उत्तर प्रदेश के बागपत में हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने से करोड़ों रुपये की फसल बर्बाद हो गई है। जिससे किसानों के सामने पशुओं के चारे का संकट खड़ा हो गया है और भूसे से काम चलाना पड़ रहा है। वहीं जवाहर नवोदय विद्यालय के अंदर भी पानी घुस गया है, जिससे विद्यालय की छुट्टी कर दी गई है। हिंडन का पानी अन्य कई गांवों में घुसा हुआ है।
हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने से सरफाबाद में जवाहर नवोदय विद्यालय के परिसर में पहुंच गया है। जिससे सुरक्षा की दृष्टि से प्रधानाचार्य दुष्यंत कुमार ने छात्रों को पांच दिन का अवकाश देकर घर जाने के लिए कहा है। सरफाबाद गांव तक पानी पहुंचने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ती जा रही है।
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Flood in baghpat
- फोटो : Amar Ujala
इसके अलावा ललियाना, नवादा, गढ़ी कलंजरी गांव में भी जलस्तर बढ़ने से हजारों बीघा फसल जलमग्न हो गई, जिससे किसानों को करोड़ों का नुकसान हुआ है। सरफाबाद के ग्राम प्रधान कोमल ने हिंडन नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर रहने को कहा है।
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ग्रामीणों का मानना है कि जब से गढ़ी कलंजरी में हिंडन नदी पर पुल बना है, तभी से हिंडन के पानी का दबाव सरफाबाद, गढ़ी कलजंरी गांवों की तरफ ज्यादा रहता है। किसानों ने फसल बर्बाद होने पर प्रशासन से मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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हरसिया गांव में 600 बीघा से ज्यादा में फसल डूबी
हरसिया गांव में भी हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने से किसानों की परेशानी बढ़ी हुई है। वहां के रघुवीर, अजय, बीरपाल, जिले सिंह, रामफल आदि किसानों ने बताया कि हिंडन के पानी से खेतों में खड़ी फसल डूब चुकी है। गांव के 80 किसानों की 600 बीघा में लोकी, भिंडी, खीरा, धान, ज्वार, गन्ने की फसल डूब चुकी है। जिससे वह फसल नष्ट होती दिख रही है।
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- फोटो : Amar Ujala
बताया कि इस तरह ही हिंडन नदी का जलस्तर 1978 में बढ़ा था। जिससे किसान भुखमरी के कगार पर पहुंच गए थे। किसानों ने नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे की मांग की।