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Azamgarh News: हत्या के दोषियों को आजीवन सश्रम कारावास
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विशेष न्यायाधीश ओम प्रकाश मिश्रा की अदालत ने हत्या के मामले में दिनेश यादव और लालमन यादव को दोषी करार दिया। साथ ही दोनों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। अदालत ने जुर्माने की आधी राशि मृतक के परिवार को देने का आदेश दिया है। वहीं, पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में एक को आरोपमुक्त कर दिया गया। मुकदमे के दौरान एक अन्य आरोपी की मौत हो चुकी है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, नौ सितंबर 2017 की शाम दीदारगंज थाना क्षेत्र के डिघिया निवासी दिनेश यादव और लालमन यादव फूलपुर थाना क्षेत्र के भेड़िया (चक अल्ला) गांव निवासी ऋषिकांत को घर से बुलाकर ले गए थे। रात करीब डेढ़ बजे पुलिस की 100 नंबर सेवा और एंबुलेंस डिघिया पहुंची। बाद में पता चला कि दिनेश, लालमन, रामलोचन और रामदेव ने ऋषिकांत की पिटाई की है। इससे उसकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान रामलोचन की मृत्यु हो गई थी। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने न्यायालय में छह गवाहों का परीक्षण कराया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दिनेश यादव और लालमन यादव को हत्या का दोषी पाया। वहीं, रामदेव को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में आरोपमुक्त करार दिया।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार, नौ सितंबर 2017 की शाम दीदारगंज थाना क्षेत्र के डिघिया निवासी दिनेश यादव और लालमन यादव फूलपुर थाना क्षेत्र के भेड़िया (चक अल्ला) गांव निवासी ऋषिकांत को घर से बुलाकर ले गए थे। रात करीब डेढ़ बजे पुलिस की 100 नंबर सेवा और एंबुलेंस डिघिया पहुंची। बाद में पता चला कि दिनेश, लालमन, रामलोचन और रामदेव ने ऋषिकांत की पिटाई की है। इससे उसकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।
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मुकदमे की सुनवाई के दौरान रामलोचन की मृत्यु हो गई थी। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने न्यायालय में छह गवाहों का परीक्षण कराया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दिनेश यादव और लालमन यादव को हत्या का दोषी पाया। वहीं, रामदेव को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में आरोपमुक्त करार दिया।
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