Baghpat: ललियाना में रैबीज से युवक की मौत के बाद दहशत, 30 लोगों ने लगवाए एंटी रैबीज इंजेक्शन
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बागपत के ललियाना गांव में 35 वर्षीय अनीश की रैबीज से मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। मंगलवार को मृतक के परिजनों समेत करीब 30 लोग रटौल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगवाए। ग्रामीणों का कहना था कि मृतक के संपर्क में आने के बाद उन्हें भी संक्रमण का डर है। हालांकि स्वास्थ्यकर्मी ने स्पष्ट किया कि रैबीज सामान्य संपर्क से नहीं फैलता।
तीन महीने पहले कुत्ते ने काटा था, सोमवार को हुई मौत
ललियाना गांव निवासी नवाब के 35 वर्षीय बेटे अनीश को करीब तीन महीने पहले कुत्ते ने काट लिया था। परिजनों के अनुसार, इसके बाद उसमें रैबीज के लक्षण विकसित हुए और सोमवार को उसकी मौत हो गई। युवक की मौत की खबर फैलते ही गांव में लोगों के बीच संक्रमण को लेकर चिंता बढ़ गई।
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परिजन समेत 30 लोग पहुंचे पीएचसी
मंगलवार को अनीश के परिजन और आसपास के लोग रटौल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां मुनीशा, साहजाहा, मोईन, गुलशन, नईम, आमिर, मोहम्मद, शहनवाज और इरशाद समेत करीब 30 लोगों ने एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगवाए। ग्रामीणों का कहना था कि जो लोग अनीश के संपर्क में आए हैं, उन्हें भी सुरक्षा के लिए इंजेक्शन लगवाना चाहिए। इसी आशंका के चलते वे स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे।
स्वास्थ्यकर्मी ने कहा- संपर्क से नहीं फैलता रैबीज
रटौल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के फार्मासिस्ट प्रविंद्र ने बताया कि रैबीज केवल किसी संक्रमित व्यक्ति को छूने या सामान्य संपर्क में आने से नहीं फैलता। उन्होंने कहा कि आम तौर पर संक्रमित पशु के काटने या खरोंच के माध्यम से संक्रमण का खतरा होता है। उन्होंने बताया कि इसके बावजूद स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे सभी लोगों को एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगाए गए।
मौत के बाद ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
अनीश की मौत के बाद गांव में रैबीज को लेकर भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीण अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और सावधानी के तौर पर स्वास्थ्य केंद्र पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्यकर्मियों की ओर से लोगों को संक्रमण के वास्तविक जोखिम और बचाव के तरीकों की जानकारी भी दी जा रही है।