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Baghpat News: नहर की पटरी टूटने से 60 बीघा फसल जलमग्न
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-खेतों में पानी भरने से गेहूं की फसल नष्ट होने के कगार पर पहुंची
फोटो-तीन
संवाद न्यूज एजेंसी
रटौल। कस्बे से निकल रही पूर्वी यमुना नहर की पटरी टूटने से 60 बीघा फसल जलमग्न हो गई है। खेतों में पानी भरने से गेहूं की फसल नष्ट होने के कगार पर पहुंच गई। इससे किसानों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
किसान पप्पू, उस्मान, हबीब, टप्पल ने बताया कि पूर्वी यमुना नहर पर मरम्मत कार्य के बाद नहर में किसानों की मांग के बाद पानी छोड़ा गया। पानी अधिक आने के कारण उस्मान के खेत के पास नहर की पटरी टूट गई। इससे कई किसानों की लगभग 60 बीघा फसल में पानी भर गया और खेतों में गेहूं की फसल खड़ी है। पानी भरने से फसल को नुकसान पहुंचा है। किसानों ने नहर टूटने की सूचना सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी, लेकिन कोई अधिकारी व कर्मचारी नहीं पहुंचा। इसके बाद किसानों ने खुद ही पटरी को ठीक किया। उन्होंने अधिकारियों से मुआवजा दिलाने की मांग की है। वहीं सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता रजनीश कुमार ने बताया कि पटरी टूटने की जानकारी मिलने के बाद कर्मचारी भेजे गए थे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रटौल। कस्बे से निकल रही पूर्वी यमुना नहर की पटरी टूटने से 60 बीघा फसल जलमग्न हो गई है। खेतों में पानी भरने से गेहूं की फसल नष्ट होने के कगार पर पहुंच गई। इससे किसानों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
किसान पप्पू, उस्मान, हबीब, टप्पल ने बताया कि पूर्वी यमुना नहर पर मरम्मत कार्य के बाद नहर में किसानों की मांग के बाद पानी छोड़ा गया। पानी अधिक आने के कारण उस्मान के खेत के पास नहर की पटरी टूट गई। इससे कई किसानों की लगभग 60 बीघा फसल में पानी भर गया और खेतों में गेहूं की फसल खड़ी है। पानी भरने से फसल को नुकसान पहुंचा है। किसानों ने नहर टूटने की सूचना सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी, लेकिन कोई अधिकारी व कर्मचारी नहीं पहुंचा। इसके बाद किसानों ने खुद ही पटरी को ठीक किया। उन्होंने अधिकारियों से मुआवजा दिलाने की मांग की है। वहीं सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता रजनीश कुमार ने बताया कि पटरी टूटने की जानकारी मिलने के बाद कर्मचारी भेजे गए थे।
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