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Azamgarh News: एमएलसी ने मूल्यांकन केंद्रों का जायजा लिया, शिक्षकों से की बात
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जीजीआईसी में मूल्यांकन कर रहे शिक्षकों से मिलते एमएलसी ध्रुव त्रिपाठी। श्रोत-शिक्षक संगठन
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आजमगढ़। शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने मंगलवार को जनपद के तीन मूल्यांकन केंद्रों शिब्ली नेशनल इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज एवं राजकीय इंटर कॉलेज जमुड़ी का दौरा कर हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर रहे शिक्षकों से संपर्क किया।
इस दौरान उन्होंने संगठन की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए लंबित मांगों के निस्तारण तक संघर्ष जारी रखने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने धारा 12, धारा 18 एवं धारा 21 को समाप्त कर शिक्षकों का शोषण करने का जो प्रयास किया है, उसे संघर्ष के बल पर वापस कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों की सुरक्षा व्यवस्था की कवच मानी जाने वाली धारा 21 को निष्क्रिय किए जाने से प्रबंधतंत्र मनमानी कर रहा है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ध्रुव त्रिपाठी ने कहा कि संगठन के संघर्ष के बल पर शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा और विषय विशेषज्ञों की पुरानी पेंशन बहाली का शासनादेश जारी हुआ है। इसी तरह सभी शिक्षकों की पुरानी पेंशन बहाली भी संगठन का मुख्य मुद्दा है और इसके लिए आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
उन्होंने कहा कि वित्तविहीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन दिलाना भी संगठन की प्राथमिकता है। साथ ही कार्यवाहक प्रधानाचार्यों को प्रधानाचार्य पद का वेतन दिलाने का मुद्दा भी प्रमुख रूप से उठाया जा रहा है।
जिलाध्यक्ष बृजेश राय एवं जिलामंत्री विजय कुमार सिंह ने कहा कि संगठन शिक्षकों की पदोन्नति, पुरानी पेंशन, वित्तविहीन शिक्षकों के समान वेतन सहित अन्य मांगों को लेकर संघर्ष के लिए तैयार है।
इसके लिए सभी शिक्षकों से एकजुट होकर संगठन को मजबूत बनाने की अपील की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे। मूल्यांकन केंद्रों पर शिक्षकों ने उत्साह के साथ नारे भी लगाए और शिक्षक एकता पर बल दिया।
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इस दौरान उन्होंने संगठन की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए लंबित मांगों के निस्तारण तक संघर्ष जारी रखने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने धारा 12, धारा 18 एवं धारा 21 को समाप्त कर शिक्षकों का शोषण करने का जो प्रयास किया है, उसे संघर्ष के बल पर वापस कराया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि शिक्षकों की सुरक्षा व्यवस्था की कवच मानी जाने वाली धारा 21 को निष्क्रिय किए जाने से प्रबंधतंत्र मनमानी कर रहा है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ध्रुव त्रिपाठी ने कहा कि संगठन के संघर्ष के बल पर शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा और विषय विशेषज्ञों की पुरानी पेंशन बहाली का शासनादेश जारी हुआ है। इसी तरह सभी शिक्षकों की पुरानी पेंशन बहाली भी संगठन का मुख्य मुद्दा है और इसके लिए आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
उन्होंने कहा कि वित्तविहीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन दिलाना भी संगठन की प्राथमिकता है। साथ ही कार्यवाहक प्रधानाचार्यों को प्रधानाचार्य पद का वेतन दिलाने का मुद्दा भी प्रमुख रूप से उठाया जा रहा है।
जिलाध्यक्ष बृजेश राय एवं जिलामंत्री विजय कुमार सिंह ने कहा कि संगठन शिक्षकों की पदोन्नति, पुरानी पेंशन, वित्तविहीन शिक्षकों के समान वेतन सहित अन्य मांगों को लेकर संघर्ष के लिए तैयार है।
इसके लिए सभी शिक्षकों से एकजुट होकर संगठन को मजबूत बनाने की अपील की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे। मूल्यांकन केंद्रों पर शिक्षकों ने उत्साह के साथ नारे भी लगाए और शिक्षक एकता पर बल दिया।