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Azamgarh News: सहबदिया से बरामदपुर तक करीब एक किमी क्षेत्र में कटान तेज
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देवारा क्षेत्र के सहबदिया में कटान करती घाघरा। संवाद
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सगड़ी तहसील क्षेत्र में घाघरा नदी का जलस्तर घटते ही कटान तेज हो गई है। नदी के तटवर्ती गांव सहबदिया, बरामदपुर और हाजीपुर देवारा खास राजा के सामने कटान होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
सहबदिया गांव में गया सिंह पटेल के खेत से पूरब करीब एक किलोमीटर दूर बरामदपुर गांव के सामने तक नदी में कटान कर रही है। लगातार जमीन कटकर नदी में समाने से किसानों को फसल और भूमि बचाने की चिंता सता रही है। बीते 24 घंटों में 15 बिस्वा जमीन नदी की धारा में समाहित हो गई है।
सहबदिया गांव के पुल्लू पटेल, जयसिंह, जगदीश, बगेदन, संतविजय, कोदई और बरामदपुर टेकनपुर गांव के अच्छे लाल, रामहंश, सतिराम, जयद्रथ, जय सिंह और दिनेश पटेल समेत कई किसानों की जमीन लगातार कट रही है।
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सहबदिया के जगदीश, श्रीबल, पुल्लू, जयसिंह, छांगुर, श्रीकिशुन और विंध्याचल के खेत भी कटान की चपेट में हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने से किसानों को बाढ़ का डर सताता है और जैसे ही नदी का पानी थोड़ा घटता है वैसे ही किसानों की बेशकीमती जमीन नदी में समाने लगती है। अपने सामने जमीन को समाते हुए बेबस किसान देखते हैं।
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परकूपाइन, बंबू क्रेट और गेबियन से नहीं थम रही कटान
सिंचाई विभाग की ओर से कटान रोकने के लिए बंबू क्रेट, गेबियन और परकूपाइन लगाए गए हैं, लेकिन किसान इन्हें प्रभावी नहीं मान रहे हैं। किसानों का कहना है कि कटान की रफ्तार को देखते हुए इन उपायों से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद कम है। उन्होंने नदी के किनारे मजबूत कटानरोधी कार्य कराने की मांग की है। उप जिलाधिकारी सगड़ी संजीव कुमार राय ने बताया कि कटान स्थल पर राजस्व कर्मी को भेजकर स्थिति का मुआयना कराया जाएगा। इसकी रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी को भी अवगत कराया जाएगा।
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बदरहुआ में घटा, डिघिया में बढ़ा जलस्तर
बदरहुआ नाले पर बुधवार शाम चार बजे जलस्तर 70.95 मीटर था, जो बृहस्पतिवार को दो सेंटीमीटर घटकर 70.93 मीटर हो गया। यहां खतरा बिंदु 71.68 मीटर है। वहीं डिघिया नाले पर जलस्तर 70.22 मीटर से छह सेंटीमीटर बढ़कर 70.28 मीटर पहुंच गया। यहां खतरा बिंदु 70.40 मीटर है। डिघिया में जलस्तर खतरा बिंदु से महज 12 सेंटीमीटर नीचे है। एक बार फिर नदी के जलस्तर में उफान आने लगा है।
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सहबदिया गांव में गया सिंह पटेल के खेत से पूरब करीब एक किलोमीटर दूर बरामदपुर गांव के सामने तक नदी में कटान कर रही है। लगातार जमीन कटकर नदी में समाने से किसानों को फसल और भूमि बचाने की चिंता सता रही है। बीते 24 घंटों में 15 बिस्वा जमीन नदी की धारा में समाहित हो गई है।
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सहबदिया गांव के पुल्लू पटेल, जयसिंह, जगदीश, बगेदन, संतविजय, कोदई और बरामदपुर टेकनपुर गांव के अच्छे लाल, रामहंश, सतिराम, जयद्रथ, जय सिंह और दिनेश पटेल समेत कई किसानों की जमीन लगातार कट रही है।
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सहबदिया के जगदीश, श्रीबल, पुल्लू, जयसिंह, छांगुर, श्रीकिशुन और विंध्याचल के खेत भी कटान की चपेट में हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने से किसानों को बाढ़ का डर सताता है और जैसे ही नदी का पानी थोड़ा घटता है वैसे ही किसानों की बेशकीमती जमीन नदी में समाने लगती है। अपने सामने जमीन को समाते हुए बेबस किसान देखते हैं।
परकूपाइन, बंबू क्रेट और गेबियन से नहीं थम रही कटान
सिंचाई विभाग की ओर से कटान रोकने के लिए बंबू क्रेट, गेबियन और परकूपाइन लगाए गए हैं, लेकिन किसान इन्हें प्रभावी नहीं मान रहे हैं। किसानों का कहना है कि कटान की रफ्तार को देखते हुए इन उपायों से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद कम है। उन्होंने नदी के किनारे मजबूत कटानरोधी कार्य कराने की मांग की है। उप जिलाधिकारी सगड़ी संजीव कुमार राय ने बताया कि कटान स्थल पर राजस्व कर्मी को भेजकर स्थिति का मुआयना कराया जाएगा। इसकी रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी को भी अवगत कराया जाएगा।
बदरहुआ में घटा, डिघिया में बढ़ा जलस्तर
बदरहुआ नाले पर बुधवार शाम चार बजे जलस्तर 70.95 मीटर था, जो बृहस्पतिवार को दो सेंटीमीटर घटकर 70.93 मीटर हो गया। यहां खतरा बिंदु 71.68 मीटर है। वहीं डिघिया नाले पर जलस्तर 70.22 मीटर से छह सेंटीमीटर बढ़कर 70.28 मीटर पहुंच गया। यहां खतरा बिंदु 70.40 मीटर है। डिघिया में जलस्तर खतरा बिंदु से महज 12 सेंटीमीटर नीचे है। एक बार फिर नदी के जलस्तर में उफान आने लगा है।