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UP News: सऊदी गए थे सपने पालने, बन गए लाचार, श्रमिकों ने लगाई वतन वापसी की गुहार; दाने-दाने मोहताज

अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sun, 01 Feb 2026 05:47 AM IST
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सार

Azamgarh News: यूपी के आजमगढ़ के 161 मजदूर सऊदी अरबिया में परेशानी के बीच जीवनयापन कर रहे हैं। अपने घर से पैसे मंगा रहे हैं, क्योंकि उन्हें खाने के लिए भी तरसना पड़ रहा है। सोशल मीडिया के माध्यम से श्रमिकों ने वतन वापसी की गुहार सरकार से लगाई है।

Saudi Arabia to pursue dreams ended up helpless migrant workers plead for repatriation
अपनों के इंतजार में श्रमिकों के परिजन। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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UP News: सऊदी अरबिया के अबहा शहर में भारत के 161 श्रमिक फंसे पड़े हैं। कंपनी ने तीन माह से न तो वेतन दिया है और नहीं खुराकी का एक भी रुपया। हाल यह है कि सपने साकार करने को विदेश गए श्रमिक घर से रुपये मंगाकर अपना पेट पाल रहे हैं। इस समय दाने-दाने को मोहताज श्रमिकों ने भारत सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सकुशल वतन वापसी की गुहार लगाई है। इसमें आजमगढ़ जिले के चार युवक भी फंसे पड़े हुए हैं।

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दिसंबर 2024 में कुढ़ई गांव का जयसिंह साहनी सऊदी अरबिया गया था। वहां पर अलीसार कांट्रेक्शन कंपनी में पेंटिंग का काम करना था। पहले से तय था कि छह माह के बाद उनका वीजा रीनिवल करा दिया जाएगा। करीब छह माह तक तो सब ठीक-ठाक चला। 
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इस दौरान कंपनी की तरफ से 1300 बेसिक मजदूरी और 300 रियाल खुराकी के प्रतिमाह दिए गए। जैसे ही छह माह बीते कि कंपनी ने भारत के ऐसे 161 श्रमिकों की मजदूरी रोक दी। जब श्रमिकों ने कंपनी से बात की तो उन्हें टाल दिया गया। इस दौरान मिले पैसे को श्रमिक अपने घर भेजते रहे। 

परेशान हैं मजदूर

आज बीते तीन माह से कंपनी ने एक फूटी कौड़ी भी श्रमिकों को नहीं दिया। बस श्रमिक कंपनी के क्वार्टर में रह तो रहे हैं पर अपना पेट पालने के लिए घर से रुपये मंगाकर अपना काम चला रहे हैं। जयसिंह साहनी ने बताया कि वे अपनी समस्या को लेकर सऊदी अरबिया के लेबर कोर्ट, पुलिस थाने भी गए पर वहां भी कोई सुनवाई नहीं हुई। 

इधर, महाराजगंज थाना क्षेत्र के कुढ़ई गांव में उसकी पत्नी नीलम तीन बच्चों को लेकर पति के सलीमती की दुआ कर रही है। उसके घर की माली हालत ठीक नहीं है। पांच भाइयों में जयसिंह तीसरे नंबर पर है और परिवार से अलग रहता है। पति के सऊदी में फंसे होने से घर पर पत्नी और तीन बच्चों का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। पत्नी नीलम ने बताया कि पति से बात हो रही है, खर्च के लिए यहां से मोबाइल पर पैसे भेजे जाते हैं। सरकार से अपील है कि जल्द पति की सकुशल वापसी कराए।

इसी प्रकार रौनापार थाना क्षेत्र के गोड़ियाना अराजी देवारा नैनीजोर गांव निवासी योगेंद्र साहनी रोजी-रोटी की तलाश में सऊदी अरब गया था, लेकिन चार माह बाद ही कंपनी में काम बंद हो जाने से वह बीते कई महीनों से बेरोजगार बैठा है। काम बंद होने के बाद से योगेंद्र और उसके परिवार की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। 

योगेंद्र के परिवार की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। घर पर उसके पिता राम वचन साहनी, माता किसवा देवी, छोटा भाई दीपक साहनी, भाभी अंजनी (पत्नी सुरेंद्र), पिंकी (पत्नी सोनू) और छोटे-छोटे बच्चे रहते हैं। परिवार की आर्थिक हालत पहले से ही कमजोर है। योगेंद्र के दो भाई सोनू और सुरेंद्र भी रोजी-रोटी के लिए बाहर काम करने गए हुए हैं। मां किसवा देवी ने बताया कि दो दिन पहले बेटे से बात हुई थी। वह लगभग तेरह माह से सऊदी अरब में है, लेकिन सिर्फ चार माह ही काम मिला। इसके बाद से वह खाली बैठा है। वहीं पिता और भाई ने बताया कि बेटे को खाने-पीने के खर्च के लिए चार दिन पहले 5000 रुपये भेजे गए हैं।

उधर, सुरहन मार्टीनगंज के घनश्याम राजभर 18 नंबर 2023 में सऊदी अरबिया गए थे। पत्नी सविता ने बताया कि उसके पति को दो वर्ष हो गए हैं। यहां उनकी दो बच्चियां हैं। वह सुरहन गांव में सास-ससुर और दो बेटियों के साथ रहती है। वहीं बनगांव मार्टिनगंज निवासी सोनू बीते छह वर्षों से सऊदी में रहता है। घर पर पत्नी सरिता देवी, मां दुर्गावती सहित तीन बच्चियां हैं। पिता हरिनाथ ने बताया कि मोनू सऊदी रहता है। दो दिन पूर्व उससे बात हुई थी।

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