Baghpat: मांझे की चपेट में आया बाइक सवार, गर्दन कटी, अस्पताल में भर्ती, गाजियाबाद से लौटते समय हुआ हादसा
बागपत के विनयपुर निवासी 40 वर्षीय दिलशाद की गाजियाबाद से लौटते समय बंधला के पास पतंग के मांझे से गर्दन कट गई। गंभीर हालत में दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में उपचार कराया गया।
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बागपत के रटौल थाना क्षेत्र के विनयपुर निवासी 40 वर्षीय युवक पतंग के मांझे की चपेट में आने से घायल हो गया। गाजियाबाद से बाइक पर घर लौटते समय बंधला के पास मांझे से उसकी गर्दन कट गई। राहगीरों ने उसे तत्काल पास के नर्सिंग होम में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर परिजन उसे दिल्ली के जीटीबी अस्पताल ले गए, जहां उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी गई।गाजियाबाद से बाइक पर लौट
रहा था युवक
विनयपुर निवासी 40 वर्षीय दिलशाद पुत्र समयदीन किसी काम से बाइक से गाजियाबाद गया था। वापस लौटते समय बंधला गाजियाबाद के पास अचानक वह पतंग के मांझे की चपेट में आ गया। मांझा गर्दन में फंसने से उसकी गर्दन कट गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
राहगीरों ने पहुंचाया अस्पताल
हादसा होते ही आसपास मौजूद राहगीरों ने दिलशाद को घायल हालत में देखा और उसे तत्काल पास के नर्सिंग होम में भर्ती कराया। गर्दन पर गहरा घाव होने के कारण उसकी हालत गंभीर बताई गई। इसके बाद परिजन उसे दिल्ली के जीटीबी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसका उपचार किया। उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
चीनी मांझे की बिक्री पर कार्रवाई की मांग
घटना के बाद गांव के नवीन, अतुल, शारुख आदि लोगों ने प्रशासन से पतंग के प्रतिबंधित मांझे की बिक्री करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर इस तरह के मांझे की चपेट में आने से राहगीरों की जान को खतरा बना रहता है। उन्होंने ऐसे मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की।