UP: SIR रिपोर्ट के बिना संशोधित नहीं होगा बिजली बिल, गड़बड़ी के रोजाना आ रहे 15 से 18 मामले; जानें खास
बिजली बिल में संशोधन को लेकर लगातार शिकायतें आ रही हैं। विभाग ने साफ कर दिया है कि साइट इंस्पेक्शन रिपोर्ट के बिना संशोधन नहीं होगा। अधिशासी अभियंता उपभोक्तों की शिकायत पर जांच के बाद सही बिल दे दिया जाता है।
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UP News: अब शिकायत के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिल में गड़बड़ी तत्काल संशोधित नहीं होगी। इसके लिए साइट इंस्पेक्शन रिपोर्ट (एसआईआर) जरूरी होगी। नई व्यवस्था लागू होने से उपभोक्ताओं में असमंजस में हैं।
जिले के छह विद्युत वितरण खंडों में विभिन्न भार के कुल करीब सात लाख उपभोक्ता हैं। उर्जा निगम के निर्देश के बाद उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाने का काम चल रहा है। इसमें उपभोक्ताओं को बिजली खपत होने की जानकारी और सही बिल मिल सकेगी। स्मार्ट मीटर के साथ आर्मर्ड केबल भी लगाया जा रहा है ताकि बिजली चोरी पर लगाम लग सके, लेकिन कई उपभोक्ता ऐसे हैं जिनके यहां स्मार्ट मीटर लगने के बाद भी बिजली बिल सही नहीं आ रहा है।
इससे वह निगम का चक्कर काटने का मजबूर हैं। अधिकारियों के अनुसार प्रतिदिन हर वितरण खंड में बिजली बिल में गड़बड़ी के दो से तीन मामले आ रहे हैं। इस प्रकार देखें तो छह वितरण खंडों में महीने में 450 से 500 मामले आ रहे हैं। पहले शिकायत के बाद उपभोक्ता का बिजली बिल तुरंत संशोधित हो जाता था लेकिन अब स्मार्ट के उपभोक्ताओं का बिजली बिल एसआईआर रिपोर्ट के बाद ही संशोधित होगा।
शिकायत के बाद विभाग के जेई, एसडीओ मौक पर जाकर सेंक्शन लोड और उपभोग किए जा रहे उपकरणों के लोड का मिलान करेंगे। इसके बाद साइट इंस्पेक्शन रिपोर्ट के आधार पर बिजली बिल का संशोधन होगा। दोनों के मिलान से उपभोक्ता और विभाग के अधिकारियों को यह पता चल सकेगा कि कितने भार का कनेक्शन है और घर में लगे उपकरणों से कितनी बिजली उपयोग की जा रही है। इससे लाइनलॉस और बिजली चोरी पर जहां लगाम लग सकेगा वहीं, उपभोक्ता को सही बिजली बिल मिल सकेगी।
बिजली बिल में गड़बड़ी के हर दिन दो से तीन मामले आ रहे हैं। शिकायत के बाद उसकी जांच कराई जाती है कि उपभोक्ता के यहां कितने भार का कनेक्शन है और कितना बिजली उपयोग हो रहा है। जांच के बाद सही बिजली बिल दी जाती है। - पीके गुप्ता, अधिशासी अभियंता।
