़ जाने के कारण नवजात का हाथ काटने की सलाह दी। इलाज के बाद बच्चे की जान तो बच गई लेकिन वह दिव्यांग हो गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर कप्तानगंज निवासी डॉ. कन्हैयालाल श्रीवास्तव, डॉ. संतोष अस्थाना और डॉ. मनीष पाण्डेय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
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जांच के लिए टीम गठित करने के निर्देश



सीएमओ डॉ. एनआर वर्मा ने बताया कि जानकारी मिलने पर तत्काल टीम को मौके पर भेजा गया। दोनों क्लिनिक का पंजीकरण था लेकिन आरोपों के आधार पर दोनों अस्पतालों को सील कर दिया गया। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक को पत्र भेजा गया है कि वह टीम का गठन कर अस्पताल में हुए इलाज की जांच कराएं। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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वर्जन

डिलीवरी मेरे यहां हुई थी लेकिन इलाज मेरे यहां नहीं हुआ था। बच्चे को पीलिया की शिकायत थी तो कहा गया था कि किसी चाइल्ड स्पेशलिस्ट के यहां दिखा दीजिए। उसके बाद परिजनों ने किसके यहां बच्चे को दिखाया है, ये जानकारी नहीं हैं। मेरे यहां बच्चे का इलाज नहीं हुआ था। -डॉ. रमणीक श्रीवास्तव, सुरक्षा पाली क्लिनिक।




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मामले में मिली तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जांच उप निरीक्षक गंगा राम को सौंपी गई है जो तथ्य प्रकाश में आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। -प्रदीप कुमार, थानाध्यक्ष कप्तानगंज।
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