UP में बन रही थी जाली नोट: 1.19 लाख की नकली मुद्रा...आठ अरेस्ट, लैपटॉप-प्रिंटर, उपकरण व कार बरामद; सरगना भागा
Azamgarh News: उत्तर प्रदेश की आजमगढ़ पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ पहले भी चोरी सहित अन्य मामले में प्राथमिकी दर्ज है। गिरोह का सरगना फरार बताया जा रहा है।
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UP News: आजमगढ़ के रौनापार थाने की पुलिस ने जाली करेंसी बनाने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे से 1.19 लाख रुपये की जाली मुद्रा, जाली नोट छापने के उपकरण, लैपटॉप, प्रिंटर, एक कार और सात मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि क्षेत्राधिकारी सगड़ी के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष मंतोष सिंह की टीम क्षेत्र में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि टेकनपुर पुलिया के पास एक सफेद कार में कुछ लोग जाली नोटों का लेन-देन कर रहे हैं।
सूचना के आधार पर पुलिस की तीन टीमों ने घेराबंदी कर नितिन सिंह उर्फ भोला, ऋषिकेश सिंह उर्फ शनि, अभिषेक सिंह उर्फ कान्हा, आदित्य सिंह उर्फ चंकी, शिवम सिंह उर्फ विदुर, मुन्ना पांडेय समेत छह लोगों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और उनकी निशानदेही पर पुलिस ने बाद में ग्राम जगदीशपुर से मनोज कुमार और रुद्र पांडेय को भी जाली नोट बनाने में प्रयुक्त उपकरणों के साथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस ने की कार्रवाई
लैपटॉप-प्रिंटर से छापते थे जाली नोट
आजमगढ़। एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह का सरगना मनीष मिश्रा है, जो लैपटॉप और प्रिंटर की मदद से ए-4 साइज पेपर पर जाली नोट प्रिंट कराता था। इसके बाद पेपर कटर से उन्हें असली नोट के आकार में काटा जाता था।
आरोपी जाली नोटों को असली नोटों की गड्डियों के बीच रखकर बाजार, दुकानों और लेन-देन के दौरान चलाते थे, जिससे सामान्य लोग आसानी से पहचान नहीं कर पाते थे। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
ये सामान हुआ बरामद : एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि आरोपियों के पास से एक सफेद कार, 1.19 लाख रुपये की जाली मुद्रा, ए-4 साइज पेपर पर छपे नकली नोट, प्रिंटर, लैपटॉप, की-बोर्ड-माउस, पेपर कटर, इंक की बोतलें, डिस्क ड्राइव, डीवीडी ड्राइव और सात मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
